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Bareilly News: युवाओं को रास नहीं आ रही कम तनख्वाह की नौकरी
Wed, 31 Jan 2024 03:29 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 31 Jan 2024 03:29 AM IST
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नवाबगंज। ब्लाॅक परिसर में मंगलवार को आयोजित रोजगार मेले में 278 युवक-युवतियों ने अपने नामांकन कराए। मेले में शामिल हुए आठ कंपनियों के प्रतिनिधियों ने 125 युवाओं का ही चयन किया गया। इन्हें नियुक्तिपत्र दिए गए। कम वेतन की वजह से युवाओं को रोजगार मेलों में नौकरी के ऑफर रास नहीं आ रहे हैं।
मंगलवार को रोजगार मेले में पहुंचे कई युवा कम वेतन का हवाला देकर लौट गए। यहां आए युवाओं ने बताया कि कंपनियों के प्रतिनिधि बाहर भेजने की बात कहते हैं मगर, वेतन कम मिलता है। इतने कम वेतन पर दूसरे शहर में रहना संभव नहीं है। इससे पहले खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र शाक्य और ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि डाॅ. आशुतोष गंगवार ने मेले का शुभारंभ किया।
इस दौरान पहुंचे 278 बेरोजगारों में से 125 ही कंपनियों के मानकों पर खरे उतरे। इस दौरान एडीओ पंचायत आशीष भटनागर, आईटीआई विश्व बैंक महिला बरेली टीकम शरण, प्रधान द्वारिका प्रसाद, विकास गंगवार आदि मौजूद रहे।
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जब 25 हजार मिल रहे हैं तो 20 हजार की क्यों करें नौकरी
एक अन्य कंपनी में मुझे 25 हजार रुपये मिल रहे हैं, लेकिन यहां 20 हजार रुपये ही देने की कह रहे हैं। जब हमें पहले से ही अधिक रुपये मिल रहे हैं तो क्यों ज्वाइन करें। - सुनील कुमार
रहने-खाने मेें ही खर्च हो जाते हैं 10 हजार रुपये
पहले मेले में उत्तराखंड की कंपनी मेें 12 हजार रुपये की नौकरी मिली। लेकिन वहां रहने-खाने और यात्रा में ही दस हजार रुपये से अधिक खर्च में हो रहे थे। इसलिए छोड़कर चले आए, अब पुन: नामांकन कराया है। - अजय कुमार
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मंगलवार को रोजगार मेले में पहुंचे कई युवा कम वेतन का हवाला देकर लौट गए। यहां आए युवाओं ने बताया कि कंपनियों के प्रतिनिधि बाहर भेजने की बात कहते हैं मगर, वेतन कम मिलता है। इतने कम वेतन पर दूसरे शहर में रहना संभव नहीं है। इससे पहले खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र शाक्य और ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि डाॅ. आशुतोष गंगवार ने मेले का शुभारंभ किया।
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इस दौरान पहुंचे 278 बेरोजगारों में से 125 ही कंपनियों के मानकों पर खरे उतरे। इस दौरान एडीओ पंचायत आशीष भटनागर, आईटीआई विश्व बैंक महिला बरेली टीकम शरण, प्रधान द्वारिका प्रसाद, विकास गंगवार आदि मौजूद रहे।
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जब 25 हजार मिल रहे हैं तो 20 हजार की क्यों करें नौकरी
एक अन्य कंपनी में मुझे 25 हजार रुपये मिल रहे हैं, लेकिन यहां 20 हजार रुपये ही देने की कह रहे हैं। जब हमें पहले से ही अधिक रुपये मिल रहे हैं तो क्यों ज्वाइन करें। - सुनील कुमार
रहने-खाने मेें ही खर्च हो जाते हैं 10 हजार रुपये
पहले मेले में उत्तराखंड की कंपनी मेें 12 हजार रुपये की नौकरी मिली। लेकिन वहां रहने-खाने और यात्रा में ही दस हजार रुपये से अधिक खर्च में हो रहे थे। इसलिए छोड़कर चले आए, अब पुन: नामांकन कराया है। - अजय कुमार