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UP: कुछ देर पहले नानकमत्ता में टेका मत्था, शादी और धार्मिक यात्रा से खुश था परिवार, फिर अचानक ऐसे गई 3 की जान
Wed, 28 Jun 2023 02:36 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 28 Jun 2023 02:36 PM IST
सार
बरेली में मंगलवार को टोल प्लाजा के पास दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। कार से उतर रहे तीन लोगों को तेज रफ्तार कैंटर ने टक्कर मार दी। हादसे में पिता और दो पुत्रों की मौत हो गई। हादसे में पंजाब के पटियाला के रहने वाला कारोबारी और उसके दो पुत्रों की मौत हो गई।
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मृतक पिता और पित्रों के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के पटियाला निवासी कारोबारी परमजीत सिंह (42) और उनके दो बेटे सर्वजोत सिंह (14) व वंश सिंह (12) की बरेली में टोल प्लाजा के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। टोल प्लाजा से पहले फास्टैग रिचार्ज कराने के लिए तीनों लोग कार से उतर रहे थे। इतने में पीछे से आ रहा तेज रफ्तार कैंटर तीनों लोगों को टक्कर मारता हुआ 10 फुट गहरी खाई में जा गिरा।
पटियाला के त्रिपेड़ी आनंद नगर निवासी परमजीत कार व्यवसायी थे। वह 25 जून को बरेली में अपनी पत्नी के मामा सुरेंद्र सिंह की बेटी अमनदीप कौर की शादी में आए थे। सुरेंद्र सिंह के भाई सदर कैंट निवासी होटल कारोबारी सतवंत सिंह चड्ढा ने बताया कि परमजीत सिंह के साथ उनकी पत्नी, दोनों बेटे, बेटी, मां व मौसेरे भाई भी थे।
26 जून को पूरा परिवार नानकमत्ता चला गया था। शाम को लौटने के बाद खाना खाकर रात 10 बजे ये पटियाला के लिए रवाना हो गए। इनकी कार के अलावा परिवार के अन्य लोग भी दो कारों से साथ चल रहे थे। फतेहगंज पश्चिमी टोल से पहले परमजीत सिंह ने फास्टैग रिचार्ज के लिए रोड किनारे कार रुकवाई। वह और उनके दोनों बेटे कार से नीचे उतरने लगे। तभी पीछे से आ रहे कैंटर ने कार में टक्कर मार दी।
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इससे कार आगे बढ़ी और उनके परिजनों की ही दूसरी कार में भिड़ गई। दोनों कारों के बीच में पिता-पुत्र फंस गए और वहीं उनकी मौत हो गई। कार में बैठी परमजीत सिंह की मां इंद्रप्रीत कौर, पत्नी बिंदु, कार चला रहे मौसेरे भाई पटियाला में तैनात दरोगा हरप्रीत सिंह घायल हो गए। मंगलवार दोपहर 12 बजे पोस्टमार्टम के बाद उनके रिश्तेदार तीनों के शव लेकर पटियाला रवाना हो गए।
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पटियाला के त्रिपेड़ी आनंद नगर निवासी परमजीत कार व्यवसायी थे। वह 25 जून को बरेली में अपनी पत्नी के मामा सुरेंद्र सिंह की बेटी अमनदीप कौर की शादी में आए थे। सुरेंद्र सिंह के भाई सदर कैंट निवासी होटल कारोबारी सतवंत सिंह चड्ढा ने बताया कि परमजीत सिंह के साथ उनकी पत्नी, दोनों बेटे, बेटी, मां व मौसेरे भाई भी थे।
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26 जून को पूरा परिवार नानकमत्ता चला गया था। शाम को लौटने के बाद खाना खाकर रात 10 बजे ये पटियाला के लिए रवाना हो गए। इनकी कार के अलावा परिवार के अन्य लोग भी दो कारों से साथ चल रहे थे। फतेहगंज पश्चिमी टोल से पहले परमजीत सिंह ने फास्टैग रिचार्ज के लिए रोड किनारे कार रुकवाई। वह और उनके दोनों बेटे कार से नीचे उतरने लगे। तभी पीछे से आ रहे कैंटर ने कार में टक्कर मार दी।
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इससे कार आगे बढ़ी और उनके परिजनों की ही दूसरी कार में भिड़ गई। दोनों कारों के बीच में पिता-पुत्र फंस गए और वहीं उनकी मौत हो गई। कार में बैठी परमजीत सिंह की मां इंद्रप्रीत कौर, पत्नी बिंदु, कार चला रहे मौसेरे भाई पटियाला में तैनात दरोगा हरप्रीत सिंह घायल हो गए। मंगलवार दोपहर 12 बजे पोस्टमार्टम के बाद उनके रिश्तेदार तीनों के शव लेकर पटियाला रवाना हो गए।
शादी में शामिल होने के बाद धार्मिक यात्रा का आनंद लेकर पंजाब लौट रहे परिवार ने हादसे का जो दंश झेला, उसे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। उल्लास का माहौल एक पल में मातम में बदल गया।
बरेली के होटल कारोबारी सतवंत सिंह चड्ढा के रिश्तेदार के साथ यह हादसा हुआ। 25 जून को उनकी भतीजी की शादी थी। तीन गाड़ियों से पंजाब से परिवार और रिश्तेदार आए थे। शादी में सभी ने जमकर मस्ती की। काफी समय बाद मिले तो खूब बातें हुईं और फोटो भी खिंचवाए। रविवार को आराम किया।
सोमवार को उत्तराखंड के नानकमत्ता पहुंचकर मत्था टेका। लंगर छका और संगत का आनंद लेकर परिवार के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान सभी ने फोटो भी खिंचवाए और सोशल मीडिया पर शेयर किए।
रात में वहां से लौटकर सभी ने सतवंत सिंह व भाई के संयुक्त परिवार के साथ भोजन किया। मेजबानों ने इनसे सुबह निकलने का आग्रह किया पर परमजीत सिंह ने कारोबारी व्यस्तता की बात कहकर विनम्रतापूर्वक विदा ले ली। इसके घंटेभर बाद ही हादसे की मनहूस खबर आ गई। सतवंत सिंह ने बताया कि वह उसी वक्त फतेहगंज पश्चिमी के लिए निकल गए। पति और दो बेटों की मौत से बिंदु रोते-रोते बार-बार बेहोश हो रही थीं।
ओवरलोड बताया जा रहा कैंटर
हादसे में तीन लोगों की जान लेने वाला कैंटर ओवरलोड बताया जा रहा है। उसकी ऊंचाई भी मानक से ज्यादा थी, इसलिए ड्राइवर काफी प्रयास के बाद भी कैंटर को नियंत्रित नहीं कर सका। चर्चा है कि कैंट की रफ्तार भी तेज थी। पीड़ित परिवार के साथ मौके पर पहुंचे लोगों ने हाईवे पर बेहिसाब दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों की अनदेखी पर नाराजगी भी जताई।
हादसे में तीन लोगों की जान लेने वाला कैंटर ओवरलोड बताया जा रहा है। उसकी ऊंचाई भी मानक से ज्यादा थी, इसलिए ड्राइवर काफी प्रयास के बाद भी कैंटर को नियंत्रित नहीं कर सका। चर्चा है कि कैंट की रफ्तार भी तेज थी। पीड़ित परिवार के साथ मौके पर पहुंचे लोगों ने हाईवे पर बेहिसाब दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों की अनदेखी पर नाराजगी भी जताई।