{"_id":"621fbc85d11c5328f9138f68","slug":"3-students-reached-delhi-from-ucren-basti-news-gkp428706439","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूक्रेन से सकुशल दिल्ली पहुंचे बस्ती के तीन छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूक्रेन से सकुशल दिल्ली पहुंचे बस्ती के तीन छात्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूक्रेन से दिल्ली पहुंचे बस्ती के तीन विद्यार्थी
बस्ती। यूक्रेन में फंसे बस्ती की दो छात्रा और एक छात्र की दिल्ली वापसी हो गई है। यह तीनों दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच कर अपने घर जिला बस्ती के लिए रवाना गए। तीनों के परिजन भी दिल्ली में पहुंच गए थे। तीनों के बुधवार देर रात तक बस्ती पहुंचने संभावना व्यक्त की गई है।
यूक्रेन में फंसी बस्ती की दो छात्राएं अपूर्वा श्रीवास्तव निवासी रामेश्वरपुरी व सुरभि वर्मा निवासी ग्राम बढ़नी थाना नगर तथा एक छात्र अभिषेक सिंह निवासी केशवापुर थाना रुधौली बुधवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच गए हैं। डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि तीनों के परिजन भी दिल्ली पहुंच गए हैं। दोनों के देर रात तक बस्ती पहुंचने की संभावना है। बताया कि आपदा विशेषज्ञ रंजीत रंजन की ओर से निरंतर यूक्रेन में फंसे जनपद बस्ती के विद्यार्थी एवं उनके परिवार जनों से संपर्क कर काउंसलिंग एवं संकट की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया जा रहा है। राज्य सरकार एवं भारत दूतावास से संपर्क स्थापित कर अब तक जनपद बस्ती के तीन विद्यार्थी की सकुशल भारत वापसी हो चुकी है। शेष बचे विद्यार्थी कि जल्दी आने की संभावना है।
बोले यूक्रेन से लौटने वाले छात्र
युद्ध शुरू होने के बाद झेलनी पड़ी परेशानी : अपूर्वा
यूक्रेन के युवानो स्थित मेडिकल कॉलेज के पांचवें वर्ष की छात्रा अपूर्वा पहली मार्च की शाम करीब चार बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गईं। वहां एयरपोर्ट पर उन्हें लेने के लिए देश व प्रदेश के मंत्रियों व अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। इसके बाद वे दिल्ली में ही एक रिश्तेदार के घर चली गईं। वहां से बुुधवार सुबह व बस्ती के लिए अपने निजी वाहन से निकलीं। अपूर्वा कहती हैं कि यूक्रेन के हालात ठीक नहीं हैं। 24 फरवरी को युद्ध शुरू हो गया। इसके बाद तमाम परेशानियां झेलते हुए रोमानिया सीमा पर पहुंचे जहां से लाइन लगाने के बाद वे रोमानिया के बूचारेस्ट शहर में प्रवेश किए। यहां सीमा के निकट ही सुविधा मुहैया कराई गईं। रात को वे बूचारेस्ट के हवाई अड्डे पर पहुंचीं। जहां से उन्हें तमाम मशक्कत के बाद हवाई जहाज में जाने की अनुमति मिली।
विज्ञापन
नया जीवन मिला मुझे : सुरभि
गोटवा निवासी डॉ. वीके वर्मा की पुत्री सुरभि वर्मा ने कहा कि मुझे नया जीवन मिला है। बताया कि वह यूक्रेन के उर्सग्रोथ जगरपातिया मेडिकल यूनिवर्सिटी में द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। वे मंगलवार की रात दिल्ली पहुंची हैं, जहां से प्रदेश सरकार ने उन्हें निजी साधन उपलब्ध कराया है। बुधवार को वे देर शाम तक आगरा पहुंच गई थीं। सुरभि के पिता डॉ. वीके वर्मा ने बताया कि सुरभि बुधवार देर रात या फिर बृहस्पतिवार सुबह घर पहुंच जाएंगी। प्रदेश सरकार के बच्चों के प्रति दिए गए सहयोग की उन्होंने सराहना की। बोले सरकार ने अपना दायित्व बखूबी निभाया है, जिससे बेटी सकुशल घर आ रही है। फिलहाल वे अब बस्ती आ रही हैं।
भय में गुजर रहे थे दिन-रात : अभिषेक
जिले के रुधौली क्षेत्र के निवासी अभिषेक सिंह भी बुधवार सुबह दिल्ली आ गए। अभिषेक के भाई विवेक सिंह ने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रदेश व देश के आधा दर्जन मंत्रियों व अधिकारियों की टीम ने वहां बच्चों का स्वागत किया और यूपी भवन ले आए, जहां पूरी रात ठहरने की व्यवस्था की गई थी। यहां सब कुछ निशुल्क मिला। उन्हें सरकार की ओर से लग्जरी वाहन भी उपलब्ध कराया गया है। कहा कि भाई ने बताया है कि यूक्रेन के युवानो शहर की स्थिति बेहद खराब है। तीन-चार दिन भय में ही रात गुजरा है। इसके बाद किसी तरह एयरपोर्ट पहुंचा और रोमानिया के रास्ते उन्हें देश आने दिया गया है। सरकार ने हवाई जहाज का कोई किराया नहीं लिया, बल्कि वहां तमाम सुविधाएं भी दी गई हैं।
विज्ञापन
बस्ती। यूक्रेन में फंसे बस्ती की दो छात्रा और एक छात्र की दिल्ली वापसी हो गई है। यह तीनों दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच कर अपने घर जिला बस्ती के लिए रवाना गए। तीनों के परिजन भी दिल्ली में पहुंच गए थे। तीनों के बुधवार देर रात तक बस्ती पहुंचने संभावना व्यक्त की गई है।
यूक्रेन में फंसी बस्ती की दो छात्राएं अपूर्वा श्रीवास्तव निवासी रामेश्वरपुरी व सुरभि वर्मा निवासी ग्राम बढ़नी थाना नगर तथा एक छात्र अभिषेक सिंह निवासी केशवापुर थाना रुधौली बुधवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच गए हैं। डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि तीनों के परिजन भी दिल्ली पहुंच गए हैं। दोनों के देर रात तक बस्ती पहुंचने की संभावना है। बताया कि आपदा विशेषज्ञ रंजीत रंजन की ओर से निरंतर यूक्रेन में फंसे जनपद बस्ती के विद्यार्थी एवं उनके परिवार जनों से संपर्क कर काउंसलिंग एवं संकट की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया जा रहा है। राज्य सरकार एवं भारत दूतावास से संपर्क स्थापित कर अब तक जनपद बस्ती के तीन विद्यार्थी की सकुशल भारत वापसी हो चुकी है। शेष बचे विद्यार्थी कि जल्दी आने की संभावना है।
विज्ञापन
बोले यूक्रेन से लौटने वाले छात्र
युद्ध शुरू होने के बाद झेलनी पड़ी परेशानी : अपूर्वा
यूक्रेन के युवानो स्थित मेडिकल कॉलेज के पांचवें वर्ष की छात्रा अपूर्वा पहली मार्च की शाम करीब चार बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गईं। वहां एयरपोर्ट पर उन्हें लेने के लिए देश व प्रदेश के मंत्रियों व अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। इसके बाद वे दिल्ली में ही एक रिश्तेदार के घर चली गईं। वहां से बुुधवार सुबह व बस्ती के लिए अपने निजी वाहन से निकलीं। अपूर्वा कहती हैं कि यूक्रेन के हालात ठीक नहीं हैं। 24 फरवरी को युद्ध शुरू हो गया। इसके बाद तमाम परेशानियां झेलते हुए रोमानिया सीमा पर पहुंचे जहां से लाइन लगाने के बाद वे रोमानिया के बूचारेस्ट शहर में प्रवेश किए। यहां सीमा के निकट ही सुविधा मुहैया कराई गईं। रात को वे बूचारेस्ट के हवाई अड्डे पर पहुंचीं। जहां से उन्हें तमाम मशक्कत के बाद हवाई जहाज में जाने की अनुमति मिली।
विज्ञापन
नया जीवन मिला मुझे : सुरभि
गोटवा निवासी डॉ. वीके वर्मा की पुत्री सुरभि वर्मा ने कहा कि मुझे नया जीवन मिला है। बताया कि वह यूक्रेन के उर्सग्रोथ जगरपातिया मेडिकल यूनिवर्सिटी में द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। वे मंगलवार की रात दिल्ली पहुंची हैं, जहां से प्रदेश सरकार ने उन्हें निजी साधन उपलब्ध कराया है। बुधवार को वे देर शाम तक आगरा पहुंच गई थीं। सुरभि के पिता डॉ. वीके वर्मा ने बताया कि सुरभि बुधवार देर रात या फिर बृहस्पतिवार सुबह घर पहुंच जाएंगी। प्रदेश सरकार के बच्चों के प्रति दिए गए सहयोग की उन्होंने सराहना की। बोले सरकार ने अपना दायित्व बखूबी निभाया है, जिससे बेटी सकुशल घर आ रही है। फिलहाल वे अब बस्ती आ रही हैं।
भय में गुजर रहे थे दिन-रात : अभिषेक
जिले के रुधौली क्षेत्र के निवासी अभिषेक सिंह भी बुधवार सुबह दिल्ली आ गए। अभिषेक के भाई विवेक सिंह ने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रदेश व देश के आधा दर्जन मंत्रियों व अधिकारियों की टीम ने वहां बच्चों का स्वागत किया और यूपी भवन ले आए, जहां पूरी रात ठहरने की व्यवस्था की गई थी। यहां सब कुछ निशुल्क मिला। उन्हें सरकार की ओर से लग्जरी वाहन भी उपलब्ध कराया गया है। कहा कि भाई ने बताया है कि यूक्रेन के युवानो शहर की स्थिति बेहद खराब है। तीन-चार दिन भय में ही रात गुजरा है। इसके बाद किसी तरह एयरपोर्ट पहुंचा और रोमानिया के रास्ते उन्हें देश आने दिया गया है। सरकार ने हवाई जहाज का कोई किराया नहीं लिया, बल्कि वहां तमाम सुविधाएं भी दी गई हैं।