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Bareilly News: तराई में होने वाले गेहूं की पैदावार अब जिले में भी
Mon, 22 Apr 2024 05:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 22 Apr 2024 05:15 AM IST
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बरेली। जिले के किसान भी अब खेती के नए-नए तरीके सीख रहे हैं। परंपरागत खेती को छोड़कर नई प्रजाति के बीज बोकर ज्यादा पैदावार ले रहे हैं। जिले में 40 हजार हेक्टेयर जमीन पर इस बार डीबीडल्यू 303 प्रजाति का गेहूं बोया गया है। कृषि विभाग का कहना है कि अभी तक ये फसल तराई में ही हुआ करती थी, लेकिन अब जिले के किसानों ने इसमें दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है।
जिले में करीब दो लाख हेक्टेयर जमीन पर इस बार गेहूं की फसल बोई गई है। कृषि विभाग की मानें तो एक हेक्टेयर में करीब 40 क्विंटल के आसपास गेहूं निकल आता है। किसान अब ज्यादा से ज्यादा पैदावार चाहता है। इसको देखते हुए कृषि विभाग की तरफ से इस बार उन्नत प्रजाति का डीबीडब्ल्यू 303 गेहूं का बीज किसानों को बांटा गया था। इसके अलावा बाजार में भी अब यह बीज उपलब्ध है। बीज विक्रेता पंकज माहेश्वरी ने बताया कि 303 प्रजाति की खासियत यह है कि पैदावार ज्यादा होने के साथ ही इसका तना मजबूत होता है। इससे हल्की बरसात व तेज हवा में फसल आसानी से बिछती नहीं है। एक हेक्टेयर में करीब 45 से 50 क्विंटल तक गेहूं की फसल हो जाती है।
फोटो
303 बोने से मिला फायदा : उदयराज
फरीदपुर के ग्राम अंधरपुरा के उदयराज बताते है कि इस बार उन्होंने डीबीडब्ल्यू 303 बोया। तीन कट्टे ले गए थे। 40 किलो का एक कट्टा है। एक एकड़ में करीब 24 क्विंटल गेहूं आया। पिछले साल तक दूसरी प्रजाति के बीज बोने पर 17-18 क्विंटल ही गेहूं मिल पाता था। गेहूं का दाना भी अच्छा है।
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फोटो-
नई प्रजातियों की रखनी होगी जानकारी : अरविंद
ट्यूलिया के किसान अरविंद कुमार बताते हैं कि किसानों को अब नई प्रजातियों के बीजों के बारे में भी जानकारी रखनी चाहिए। इस बार मैंने भी डीबीडब्ल्यू 303 प्रजाति का गेहूं बोया। 22 क्विंटल प्रति एकड़ से ज्यादा पैदावार मिली। पहली बार इसे लगाया था इसका फायदा भी हुआ।
वर्जन-
पिछले साल जिले में महज दस हजार हेक्टेयर में डीबीडब्ल्यू 303 बोया गया था। इस बार 40 हजार हेक्टेयर में यह फसल की गई है। इसमें एक हेक्टेयर में 45 से 50 क्विंटल गेहूं तक की उपज होती है। अगले साल और ज्यादा रकबे में बोआई की संभावना है।- धीरेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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जिले में करीब दो लाख हेक्टेयर जमीन पर इस बार गेहूं की फसल बोई गई है। कृषि विभाग की मानें तो एक हेक्टेयर में करीब 40 क्विंटल के आसपास गेहूं निकल आता है। किसान अब ज्यादा से ज्यादा पैदावार चाहता है। इसको देखते हुए कृषि विभाग की तरफ से इस बार उन्नत प्रजाति का डीबीडब्ल्यू 303 गेहूं का बीज किसानों को बांटा गया था। इसके अलावा बाजार में भी अब यह बीज उपलब्ध है। बीज विक्रेता पंकज माहेश्वरी ने बताया कि 303 प्रजाति की खासियत यह है कि पैदावार ज्यादा होने के साथ ही इसका तना मजबूत होता है। इससे हल्की बरसात व तेज हवा में फसल आसानी से बिछती नहीं है। एक हेक्टेयर में करीब 45 से 50 क्विंटल तक गेहूं की फसल हो जाती है।
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303 बोने से मिला फायदा : उदयराज
फरीदपुर के ग्राम अंधरपुरा के उदयराज बताते है कि इस बार उन्होंने डीबीडब्ल्यू 303 बोया। तीन कट्टे ले गए थे। 40 किलो का एक कट्टा है। एक एकड़ में करीब 24 क्विंटल गेहूं आया। पिछले साल तक दूसरी प्रजाति के बीज बोने पर 17-18 क्विंटल ही गेहूं मिल पाता था। गेहूं का दाना भी अच्छा है।
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नई प्रजातियों की रखनी होगी जानकारी : अरविंद
ट्यूलिया के किसान अरविंद कुमार बताते हैं कि किसानों को अब नई प्रजातियों के बीजों के बारे में भी जानकारी रखनी चाहिए। इस बार मैंने भी डीबीडब्ल्यू 303 प्रजाति का गेहूं बोया। 22 क्विंटल प्रति एकड़ से ज्यादा पैदावार मिली। पहली बार इसे लगाया था इसका फायदा भी हुआ।
वर्जन-
पिछले साल जिले में महज दस हजार हेक्टेयर में डीबीडब्ल्यू 303 बोया गया था। इस बार 40 हजार हेक्टेयर में यह फसल की गई है। इसमें एक हेक्टेयर में 45 से 50 क्विंटल गेहूं तक की उपज होती है। अगले साल और ज्यादा रकबे में बोआई की संभावना है।- धीरेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी