{"_id":"5e9dcb408ebc3ed5af08a33a","slug":"covid-19-in-basti-basti-news-gkp3486635191","type":"story","status":"publish","title_hn":"न घर जाने की छूट...न परिवार की फिक्र, मकसद कैसे भागे कोरोना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न घर जाने की छूट...न परिवार की फिक्र, मकसद कैसे भागे कोरोना
विज्ञापन
ओपेक चिकित्सालय कैली में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की टीम।
- फोटो : BASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न घर जाने की छूट...न परिवार की फिक्र, बस मकसद कैसे भागे कोरोना
बस्ती। कोरोना वायरस का खौफ आम आदमी के सिर चढ़ कर बोल रहा है। बावजूद इसके जिले में कोरोना वायरस से पीड़ित अब तक 19 मरीज मिल चुके हैं। इसे लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार कर दिया गया है। ओपेक चिकित्सालय कैली को लेबल-2 का अस्पताल बनाया गया है। इस अस्पताल में डॉक्टर व पैरा मेडिकल टीम 24 घंटे कोरोना वायरस के संदिग्ध व क्वारंटीन की सेवा में जुटी है। इनका त्याग यह है कि एक तो वह 21 दिन घर से दूर रहेंगे। दूसरे इनकी ड्यूटी सप्ताह भर रहेगी। चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ यहां भर्ती सभी से बेहद शालीनता का व्यवहार कर रही है। यही नहीं मरीजों की सेवा में ये 24 घंटे समर्पित हैं।
सीएमएस डॉ. जीएम शुक्ल के नेतृत्व में ड्यूटी कर रहे जूनियर रेजीडेंट डॉ. कृपाशंकर कहते हैं कि कोरोना की जंग में जब तक जान में जान है, सेवा का कोई मौका नहीं गंवाएंगे। जूनियर रेजीडेंट डॉ. कवेंद्र शुक्ल कहते हैं कि कोरोना की जंग में युवाओं की जरूरत है। डॉक्टर ही मरीज का विश्वास है। उसी विश्वास के साथ हम कोरोना संक्रमित का इलाज कर उसे फिर से स्वस्थ कर देंगे। देश को इस चुनौती का सामना करने में जो बन पड़ेगा किया जाएगा। नर्स सुशीला किरण ने कहा कि आपात स्थिति ने देश को चुनौती दी है। इस चुनौती का सामना मेडिकल टीम बखूबी कर रही है। हम कोरोना की जंग को जीत कर दिखाएंगे, बस आपका सहयोग चाहिए। पैरा मेडिकल स्टाफ बबिता ने कहा कि ऐसा मौका बार-बार नहीं आता जब देश को हमारी और आपकी जरूरत हो। आपदा की इस स्थिति में देश सेवा का मौका मिला है। इसे गंवाना नहीं चाहती थी। अब अपनी काबिलियत से मरीजों का हौसला बढ़ाएंगे, जिससे उन्हें स्वस्थ किया जा सके। मनोबल भी व्यक्ति को बीमारी से लड़ने की ताकत देती है।
इनकी लगी है ड्यूटी
डॉ. कृपाशंकर, डॉ. तारा प्रकाश, डॉ. गुलाव नसी, डॉ. अखिलेश मद्धेशिया, डॉ. गोविंद यादव, डॉ. जगराम चौधरी, डॉ. कमलेश, डॉ. मनीष नायक, डॉ. मणिप्रकाश सिंह, डॉ. विवेक पटेल, डॉ. कवेंद्र शुक्ल, डॉ. इश्वान प्रसाद जायसवाल की ड्यूटी लगी है। इसके अलावा स्टाफ नर्स सुशीला किरण, बबिता, रमजान अली, प्रज्ञा 24 घंटे की ड्यूटी कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। कोरोना वायरस का खौफ आम आदमी के सिर चढ़ कर बोल रहा है। बावजूद इसके जिले में कोरोना वायरस से पीड़ित अब तक 19 मरीज मिल चुके हैं। इसे लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार कर दिया गया है। ओपेक चिकित्सालय कैली को लेबल-2 का अस्पताल बनाया गया है। इस अस्पताल में डॉक्टर व पैरा मेडिकल टीम 24 घंटे कोरोना वायरस के संदिग्ध व क्वारंटीन की सेवा में जुटी है। इनका त्याग यह है कि एक तो वह 21 दिन घर से दूर रहेंगे। दूसरे इनकी ड्यूटी सप्ताह भर रहेगी। चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ यहां भर्ती सभी से बेहद शालीनता का व्यवहार कर रही है। यही नहीं मरीजों की सेवा में ये 24 घंटे समर्पित हैं।
सीएमएस डॉ. जीएम शुक्ल के नेतृत्व में ड्यूटी कर रहे जूनियर रेजीडेंट डॉ. कृपाशंकर कहते हैं कि कोरोना की जंग में जब तक जान में जान है, सेवा का कोई मौका नहीं गंवाएंगे। जूनियर रेजीडेंट डॉ. कवेंद्र शुक्ल कहते हैं कि कोरोना की जंग में युवाओं की जरूरत है। डॉक्टर ही मरीज का विश्वास है। उसी विश्वास के साथ हम कोरोना संक्रमित का इलाज कर उसे फिर से स्वस्थ कर देंगे। देश को इस चुनौती का सामना करने में जो बन पड़ेगा किया जाएगा। नर्स सुशीला किरण ने कहा कि आपात स्थिति ने देश को चुनौती दी है। इस चुनौती का सामना मेडिकल टीम बखूबी कर रही है। हम कोरोना की जंग को जीत कर दिखाएंगे, बस आपका सहयोग चाहिए। पैरा मेडिकल स्टाफ बबिता ने कहा कि ऐसा मौका बार-बार नहीं आता जब देश को हमारी और आपकी जरूरत हो। आपदा की इस स्थिति में देश सेवा का मौका मिला है। इसे गंवाना नहीं चाहती थी। अब अपनी काबिलियत से मरीजों का हौसला बढ़ाएंगे, जिससे उन्हें स्वस्थ किया जा सके। मनोबल भी व्यक्ति को बीमारी से लड़ने की ताकत देती है।
विज्ञापन
इनकी लगी है ड्यूटी
डॉ. कृपाशंकर, डॉ. तारा प्रकाश, डॉ. गुलाव नसी, डॉ. अखिलेश मद्धेशिया, डॉ. गोविंद यादव, डॉ. जगराम चौधरी, डॉ. कमलेश, डॉ. मनीष नायक, डॉ. मणिप्रकाश सिंह, डॉ. विवेक पटेल, डॉ. कवेंद्र शुक्ल, डॉ. इश्वान प्रसाद जायसवाल की ड्यूटी लगी है। इसके अलावा स्टाफ नर्स सुशीला किरण, बबिता, रमजान अली, प्रज्ञा 24 घंटे की ड्यूटी कर रही हैं।
विज्ञापन