{"_id":"665fec83f55febee1c03fb6c","slug":"up-election-result-rohilkhand-lok-sabha-seat-wise-analysis-sp-four-bjp-restricted-to-three-2024-06-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP Chunav Results 2024: रुहेलखंड में कड़े मुकाबले में सपा का जलवा, भाजपा तीन पर सिमटी; जानें सीटवार स्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP Chunav Results 2024: रुहेलखंड में कड़े मुकाबले में सपा का जलवा, भाजपा तीन पर सिमटी; जानें सीटवार स्थिति
Wed, 05 Jun 2024 10:50 AM IST
शाहरुख खान
राजन परिहार, अमर उजाला, बरेली
राजन परिहार, अमर उजाला, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 05 Jun 2024 10:50 AM IST
सार
रुहेलखंड में कड़े मुकाबले में सपा ने भाजपा से चार सीटें छीन लीं। भाजपा सिर्फ तीन सीट ही जीत सकी। भाजपा ने बदायूं और आंवला सीटें गंवाकर सिर्फ बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर सीट ही भाजपा जीत पाई। सपा ने खीरी और धौरहरा सीट पर भी कब्जा जमा लिया।
विज्ञापन
UP Election Result
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस बार का आम चुनाव बरेली मंडल की पांच व खीरी जिले की दो सीटों पर भाजपा के लिए निराशाजनक रहा। इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधि बनकर उतरे सपा उम्मीदवारों ने चार सीटें भाजपा से छीन लीं। इन सभी सात सीटों पर वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने विजय हासिल की थी। यही नहीं, आंवला, लखीमपुर खीरी व धौरहरा सीटें तो पिछले दो चुनावों से भाजपा के पास थीं।
वर्ष 2014 में भी इन तीनों सीटों पर भाजपा जीती थी। सिर्फ एक बदायूं सीट ऐसी थी जहां पिछले चुनाव में सपा के धर्मेंद्र यादव को हराकर भाजपा काबिज हुई थी। बदले समीकरणों में अब भाजपा के पास सिर्फ बरेली, पीलीभीत व शाहजहांपुर की सीटें रह गई हैं। स्थिति यह है कि पिछली बार के मुकाबले जीत का अंतर काफी घटने से भाजपा इन जीती हुईं सीटों पर भी पिछड़ गई है। आइए सीटवार जानते हैं कहां, क्या रही स्थिति?
बरेली : एक लाख से ज्यादा घट गया जीत का अंतर
बरेली सीट से आठ बार सांसद का चुनाव जीतने वाले भाजपा के संतोष गंगवार ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में 1,67,282 मतों के अंतर से यहां जीत दर्ज की थी। संतोष का टिकट काटकर पार्टी ने इस बार छत्रपाल गंगवार को मैदान में उतारा था। छत्रपाल ने 34,804 मतों से जीत तो हासिल कर ली, लेकिन मतों के अंतर के पिछले रिकाॅर्ड से 1,32,478 मत पिछड़ गए। छत्रपाल ने 5,67,127 मत हासिल किए, जबकि उन्हें टक्कर देने वाले सपा के प्रवीण सिंह ऐरन ने 5,32,323 मत हासिल किए।
विज्ञापन
पीलीभीत : 90 हजार कम हुआ जीत का अंतर
लगातार कई वर्षों तक मेनका गांधी व वरुण गांधी के कब्जे में रही पीलीभीत सीट से भाजपा के जीत के रिकॉर्ड को कायम रखते हुए जितिन प्रसाद ने 6,07,158 वोट हासिल कर 1,64,935 मतों के अंतर से जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन पिछली चुनाव से भाजपा की जीत का अंतर यहां 90,692 मत घट गया। वर्ष 2019 के चुनाव में वरुण गांधी ने यह सीट 2,55,627 मतों के अंतर से जीती थी। इस तरह बरेली मंडल में इस बार पीलीभीत में सर्वाधिक मतों के अंतर जीत दर्ज कराने के बावजूद भाजपा अपने पिछले रिकाॅर्ड से पिछड़ गई।
विज्ञापन
वर्ष 2014 में भी इन तीनों सीटों पर भाजपा जीती थी। सिर्फ एक बदायूं सीट ऐसी थी जहां पिछले चुनाव में सपा के धर्मेंद्र यादव को हराकर भाजपा काबिज हुई थी। बदले समीकरणों में अब भाजपा के पास सिर्फ बरेली, पीलीभीत व शाहजहांपुर की सीटें रह गई हैं। स्थिति यह है कि पिछली बार के मुकाबले जीत का अंतर काफी घटने से भाजपा इन जीती हुईं सीटों पर भी पिछड़ गई है। आइए सीटवार जानते हैं कहां, क्या रही स्थिति?
विज्ञापन
बरेली : एक लाख से ज्यादा घट गया जीत का अंतर
बरेली सीट से आठ बार सांसद का चुनाव जीतने वाले भाजपा के संतोष गंगवार ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में 1,67,282 मतों के अंतर से यहां जीत दर्ज की थी। संतोष का टिकट काटकर पार्टी ने इस बार छत्रपाल गंगवार को मैदान में उतारा था। छत्रपाल ने 34,804 मतों से जीत तो हासिल कर ली, लेकिन मतों के अंतर के पिछले रिकाॅर्ड से 1,32,478 मत पिछड़ गए। छत्रपाल ने 5,67,127 मत हासिल किए, जबकि उन्हें टक्कर देने वाले सपा के प्रवीण सिंह ऐरन ने 5,32,323 मत हासिल किए।
विज्ञापन
पीलीभीत : 90 हजार कम हुआ जीत का अंतर
लगातार कई वर्षों तक मेनका गांधी व वरुण गांधी के कब्जे में रही पीलीभीत सीट से भाजपा के जीत के रिकॉर्ड को कायम रखते हुए जितिन प्रसाद ने 6,07,158 वोट हासिल कर 1,64,935 मतों के अंतर से जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन पिछली चुनाव से भाजपा की जीत का अंतर यहां 90,692 मत घट गया। वर्ष 2019 के चुनाव में वरुण गांधी ने यह सीट 2,55,627 मतों के अंतर से जीती थी। इस तरह बरेली मंडल में इस बार पीलीभीत में सर्वाधिक मतों के अंतर जीत दर्ज कराने के बावजूद भाजपा अपने पिछले रिकाॅर्ड से पिछड़ गई।
शाहजहांपुर : पिछली जीत के आंकड़ों से पिछड़ गए अरुण
भाजपा से अरुण कुमार सागर ने 5,91,500 मत पाकर 56,780 वोटों से यहां फिर जीत कराई है। उनकी प्रतिद्वंद्वी ज्योत्सना गोंड को 5,34,720 मत मिले, लेकिन अरुण पिछली बार की अपनी जीत के आंकड़े से ही इस बार पिछड़ गए। पिछली बार वह 2,68,418 मतों से जीते थे और 6,88,990 वोट हासिल कर बीएसपी के अमर चंद्र जौहर को हराया था। पिछली बार के मुकाबले उनकी जीत का अंतर इस बार 2,11,638 मत घट गया। यहां मुकाबला भी कड़ा रहा। शुरुआत में यहां से बढ़त बनाने वाले अरुण एक बार पिछड़ भी गए थे। हालांकि, बाद में वह जीत गए।
भाजपा से अरुण कुमार सागर ने 5,91,500 मत पाकर 56,780 वोटों से यहां फिर जीत कराई है। उनकी प्रतिद्वंद्वी ज्योत्सना गोंड को 5,34,720 मत मिले, लेकिन अरुण पिछली बार की अपनी जीत के आंकड़े से ही इस बार पिछड़ गए। पिछली बार वह 2,68,418 मतों से जीते थे और 6,88,990 वोट हासिल कर बीएसपी के अमर चंद्र जौहर को हराया था। पिछली बार के मुकाबले उनकी जीत का अंतर इस बार 2,11,638 मत घट गया। यहां मुकाबला भी कड़ा रहा। शुरुआत में यहां से बढ़त बनाने वाले अरुण एक बार पिछड़ भी गए थे। हालांकि, बाद में वह जीत गए।
खीरी : दो लाख 18 हजार मतों से जीती सीट, 34329 से गंवाई
वर्ष 2019 के आम चुनावों में जिस खीरी सीट पर भाजपा के अजय कुमार मिश्र टेनी ने 2,18,807 मतों के अंतर से जीत दर्ज कराई थी, उसी सीट को इस बार के चुनाव में 34,329 मतों से गंवा दिया। सपा के उत्कर्ष वर्मा ने 5,57,365 मत हासिल कर यहां जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के अजय को 5,23,036 मत मिले। भाजपा ने यह सीट 2014 के चुनाव में भी जीती थी।
वर्ष 2019 के आम चुनावों में जिस खीरी सीट पर भाजपा के अजय कुमार मिश्र टेनी ने 2,18,807 मतों के अंतर से जीत दर्ज कराई थी, उसी सीट को इस बार के चुनाव में 34,329 मतों से गंवा दिया। सपा के उत्कर्ष वर्मा ने 5,57,365 मत हासिल कर यहां जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के अजय को 5,23,036 मत मिले। भाजपा ने यह सीट 2014 के चुनाव में भी जीती थी।
धौरहरा : एक लाख 60 हजार से जीतीं रेखा को आनंद ने 4,449 से हराया
धौरहरा सीट पर इस बार चुनाव में काफी कड़ा मुकाबला हुआ। वर्ष 2019 के चुनाव में 5,12,905 मत हासिल कर 1,60,611 मतों के बड़े अंतर से जीतीं भाजपा की रेखा वर्मा इस बार सपा उम्मीदवार आनंद भदौरिया से 4,449 मतों से हार गईं। रेखा ने 4,39,294 और आनंद ने इस बार 4,43,743 मत हासिल किए। इस सीट का चुनाव इस बार रोचक रहा। आनंद की बढ़त लगातार घटती-बढ़ती रही। अंत में आनंद जीत गए।
धौरहरा सीट पर इस बार चुनाव में काफी कड़ा मुकाबला हुआ। वर्ष 2019 के चुनाव में 5,12,905 मत हासिल कर 1,60,611 मतों के बड़े अंतर से जीतीं भाजपा की रेखा वर्मा इस बार सपा उम्मीदवार आनंद भदौरिया से 4,449 मतों से हार गईं। रेखा ने 4,39,294 और आनंद ने इस बार 4,43,743 मत हासिल किए। इस सीट का चुनाव इस बार रोचक रहा। आनंद की बढ़त लगातार घटती-बढ़ती रही। अंत में आनंद जीत गए।
बदायूं : सपा ने 18,454 मतों से हारी सीट 34 हजार से अधिक मतों से छीनी
बदायूं से सपा के संस्थापक परिवार के सदस्य पिछले कई चुनावों से जीतते आ रहे थे, लेकिन पिछले चुुनाव में भाजपा की संघमित्रा मौर्य ने धर्मेंद्र यादव को 18,454 मतों से हराकर ये सीट जीत ली थी। इस बार सपा से मैदान में उतरे शिवपाल सिंह यादव के पुत्र आदित्य यादव ने 34,991 मतों के अंतर से वापस इस सीट को छीन लिया। आदित्य को 5,01,855 मत मिले जबकि उनके मुकाबले मैदान में भाजपा से उतरे दुर्विजय शाक्य को 4,66,864 मत ही मिले। यहां मुकाबला जरूर रोचक रहा। दुर्विजय शाक्य ने कई चक्रों की मतगणना में लीड ली, लेकिन बाद में वह आदित्य से पिछड़े तो उबर नहीं सके।
बदायूं से सपा के संस्थापक परिवार के सदस्य पिछले कई चुनावों से जीतते आ रहे थे, लेकिन पिछले चुुनाव में भाजपा की संघमित्रा मौर्य ने धर्मेंद्र यादव को 18,454 मतों से हराकर ये सीट जीत ली थी। इस बार सपा से मैदान में उतरे शिवपाल सिंह यादव के पुत्र आदित्य यादव ने 34,991 मतों के अंतर से वापस इस सीट को छीन लिया। आदित्य को 5,01,855 मत मिले जबकि उनके मुकाबले मैदान में भाजपा से उतरे दुर्विजय शाक्य को 4,66,864 मत ही मिले। यहां मुकाबला जरूर रोचक रहा। दुर्विजय शाक्य ने कई चक्रों की मतगणना में लीड ली, लेकिन बाद में वह आदित्य से पिछड़े तो उबर नहीं सके।
आंवला : एक लाख से अधिक वोट पाकर जीती सीट 15,969 से गंवाई
भाजपा के धर्मेंद्र कश्यप ने 1,13,743 वोट के अंतर से आंवला सीट वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जीती थी, लेकिन इस बार 15,969 मतों से गंवा दी। यहां से सपा के उम्मीदवार नीरज मौर्य 4,92,515 मत हासिल कर विजयी हुए, जबकि भाजपा के धर्मेंद्र कश्यप को 4,76,546 मत ही मिले। इस सीट पर भी काफी रोचक मुकाबला रहा। मतगणना की शुरुआत में नीरज ने बढ़त ली, लेकिन धर्मेंद्र ने पीछे कर दिया। बाद में नीरज फिर आगे निकले और जीत गए।
भाजपा के धर्मेंद्र कश्यप ने 1,13,743 वोट के अंतर से आंवला सीट वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जीती थी, लेकिन इस बार 15,969 मतों से गंवा दी। यहां से सपा के उम्मीदवार नीरज मौर्य 4,92,515 मत हासिल कर विजयी हुए, जबकि भाजपा के धर्मेंद्र कश्यप को 4,76,546 मत ही मिले। इस सीट पर भी काफी रोचक मुकाबला रहा। मतगणना की शुरुआत में नीरज ने बढ़त ली, लेकिन धर्मेंद्र ने पीछे कर दिया। बाद में नीरज फिर आगे निकले और जीत गए।