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Basti News: लिपिक के सेवा बर्खास्तगी के लिए डीआईओएस ने दिए निर्देश
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बस्ती। राष्ट्रीय कृषक इंटर काॅलेज सूदीपुर रघुराजनगर में कार्यरत एक लिपिक की सेवा बर्खास्तगी की कार्रवाई के लिए डीआईओएस जगदीश शुक्ल ने निर्देश दिए हैं। सेवा में रहने के 24 साल बाद जांच के दौरान संबंधित लिपिक द्वारा कूटरचित अंकपत्र के आधार पर मृतक आश्रित भर्ती सेवा नियमावली के तहत चयन कराने की पुष्टि हुई है।
लिपिक राम सनेही यादव का माध्यमिक शिक्षा परिषद से मृतक आश्रित के रूप में अनुचर के पद पर नियुक्ति हुई थी। उनकी तैनाती राष्ट्रीय कृषक इंटर कॉलेज में रही। बाद में प्रोन्नति पाकर वह लिपिक पद पर कार्यरत हो गए। शिकायत हुई कि राम सनेही ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल की है। डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने मामले की जांच पड़ताल की। पता चला कि जिस प्रमाणपत्र के आधार पर संबंधित कर्मचारी की पदोन्नति हुई थी। उसे परिषद की ओर से निरस्त कर दिया गया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से हाईस्कूल वर्ष 1997 में उत्तीर्ण होने के बावजूद संबंधित कर्मचारी ने तथ्यों को छुपाकर आठवीं कक्षा का उत्तीर्ण प्रमाणपत्र लगाकर मृतक आश्रित भर्ती सेवा नियमावली के तहत चार मार्च 1999 को अनुचर पद पर नियुक्ति प्राप्त किया है। हाईस्कूल और कक्षा आठ के उत्तीर्ण प्रमाणपत्रों में संबंधित कर्मचारी की जन्मतिथि अलग-अलग पाई गई। इसका कोई स्पष्ट जवाब भी कर्मचारी की ओर से नहीं दिया गया। डीआईओएस ने कूट रचित प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में विद्यालय के प्रबंधक को संबंधित कर्मचारी की सेवा समाप्ति की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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लिपिक राम सनेही यादव का माध्यमिक शिक्षा परिषद से मृतक आश्रित के रूप में अनुचर के पद पर नियुक्ति हुई थी। उनकी तैनाती राष्ट्रीय कृषक इंटर कॉलेज में रही। बाद में प्रोन्नति पाकर वह लिपिक पद पर कार्यरत हो गए। शिकायत हुई कि राम सनेही ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल की है। डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने मामले की जांच पड़ताल की। पता चला कि जिस प्रमाणपत्र के आधार पर संबंधित कर्मचारी की पदोन्नति हुई थी। उसे परिषद की ओर से निरस्त कर दिया गया है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद से हाईस्कूल वर्ष 1997 में उत्तीर्ण होने के बावजूद संबंधित कर्मचारी ने तथ्यों को छुपाकर आठवीं कक्षा का उत्तीर्ण प्रमाणपत्र लगाकर मृतक आश्रित भर्ती सेवा नियमावली के तहत चार मार्च 1999 को अनुचर पद पर नियुक्ति प्राप्त किया है। हाईस्कूल और कक्षा आठ के उत्तीर्ण प्रमाणपत्रों में संबंधित कर्मचारी की जन्मतिथि अलग-अलग पाई गई। इसका कोई स्पष्ट जवाब भी कर्मचारी की ओर से नहीं दिया गया। डीआईओएस ने कूट रचित प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में विद्यालय के प्रबंधक को संबंधित कर्मचारी की सेवा समाप्ति की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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