फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   रसोइया की नियुक्ति में खेल, जांच के आदेश

रसोइया की नियुक्ति में खेल, जांच के आदेश

Mon, 14 Aug 2017 11:04 PM IST
Updated Mon, 14 Aug 2017 11:04 PM IST
विज्ञापन
रसोइया की नियुक्ति में खेल, जांच के आदेश
रसोइया की नियुक्ति में खेल, जांच के आदेश
विज्ञापन


बस्ती।
योगी सरकार काम में पारदर्शिता लाने का चाहे जितना जतन कर ले, मगर जिम्मेदारों के मनमानीपन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ऐसा ही एक प्रकरण पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसांव में सामने आया है। यहां रसोइया की नियुक्ति में खेल कर दिया गया। आरोप है कि इसके लिए जिम्मेदारों ने सुविधा शुल्क भी वसूला। मनमाफिक नियुक्ति के लिए जहां छात्र प्रवेश पंजिका में कई बार छेड़छाड़ की गई वहीं, नौकरी देने के लिए इंटरमीडिएट में पढ़ रहे छात्र को अपने स्कूल में कक्षा सात का छात्र बना कर प्रवेश कर लिया। एक शिकायत के बाद मामला संज्ञान में आते ही डीएम ने जांच के आदेश बीएसए को दिए हैं। इसकी रिपोर्ट तीन दिन में मांगी है।

परसांव निवासी बदामा देवी पत्नी राजाराम यादव करीब दस वर्षों से रसोइया के पद पर कार्यरत थीं। बदामा का आरोप है कि पिछले वर्ष प्रधानाध्यापक रणविजय सिंह ने रिन्यूवल के लिए इनसे तीन हजार रुपये की मांग की। बदामा ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए रुपये के बजाय घी देकर नियुक्ति हासिल कर लीं। जब चालू सत्र अप्रैल 2017 में स्कूल पर फॉर्म लेकर रिन्यूवल कराने पहुंची तो प्रधानाध्यापक ने फिर रुपयों की डिमांड रख दी। इस बार गरीबी की बात सुनते ही वह भड़क उठे और कक्षा सात में पढ़ रहे उसके पुत्र अनिल सहित उसे स्कूल से यह कह कर भगा दिया कि इनके स्थान पर सरोजा पत्नी अंगद को नई नियुक्ति दे दी गई है। इसके लिए तिलका देवी इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट के छात्र राहुल का नाम अपने स्कूल की प्रवेश पंजिका में कक्षा सात में दर्शा दिया। जब यह शिकायत तत्कालीन बीएसए तक पहुंची तो जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव प्रसाद को दी गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक को गलत नियुक्ति के लिए फटकार लगाते हुए पुराने रसोइया की तैनाती कर उसके बेटे का नाम फिर से स्कूल में लिखने का निर्देश दिया। आनन-फानन प्रधानाध्यापक ने सरोजा देवी के पुत्र का नाम स्कूल से काट दिया। इसके लिए प्रवेश पंजिका में कई बार छेड़छाड़ की गई है। प्रधानाध्यापक ने बदामा के बेटे का नाम तो जरूर लिखा मगर उसका अब तक चयन नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed