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Basti News: एक माह में 10 पशुओं की मौत फिर भी नहीं सुधर रही व्यवस्था
Fri, 13 Dec 2024 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 13 Dec 2024 12:42 AM IST
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नगर बाजार (बस्ती)। नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कठारजंगल स्थित श्री गोशाला में पर्याप्त उपचार और ठंड से बचाव की समुचित व्यवस्था न होने से पशु बीमार होकर दम तोड़ रहे हैं। एक माह में दस पशुओं की मौत हो चुकी है।
सर्द मौसम होने के बाद भी यहां के पशुओं के लिए न तो रहने के उचित इंतजाम हैं और न ही इन्हें ठंड से बचाने के लिए उपयुक्त उपाय ही किए गए हैं।
गोशाला में 95 पशुओं को रखा गया है, जो सूखा भूसा खाते और पानी पीते देखे गए। चोकर का मिश्रण नाममात्र था। यहां दो पशु बीमार, जबकि एक मरणासन्न स्थिति में मिला। पशुओं के लिए न तो बोरे से बने स्वेटर की व्यवस्था की गई और न ही तिरपाल से गोशाला को ढंका गया है। सर्द भरी रात में पशु खुले में ही रखे गए हैं, जिससे पशु बीमार होकर मर रहे हैं। पशुओं की देखभाल के लिए चार कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन उसके बाद भी गोशाला में सफाई का अभाव है।
इस मामले में गौशाला कठार जंगल के अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि पिछले एक महीने में वयोवृद्ध व गंभीर रूप से घायल दस पशुओं की मौत हुई है। चारे-पानी का इंतजाम है। समय समय पर बीमार पशुओं का उपचार होता रहता है। जल्द ही ठंडक से बचाव के लिए गोशाला के चारों तरफ तिरपाल लगाई जाएगी।
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सर्द मौसम होने के बाद भी यहां के पशुओं के लिए न तो रहने के उचित इंतजाम हैं और न ही इन्हें ठंड से बचाने के लिए उपयुक्त उपाय ही किए गए हैं।
गोशाला में 95 पशुओं को रखा गया है, जो सूखा भूसा खाते और पानी पीते देखे गए। चोकर का मिश्रण नाममात्र था। यहां दो पशु बीमार, जबकि एक मरणासन्न स्थिति में मिला। पशुओं के लिए न तो बोरे से बने स्वेटर की व्यवस्था की गई और न ही तिरपाल से गोशाला को ढंका गया है। सर्द भरी रात में पशु खुले में ही रखे गए हैं, जिससे पशु बीमार होकर मर रहे हैं। पशुओं की देखभाल के लिए चार कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन उसके बाद भी गोशाला में सफाई का अभाव है।
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इस मामले में गौशाला कठार जंगल के अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि पिछले एक महीने में वयोवृद्ध व गंभीर रूप से घायल दस पशुओं की मौत हुई है। चारे-पानी का इंतजाम है। समय समय पर बीमार पशुओं का उपचार होता रहता है। जल्द ही ठंडक से बचाव के लिए गोशाला के चारों तरफ तिरपाल लगाई जाएगी।
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