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गर्मी बढ़ते ही होने लगी बिजली कटौती
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गर्मी बढ़ते ही होने लगी बिजली कटौती
घरेलू काम निपटाने में हो रही समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विद्युत निगम जिले में 24 घंटे आपूर्ति का दावा भले ही कर रहे हैं लेकिन गर्मी बढ़ते ही कटौती का सिलसिला तेज हो गया है। अघोषित कटौती के कारण लोग जरूरी काम भी नहीं कर पा रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली कटौती व लो वोल्टेज की समस्या बढ़ने लगी है। बिजली कब चली जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। यह स्थिति तब है जबकि विद्युत निगम की ओर से व्यवस्था सुदृढ़ करने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस धनराशि से विद्युत पोल, नए उपकेंद्र, तार, एलटी लाइन सहित अन्य कार्य कराए गए हैं। इसके बावजूद विद्युत व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। शहर के रामेश्वरपुरी, बभनगांवा, कटरा, पुरानी बस्ती, तुरकहिया, बैरिहवां, गांवगोड़िया, सिविल लाइंस, आवास विकास सहित अन्य स्थानों पर दिन ढलने के बाद ही लो वोल्टेज के कारण बल्ब को छोड़कर बाकी उपकरण न के बराबर काम करने लगते हैं। स्टेशन रोड निवासी राजेश मिश्र कहते हैं कि लो वोल्टेज के चलते घरेलू कार्य नहीं कर पा रहे हैं। दवा व्यवसायी शैलेश चौधरी कहते हैं कि दिन में तो गनीमत रहती है, लेकिन रात के समय वोल्टेज बहुत कम हो जाता है। कहते हैं निर्बाध ढंग से बिजली नहीं मिल रही है। मूड़घाट निवासी विपिन श्रीवास्तव कहते हैं कि लो वोल्टेज के चलते दुकान पर भी असर पड़ रहा है। बताते हैं कि ज्यादातर कामकाज विद्युत पर ही निर्भर है। वहीं बड़ेबन निवासी रजत कुमार कहते हैं कि गर्मी बढ़ गई है, ऐसे में विद्युत निगम को लो वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए कार्य करना चाहिए। बताते हैं कि कम वोल्टेज के चलते मोटर से टंकी में पानी तक नहीं चढ़ पा रहा है। महिलाओं को घरेलू काम निपटाने में काफी समस्याएं हो रही हैं।
निगम से मिली जानकारी के मुताबिक जितनी बिजली अक्तूबर 2018 में मिली थी, उससे काफी कम बिजली अब जिले को मिल रही है। इसको इस रूप में भी समझा जा सकता है कि अक्तूबर 2018 में 58.47 मिलियन, नवंबर में 46.72, दिसंबर में 46.67 मिलियन बिजली जिले को मिली थी। इसी तरह बीते जनवरी माह में जिले को 45.23 मिलियन, फरवरी में 36.96 मिलियन और मार्च में 44.33 मिलियन बिजली मिली थी। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता मनीष अग्रवाल कहते हैं कि लाइन लास के चलते कभी-कभी फीडर अपने आप शट डाउन हो जाता है। ऐसा विद्युत चोरी के चलते होता है। जिस पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया है। उनका कहना है कि लोगों को जल्द ही लो वोल्टेज व लोकल फाल्ट की समस्या से निजात मिलेगी।
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घरेलू काम निपटाने में हो रही समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विद्युत निगम जिले में 24 घंटे आपूर्ति का दावा भले ही कर रहे हैं लेकिन गर्मी बढ़ते ही कटौती का सिलसिला तेज हो गया है। अघोषित कटौती के कारण लोग जरूरी काम भी नहीं कर पा रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली कटौती व लो वोल्टेज की समस्या बढ़ने लगी है। बिजली कब चली जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। यह स्थिति तब है जबकि विद्युत निगम की ओर से व्यवस्था सुदृढ़ करने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस धनराशि से विद्युत पोल, नए उपकेंद्र, तार, एलटी लाइन सहित अन्य कार्य कराए गए हैं। इसके बावजूद विद्युत व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। शहर के रामेश्वरपुरी, बभनगांवा, कटरा, पुरानी बस्ती, तुरकहिया, बैरिहवां, गांवगोड़िया, सिविल लाइंस, आवास विकास सहित अन्य स्थानों पर दिन ढलने के बाद ही लो वोल्टेज के कारण बल्ब को छोड़कर बाकी उपकरण न के बराबर काम करने लगते हैं। स्टेशन रोड निवासी राजेश मिश्र कहते हैं कि लो वोल्टेज के चलते घरेलू कार्य नहीं कर पा रहे हैं। दवा व्यवसायी शैलेश चौधरी कहते हैं कि दिन में तो गनीमत रहती है, लेकिन रात के समय वोल्टेज बहुत कम हो जाता है। कहते हैं निर्बाध ढंग से बिजली नहीं मिल रही है। मूड़घाट निवासी विपिन श्रीवास्तव कहते हैं कि लो वोल्टेज के चलते दुकान पर भी असर पड़ रहा है। बताते हैं कि ज्यादातर कामकाज विद्युत पर ही निर्भर है। वहीं बड़ेबन निवासी रजत कुमार कहते हैं कि गर्मी बढ़ गई है, ऐसे में विद्युत निगम को लो वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए कार्य करना चाहिए। बताते हैं कि कम वोल्टेज के चलते मोटर से टंकी में पानी तक नहीं चढ़ पा रहा है। महिलाओं को घरेलू काम निपटाने में काफी समस्याएं हो रही हैं।
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निगम से मिली जानकारी के मुताबिक जितनी बिजली अक्तूबर 2018 में मिली थी, उससे काफी कम बिजली अब जिले को मिल रही है। इसको इस रूप में भी समझा जा सकता है कि अक्तूबर 2018 में 58.47 मिलियन, नवंबर में 46.72, दिसंबर में 46.67 मिलियन बिजली जिले को मिली थी। इसी तरह बीते जनवरी माह में जिले को 45.23 मिलियन, फरवरी में 36.96 मिलियन और मार्च में 44.33 मिलियन बिजली मिली थी। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता मनीष अग्रवाल कहते हैं कि लाइन लास के चलते कभी-कभी फीडर अपने आप शट डाउन हो जाता है। ऐसा विद्युत चोरी के चलते होता है। जिस पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया है। उनका कहना है कि लोगों को जल्द ही लो वोल्टेज व लोकल फाल्ट की समस्या से निजात मिलेगी।
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