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Prayagraj News: कर्णावती नदी में डेढ़ किमी दूर दोनों किशोरियों के मिले शव
Wed, 02 Sep 2026 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:48 AM IST
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फोटो कैप्शन: मांडा : मृतका शुभी मिश्रा की फाइल फोटो।
कर्णावती नदी में सोमवार को डूबीं शुभी मिश्रा (14) और अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी (14) की तलाश में मंगलवार सुबह परिजनों ने प्रशासन का इंतजार नहीं किया। दो टोलियों में बंटकर नदी के दोनों किनारों से बढ़ते गए।
करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चपरतला गांव के सामने एक टोली को नदी में अंकिता के बाल और कपड़े दिखाई दिए, तो दूसरी टोली को कुछ ही दूरी पर शुभी का हाथ पानी से बाहर निकला मिला। दोपहर में डेंगुरपुर गंगा घाट पर एक साथ दोनों की चिताएं जलीं।
सोमवार सुबह 11 बजे कजरी पर्व पर जौ की जरई डुबाने कर्णावती नदी पहुंची पांच किशोरियां तेज बहाव की चपेट में आ गई थीं। ग्रामीणों ने तीन किशोरियों को बचा लिया था, जबकि शुभी और अंकिता लापता हो गई थीं। पीएसी की बाढ़ राहत टीम ने देर शाम तक नदी में तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका था।
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मंगलवार सुबह अंकिता के पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल, शुभी के चाचा छोटकऊ मिश्र और परिवार के अन्य सदस्य एवं पड़ोसी नदी के पास पहुंचे। चपरतला गांव के सामने करीब 7:30 बजे नदी के दाहिने किनारे पर परिजनों को पानी के ऊपर अंकिता के बाल और कपड़े दिखाई दिए। वहीं दूसरी टोली को बाएं किनारे पर शुभी का हाथ पानी से बाहर निकला मिला। परिजनों ने दोनों शवों को बाहर निकाला और घर ले गए।
शव घर पहुंचते ही मां सोनी और बहनों श्रेया, सृष्टि, हर्षिता व अर्चिता की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। सूचना पर थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा और तहसीलदार मेजा पवन सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया, लेकिन परिजनों ने इन्कार कर दिया।
दो घंटे से अधिक समय तक समझाने के बाद भी परिजन तैयार नहीं हुए। एसीपी मेजा बृजेश पाठक ने बताया कि परिजनों के इन्कार के बाद पंचायतनामा की कार्रवाई कर शव उन्हें सौंप दिए गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे डेंगुरपुर गंगा घाट पर दोनों किशोरियों की अलग-अलग चिताएं बनाई गईं।
अंकिता के पिता राजेश तिवारी और घटना की सूचना पर नासिक से लौटे शुभी के पिता शैलेंद्र मिश्र ने नम आंखों से बेटियों को मुखाग्नि दीं। इस दौरान भाजपा नेता इंद्रदेव उर्फ राजू शुक्ल, डॉ. रविशंकर पांडेय, प्रधान रविंद्र शुक्ल और कमलेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
दो बेटियों की मौत से सहमा मोहल्ला
कजरी पर्व पर जिस सुरवां दलापुर मोहल्ले में बेटियां जरई डुबोने की तैयारी में जुटी थीं, वहां दो किशोरी की मौत के बाद मातम पसरा है। पूर्व प्रधान कमलेश तिवारी ने बताया कि घटना के समय मोहल्ले की कई बेटियां कर्णावती नदी पर जरई डुबोने के लिए मौजूद थीं। हादसे के बाद से सभी भयभीत हैं। दो किशोरी की मौत से मोहल्ले के ज्यादातर घरों में शोक है।
पहले पत्नी और माता-पिता को खोया, अब बेटी की मौत से टूटे राजेश
अंकिता के पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल निजी स्कूल में शिक्षक हैं। वह पहले ही पत्नी और माता-पिता की मौत का गम झेल चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले पत्नी निर्मला का निधन हुआ था। इसके दो माह के भीतर राजेश के माता-पिता की भी मौत हो गई। इसके बाद तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी राजेश ने अकेले संभाली। मंगलवार सुबह नदी में अंकिता का शव मिलने के बाद वह बदहवास नजर आए। दोपहर में डेंगुरपुर गंगा घाट पर बेटी को मुखाग्नि देते समय उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
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करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चपरतला गांव के सामने एक टोली को नदी में अंकिता के बाल और कपड़े दिखाई दिए, तो दूसरी टोली को कुछ ही दूरी पर शुभी का हाथ पानी से बाहर निकला मिला। दोपहर में डेंगुरपुर गंगा घाट पर एक साथ दोनों की चिताएं जलीं।
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सोमवार सुबह 11 बजे कजरी पर्व पर जौ की जरई डुबाने कर्णावती नदी पहुंची पांच किशोरियां तेज बहाव की चपेट में आ गई थीं। ग्रामीणों ने तीन किशोरियों को बचा लिया था, जबकि शुभी और अंकिता लापता हो गई थीं। पीएसी की बाढ़ राहत टीम ने देर शाम तक नदी में तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका था।
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मंगलवार सुबह अंकिता के पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल, शुभी के चाचा छोटकऊ मिश्र और परिवार के अन्य सदस्य एवं पड़ोसी नदी के पास पहुंचे। चपरतला गांव के सामने करीब 7:30 बजे नदी के दाहिने किनारे पर परिजनों को पानी के ऊपर अंकिता के बाल और कपड़े दिखाई दिए। वहीं दूसरी टोली को बाएं किनारे पर शुभी का हाथ पानी से बाहर निकला मिला। परिजनों ने दोनों शवों को बाहर निकाला और घर ले गए।
शव घर पहुंचते ही मां सोनी और बहनों श्रेया, सृष्टि, हर्षिता व अर्चिता की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। सूचना पर थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा और तहसीलदार मेजा पवन सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया, लेकिन परिजनों ने इन्कार कर दिया।
दो घंटे से अधिक समय तक समझाने के बाद भी परिजन तैयार नहीं हुए। एसीपी मेजा बृजेश पाठक ने बताया कि परिजनों के इन्कार के बाद पंचायतनामा की कार्रवाई कर शव उन्हें सौंप दिए गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे डेंगुरपुर गंगा घाट पर दोनों किशोरियों की अलग-अलग चिताएं बनाई गईं।
अंकिता के पिता राजेश तिवारी और घटना की सूचना पर नासिक से लौटे शुभी के पिता शैलेंद्र मिश्र ने नम आंखों से बेटियों को मुखाग्नि दीं। इस दौरान भाजपा नेता इंद्रदेव उर्फ राजू शुक्ल, डॉ. रविशंकर पांडेय, प्रधान रविंद्र शुक्ल और कमलेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
दो बेटियों की मौत से सहमा मोहल्ला
कजरी पर्व पर जिस सुरवां दलापुर मोहल्ले में बेटियां जरई डुबोने की तैयारी में जुटी थीं, वहां दो किशोरी की मौत के बाद मातम पसरा है। पूर्व प्रधान कमलेश तिवारी ने बताया कि घटना के समय मोहल्ले की कई बेटियां कर्णावती नदी पर जरई डुबोने के लिए मौजूद थीं। हादसे के बाद से सभी भयभीत हैं। दो किशोरी की मौत से मोहल्ले के ज्यादातर घरों में शोक है।
पहले पत्नी और माता-पिता को खोया, अब बेटी की मौत से टूटे राजेश
अंकिता के पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल निजी स्कूल में शिक्षक हैं। वह पहले ही पत्नी और माता-पिता की मौत का गम झेल चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले पत्नी निर्मला का निधन हुआ था। इसके दो माह के भीतर राजेश के माता-पिता की भी मौत हो गई। इसके बाद तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी राजेश ने अकेले संभाली। मंगलवार सुबह नदी में अंकिता का शव मिलने के बाद वह बदहवास नजर आए। दोपहर में डेंगुरपुर गंगा घाट पर बेटी को मुखाग्नि देते समय उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

फोटो कैप्शन: मांडा : मृतका शुभी मिश्रा की फाइल फोटो।

फोटो कैप्शन: मांडा : मृतका शुभी मिश्रा की फाइल फोटो।