{"_id":"5cae31d5bdec22144855a6f8","slug":"131554919893-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ करोड़ की पेयजल योजना पर ग्रहण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ करोड़ की पेयजल योजना पर ग्रहण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आठ करोड़ की पेयजल योजना पर ग्रहण
नगर पंचायत बभनान में शुद्ध पेयजल पाइपलाइन योजना का हाल
तीन वर्ष बाद भी कनेक्शनधारकों के घर नहीं पहुंचा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
बभनान। आठ करोड़ रुपये की पेयजल पाइपलाइन योजना पर ग्रहण लगा है। हस्तांतरण के तीन वर्ष बाद भी कनेक्शनधारकों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। जिम्मेदारों की मानें तो जल निगम की ओर से बिछाई गई पाइपलाइन पूरी तरह से ध्वस्त है, जिससे पानी की आपूर्ति होते ही कस्बे भर में जगह-जगह जल जमाव हो जाता है।
बभनान को वर्ष 2006 में नगर पंचायत का दर्जा मिला। इसके बाद यहां चुनाव हुआ। वर्ष 2008 में नागरिकों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए वार्ड नम्बर तीन लोहिया नगर में पानी की टंकी का निर्माण शुरू हुआ। इसके बाद नगर पंचायत के सभी ग्यारह वार्डों में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई। इस पूरी योजना को तैयार होने में सात वर्ष का समय लगा। योजना को धरातल पर उतारने में आठ करोड़ का खर्च आया। वर्ष 2015 में जल निगम ने इसे नगर पंचायत बभनान को हैंडओवर कर दिया गया। हैंडओवर होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन ने बभनान के विभिन्न वार्डों में लोगों के घरों में कनेक्शन देना शुरू कर दिया। नगर पंचायत के 65 घरों में प्रति कनेक्शन 500 रुपये का चार्ज लेकर दिया गया। इसके बाद पानी की सप्लाई शुरू की गई। पाइपलाइन में पानी की आपूर्ति होते ही नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह जल जमाव होना शुरू हो गया। जांच में पता चला कि कई स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज है। इसकी मरम्मत के लिए नगर पंचायत प्रशासन ने ढाई लाख रुपये खर्च कर डाले, लेकिन लीकेज ठीक नहीं हो सकी। वर्तमान समय में नगर पंचायत में निवास करने वाले 18531 वाशिंदों को शुद्ध पेयजल घर तक आने का इंतजार है। नगर पंचायत की बैठक सहित स्थानीय लोगों की ओर से लगातार पेयजल पाइपलाइन योजना शुरू करने की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदारों के माथे पर तनिक भी बल नहीं पड़ रहा है। अधिशासी अधिकारी बभनान शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि पाइपलाइन जगह-जगह ध्वस्त है। इसे ठीक करना अभी आसान नहीं हैं। चुनाव बाद इसे ठीक कर पाइप बदलने का काम किया जाएगा।
विज्ञापन
नगर पंचायत बभनान में शुद्ध पेयजल पाइपलाइन योजना का हाल
तीन वर्ष बाद भी कनेक्शनधारकों के घर नहीं पहुंचा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
बभनान। आठ करोड़ रुपये की पेयजल पाइपलाइन योजना पर ग्रहण लगा है। हस्तांतरण के तीन वर्ष बाद भी कनेक्शनधारकों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। जिम्मेदारों की मानें तो जल निगम की ओर से बिछाई गई पाइपलाइन पूरी तरह से ध्वस्त है, जिससे पानी की आपूर्ति होते ही कस्बे भर में जगह-जगह जल जमाव हो जाता है।
बभनान को वर्ष 2006 में नगर पंचायत का दर्जा मिला। इसके बाद यहां चुनाव हुआ। वर्ष 2008 में नागरिकों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए वार्ड नम्बर तीन लोहिया नगर में पानी की टंकी का निर्माण शुरू हुआ। इसके बाद नगर पंचायत के सभी ग्यारह वार्डों में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई। इस पूरी योजना को तैयार होने में सात वर्ष का समय लगा। योजना को धरातल पर उतारने में आठ करोड़ का खर्च आया। वर्ष 2015 में जल निगम ने इसे नगर पंचायत बभनान को हैंडओवर कर दिया गया। हैंडओवर होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन ने बभनान के विभिन्न वार्डों में लोगों के घरों में कनेक्शन देना शुरू कर दिया। नगर पंचायत के 65 घरों में प्रति कनेक्शन 500 रुपये का चार्ज लेकर दिया गया। इसके बाद पानी की सप्लाई शुरू की गई। पाइपलाइन में पानी की आपूर्ति होते ही नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह जल जमाव होना शुरू हो गया। जांच में पता चला कि कई स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज है। इसकी मरम्मत के लिए नगर पंचायत प्रशासन ने ढाई लाख रुपये खर्च कर डाले, लेकिन लीकेज ठीक नहीं हो सकी। वर्तमान समय में नगर पंचायत में निवास करने वाले 18531 वाशिंदों को शुद्ध पेयजल घर तक आने का इंतजार है। नगर पंचायत की बैठक सहित स्थानीय लोगों की ओर से लगातार पेयजल पाइपलाइन योजना शुरू करने की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदारों के माथे पर तनिक भी बल नहीं पड़ रहा है। अधिशासी अधिकारी बभनान शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि पाइपलाइन जगह-जगह ध्वस्त है। इसे ठीक करना अभी आसान नहीं हैं। चुनाव बाद इसे ठीक कर पाइप बदलने का काम किया जाएगा।
विज्ञापन