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Basti News: मारपीट के दो मामलों में 17 के खिलाफ केस
Fri, 19 May 2023 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 19 May 2023 12:54 AM IST
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पैकोलिया। थानाक्षेत्र के गांवों मदनापुर और पुरैना खास गांवों में मारपीट के अलग-अलग मामले में पुलिस ने सत्रह लोगों पर मारपीट, बलबा तथा हरिजन उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले की विवेचना सीओ हर्रैया शेषमणि उपाध्याय को सौंपी गई है।
पैकोलिया थानाक्षेत्र मदनापुर गांव निवासी सरयू प्रसाद ने विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है। 16 मार्च की सुबह लगभग आठ बजे वह गांव के हरेंद्र सिंह के घर की तरफ जा रहा था। हरेंद्र सिंह उसे रोक कर अपशब्द कहने लगे। उनके परिवार के अनिल सिंह, संजय सिंह, विनोद सिंह, शिवांश सिंह, आंचल, संजू देवी, हरिकेशव राम, झिन्कू, रानी, उर्मिला और करुणावती भी इकट्ठे हो गये। पुराने मुकदमे को लेकर कहे कि जो कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, उसे उठा लो। मेरे मना करने पर अपशब्द कहते हुए मेले घर तक दौड़ा लिए। इसी बीच मेरी पत्नी बचाने पहुंची तो उन्हें भी जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया और उनका बाल पकड़ ढकेल दिया जान से मारने की धमकी देकर लोग चले गए। स्थानीय पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की। इस पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था।
दूसरा मामला पुरैना खास गांव का है। यहां के विश्वनाथ ने पुलिस को दी गई तहरीर देकर आरोप लगाया कि वह अपनी जमीन मशीन से समतल करवा रहा था। बुधवार रात करीब नौ बजे गांव के ही प्रिंस यादव, विपिन यादव, सुभाष यादव, प्रद्युम्न यादव, दुर्गेश यादव एक राय होकर हाथ में लाठी डंडे और धारदार हथियार लेकर खेत में आए और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारने पीटने लगे। बचाने आये परिवार के अन्य लोगों को भी मारा पीटा। जान से मारने की धमकी देकर चले गए। मुझे और पत्नी संजू देवी, रामजीत, तुलसा देवी, लीला और केतकी अंगद व ललित को चोटें आई हैं। थानाध्यक्ष योगेन्द्र कुमार ने बताया कि घायलों को मेडिकल के लिए गौर अस्पताल भेजा गया है। दोनों मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना क्षेत्राधिकारी हर्रैया के पास भेजी गई है।
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पैकोलिया थानाक्षेत्र मदनापुर गांव निवासी सरयू प्रसाद ने विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है। 16 मार्च की सुबह लगभग आठ बजे वह गांव के हरेंद्र सिंह के घर की तरफ जा रहा था। हरेंद्र सिंह उसे रोक कर अपशब्द कहने लगे। उनके परिवार के अनिल सिंह, संजय सिंह, विनोद सिंह, शिवांश सिंह, आंचल, संजू देवी, हरिकेशव राम, झिन्कू, रानी, उर्मिला और करुणावती भी इकट्ठे हो गये। पुराने मुकदमे को लेकर कहे कि जो कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, उसे उठा लो। मेरे मना करने पर अपशब्द कहते हुए मेले घर तक दौड़ा लिए। इसी बीच मेरी पत्नी बचाने पहुंची तो उन्हें भी जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया और उनका बाल पकड़ ढकेल दिया जान से मारने की धमकी देकर लोग चले गए। स्थानीय पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की। इस पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था।
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दूसरा मामला पुरैना खास गांव का है। यहां के विश्वनाथ ने पुलिस को दी गई तहरीर देकर आरोप लगाया कि वह अपनी जमीन मशीन से समतल करवा रहा था। बुधवार रात करीब नौ बजे गांव के ही प्रिंस यादव, विपिन यादव, सुभाष यादव, प्रद्युम्न यादव, दुर्गेश यादव एक राय होकर हाथ में लाठी डंडे और धारदार हथियार लेकर खेत में आए और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारने पीटने लगे। बचाने आये परिवार के अन्य लोगों को भी मारा पीटा। जान से मारने की धमकी देकर चले गए। मुझे और पत्नी संजू देवी, रामजीत, तुलसा देवी, लीला और केतकी अंगद व ललित को चोटें आई हैं। थानाध्यक्ष योगेन्द्र कुमार ने बताया कि घायलों को मेडिकल के लिए गौर अस्पताल भेजा गया है। दोनों मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना क्षेत्राधिकारी हर्रैया के पास भेजी गई है।
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