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गोलमाल: 12 वीं पढ़ता है सात का छात्र बनाया
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:43 PM IST
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12वीं के छात्र का दाखिला सात में
बस्ती।
रसोइया बनाने के लिए हेड मास्टर ने कक्षा 12 के छात्र का दाखिला सात में कर दिया है। मामला कुदरहा ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसावं का है। बीएसए एमपी वर्मा ने बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम से भी इसकी शिकायत की गई है।
पूर्व रसोइया बादामा ने बताया कि वह पिछले 10 साल से स्कूल में रसोइया का काम कर रही है। परसावं के हेडमास्टर ने पहले उसके पुत्र का नाम स्कूल से काट दिया मगर बीईओ के हस्तक्षेप के बाद नाम लिख दिया। साथ ही उसे रसोइया के पद से हटा दिया और उसके स्थान पर सरोजा नामक रसोइया से काम लेना शुरू कर दिया। जबकि सरोजा का पुत्र कक्षा 12 का छात्र है मगर हेडमास्टर ने उसका नाम कक्षा सात में दर्ज कर दिया ताकि सरोजा को रसोइया का पद मिल सके। नियमानुसार उसी को रसोइया बनाया जाता है, जिसके बच्चे का दाखिला उसी स्कूल में होता है, जहां से रसोइया का चयन होना होता है। बताया कि किसी तरह परिवार का भरण-पोषण हो रहा था, वह जरिया भी हेडमास्टर ने छीन लिया।
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बस्ती।
रसोइया बनाने के लिए हेड मास्टर ने कक्षा 12 के छात्र का दाखिला सात में कर दिया है। मामला कुदरहा ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसावं का है। बीएसए एमपी वर्मा ने बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम से भी इसकी शिकायत की गई है।
पूर्व रसोइया बादामा ने बताया कि वह पिछले 10 साल से स्कूल में रसोइया का काम कर रही है। परसावं के हेडमास्टर ने पहले उसके पुत्र का नाम स्कूल से काट दिया मगर बीईओ के हस्तक्षेप के बाद नाम लिख दिया। साथ ही उसे रसोइया के पद से हटा दिया और उसके स्थान पर सरोजा नामक रसोइया से काम लेना शुरू कर दिया। जबकि सरोजा का पुत्र कक्षा 12 का छात्र है मगर हेडमास्टर ने उसका नाम कक्षा सात में दर्ज कर दिया ताकि सरोजा को रसोइया का पद मिल सके। नियमानुसार उसी को रसोइया बनाया जाता है, जिसके बच्चे का दाखिला उसी स्कूल में होता है, जहां से रसोइया का चयन होना होता है। बताया कि किसी तरह परिवार का भरण-पोषण हो रहा था, वह जरिया भी हेडमास्टर ने छीन लिया।
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