{"_id":"59c6a93b4f1c1b91688b6367","slug":"161506191675-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गौर में रेल प्रशासन ने खाली कराया अतिक्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गौर में रेल प्रशासन ने खाली कराया अतिक्रमण
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौर में रेल प्रशासन ने खाली कराया अतिक्रमण
बभनान।
गौर रेलवे स्टेशन के पीछे रेलवे भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण पर शनिवार को रेल प्रशासन का बुलडोजर चला। अवैध ढंग से टीन शेड और झोपड़ी रखकर कोई दुकान तो कोई घर बना लिया था उसे हटवा दिया गया। इसके चलते कई की रोजी एक झटके में छिन गई तो कई बेघर हो गए।
गौर स्टेशन का छह सितंबर को डीआरएम ने स्टेशन पर निरीक्षण किया था। इस दौरान उनकी नजर रेल भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा करने वालों पर पड़ी। उन्होंने जाते-जाते रेल अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह जमीन खाली करा ली जाए। इस निर्देश के तहत रेल प्रशासन ने दो दिन पहले खाली करने का फरमान जारी किया। बावजूद इसके अतिक्रमणकारियों पर कोई असर नहीं हुआ। वह टस से मस नहीं हुए। अतिक्रमणकारियों के रवैये के बाद शनिवार को सुबह सहायक मंडल इंजीनियर पूर्व विवेक कुमार, आई डब्ल्यू धीरेंद्र कुमार सिंह, आरपीएफ प्रभारी राकेश शुक्ल, जीआरपी प्रभारी कृष्ण कुमार मिश्र, आरपीएफ चौकी प्रभारी बभनान अरविंद कुमार यादव और गौर थाने की पुलिस सुबह पहुंच गई। इसके बाद जेसीबी लगाकर रेल भूमि पर वर्षों से कब्जा जमाए दुकानों और झोपड़ियों को एक-एक कर ढहा कर रेल विभाग की भूमि अतिक्रमण मुक्त करा दिया। कार्रवाई के चलते रेलवे स्टेशन के बाहर लोगों को एक कप चाय के लिए तरसना पड़ा। आई डब्ल्यू धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गौर में सबसे ज्यादा रेलवे भूमि पर अतिक्रमण है। अभी तो यह पहली वार्निंग है। इसी तरह बाजार में भी रेल भूमि से अतिक्रमण हटाया जाएगा। कार्रवाई से पूर्व अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद समय सीमा के भीतर यदि अतिक्रमण स्वयं खाली न किए तो रेल प्रशासन उसे हटवा देगा।
विज्ञापन
बभनान।
गौर रेलवे स्टेशन के पीछे रेलवे भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण पर शनिवार को रेल प्रशासन का बुलडोजर चला। अवैध ढंग से टीन शेड और झोपड़ी रखकर कोई दुकान तो कोई घर बना लिया था उसे हटवा दिया गया। इसके चलते कई की रोजी एक झटके में छिन गई तो कई बेघर हो गए।
गौर स्टेशन का छह सितंबर को डीआरएम ने स्टेशन पर निरीक्षण किया था। इस दौरान उनकी नजर रेल भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा करने वालों पर पड़ी। उन्होंने जाते-जाते रेल अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह जमीन खाली करा ली जाए। इस निर्देश के तहत रेल प्रशासन ने दो दिन पहले खाली करने का फरमान जारी किया। बावजूद इसके अतिक्रमणकारियों पर कोई असर नहीं हुआ। वह टस से मस नहीं हुए। अतिक्रमणकारियों के रवैये के बाद शनिवार को सुबह सहायक मंडल इंजीनियर पूर्व विवेक कुमार, आई डब्ल्यू धीरेंद्र कुमार सिंह, आरपीएफ प्रभारी राकेश शुक्ल, जीआरपी प्रभारी कृष्ण कुमार मिश्र, आरपीएफ चौकी प्रभारी बभनान अरविंद कुमार यादव और गौर थाने की पुलिस सुबह पहुंच गई। इसके बाद जेसीबी लगाकर रेल भूमि पर वर्षों से कब्जा जमाए दुकानों और झोपड़ियों को एक-एक कर ढहा कर रेल विभाग की भूमि अतिक्रमण मुक्त करा दिया। कार्रवाई के चलते रेलवे स्टेशन के बाहर लोगों को एक कप चाय के लिए तरसना पड़ा। आई डब्ल्यू धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गौर में सबसे ज्यादा रेलवे भूमि पर अतिक्रमण है। अभी तो यह पहली वार्निंग है। इसी तरह बाजार में भी रेल भूमि से अतिक्रमण हटाया जाएगा। कार्रवाई से पूर्व अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद समय सीमा के भीतर यदि अतिक्रमण स्वयं खाली न किए तो रेल प्रशासन उसे हटवा देगा।
विज्ञापन