{"_id":"5910c8204f1c1b3b5485213e","slug":"up-board-preparation-of-rigging-of-ropes-was-rigged","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी बोर्ड: कापियों के मूल्यांकन में बड़ी धांधली की थी तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी बोर्ड: कापियों के मूल्यांकन में बड़ी धांधली की थी तैयारी
बरेली।
Updated Tue, 09 May 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
यूपी बोर्ड: कापियों के मूल्यांकन में बड़ी धांधली की थी तैयारी
- फोटो : यूपी बोर्ड: कापियों के मूल्यांकन में बड़ी धांधली की थी तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मूल्यांकन में सेंधमारी के लिए नकल माफिया ने इस बार नया तरीका निकाला। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय बरेली के नाम से एक फर्जी पत्र प्रदेश के सभी मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों को जारी कर दिया। इस पर क्षेत्रीय सचिव विनोद कृष्ण के फर्जी हस्ताक्षर भी कर दिए। पत्र में बरेली के दसवीं और बारहवीं के 12-12 परीक्षा केंद्रों की एक विशेष टीम से दोबारा जांच कराने के आदेश दिए गए।
मूल्यांकन केंद्र पर कानूनी कार्रवाई की धौंस भी दिखा डाली। 28 अप्रैल को जारी यह पत्र प्रदेश के सभी मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंच गए। जब केंद्र प्रभारियों को शक हुआ तो बरेली संयुक्त शिक्षा कार्यालय संपर्क किया, जिससे सारी हकीकत सामने आ गई। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से इस प्रकार का कोई पत्र ही जारी नहीं हुआ। बोर्ड कार्यालय की तरफ से सोमवार को प्रदेश के सभी डीआईओएस को पत्र जारी कर अवगत कराया गया कि जो पत्र केंद्रों पर पहुंचा वो फर्जी है। बोर्ड ने इस तरह का कोई पत्र जारी नहीं किया। बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव की तरफ से कोतवाली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया है।
मूल्यांकन केंद्र तक पहुंचने की थी मंशा
पत्र से स्पष्ट होता है कि नकल माफिया विशेष टीम के माध्यम से मूल्यांकन केंद्र तक पहुंचकर कुछ कॉलेजों की कॉपियों में मनमाने अंक बढ़वाना चाहता था। पत्र में बरेली के दसवीं और बारहवीं के 12-12 केंद्र संख्या दी गई। आरोप लगाया कि इन कॉलेजों की कॉपियों में मूल्यांकन के दौरान मनमाने अंक दिए गए। इसमें कोठार, डीएचई, परीक्षक शामिल हैं। पत्र में आदेश दिया कि इन केंद्रों की कॉपियों की विशेष टीम बनाकर पर्यवेक्षक की मौजूदगी में कड़ाई से जांच कराएं। मूल्यांकन के बाद एक विशेष टीम द्वारा इनकी पुन: जांच कराएं। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नकल माफिया की मंशा थी कि विशेष टीम के जरिये मनमाने अंक दिलाए जा सके।
विज्ञापन
नकल माफिया की अंदर तक है पहुंच
पत्र के प्रारूप देखकर यही लगता है कि नकल माफिया की बोर्ड कार्यालय तक पहुंच है। पत्रांक संख्या के साथ पत्र जारी किया गया है। भाषा के साथ सचिव के हस्ताक्षर भी हैं। पत्र पर तिथि 20 अप्रैल है और सचिव के हस्ताक्षर के नीचे तिथि 28 अप्रैैल, ताकि किसी को जरा सा भी शक न हो। इतना ही नहीं सचिव माध्यमिक शिक्षा इलाहाबाद, मंडल के सभी जेडी, जिलों के डीएम, सभी डीआईओएस, मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों को इसकी प्रतिलिपी भेजी गई।
इन मूल्यांकन केंद्रों की दी गई है संख्या
बारवहीं दसवीं
03111 18125
03168 18126
03156 18130
03183 18138
03138 18172
03164 18181
03110 18185
03115 18233
03212 18249
03228 18200
03171 18188
03116 18131
बोर्ड ने पहले ही 90 फीसदी या शून्य अंक पर स्क्रीनिंग कराने का आदेश जारी किया हैै। अब स्क्रीनिंग का सवाल ही नहीं उठता। क्षेत्रीय कार्यालय से विशेष जांच के लिए कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। जो पत्र जारी हुआ है वो फर्जी है। नकल माफिया केंद्रों तक पहुंचने का रास्ता खोज रहे हैं। प्रदेश का कोई भी केंद्र ऐसे लोगों को अपने यहां न आने दें। इसका पत्र जारी कर दिया गया है।
-विनोद कृष्ण, क्षेत्रीय सचिव
हमीरपुर से मेरे पास जानकारी आई कि बोर्ड से ऐसा पत्र जारी हुआ है। मेल पर वो पत्र लेने के बाद मैंने तुरंत क्षेत्रीय सचिव को भेजा, तब पता चला कि पत्र फर्जी है। बोर्ड ने इस तरक का कोई पत्र जारी ही नहीं किया।
-शिव प्रकाश द्विवेदी, जेडी
विज्ञापन
मूल्यांकन केंद्र पर कानूनी कार्रवाई की धौंस भी दिखा डाली। 28 अप्रैल को जारी यह पत्र प्रदेश के सभी मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंच गए। जब केंद्र प्रभारियों को शक हुआ तो बरेली संयुक्त शिक्षा कार्यालय संपर्क किया, जिससे सारी हकीकत सामने आ गई। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से इस प्रकार का कोई पत्र ही जारी नहीं हुआ। बोर्ड कार्यालय की तरफ से सोमवार को प्रदेश के सभी डीआईओएस को पत्र जारी कर अवगत कराया गया कि जो पत्र केंद्रों पर पहुंचा वो फर्जी है। बोर्ड ने इस तरह का कोई पत्र जारी नहीं किया। बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव की तरफ से कोतवाली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
मूल्यांकन केंद्र तक पहुंचने की थी मंशा
पत्र से स्पष्ट होता है कि नकल माफिया विशेष टीम के माध्यम से मूल्यांकन केंद्र तक पहुंचकर कुछ कॉलेजों की कॉपियों में मनमाने अंक बढ़वाना चाहता था। पत्र में बरेली के दसवीं और बारहवीं के 12-12 केंद्र संख्या दी गई। आरोप लगाया कि इन कॉलेजों की कॉपियों में मूल्यांकन के दौरान मनमाने अंक दिए गए। इसमें कोठार, डीएचई, परीक्षक शामिल हैं। पत्र में आदेश दिया कि इन केंद्रों की कॉपियों की विशेष टीम बनाकर पर्यवेक्षक की मौजूदगी में कड़ाई से जांच कराएं। मूल्यांकन के बाद एक विशेष टीम द्वारा इनकी पुन: जांच कराएं। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नकल माफिया की मंशा थी कि विशेष टीम के जरिये मनमाने अंक दिलाए जा सके।
विज्ञापन
नकल माफिया की अंदर तक है पहुंच
पत्र के प्रारूप देखकर यही लगता है कि नकल माफिया की बोर्ड कार्यालय तक पहुंच है। पत्रांक संख्या के साथ पत्र जारी किया गया है। भाषा के साथ सचिव के हस्ताक्षर भी हैं। पत्र पर तिथि 20 अप्रैल है और सचिव के हस्ताक्षर के नीचे तिथि 28 अप्रैैल, ताकि किसी को जरा सा भी शक न हो। इतना ही नहीं सचिव माध्यमिक शिक्षा इलाहाबाद, मंडल के सभी जेडी, जिलों के डीएम, सभी डीआईओएस, मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों को इसकी प्रतिलिपी भेजी गई।
इन मूल्यांकन केंद्रों की दी गई है संख्या
बारवहीं दसवीं
03111 18125
03168 18126
03156 18130
03183 18138
03138 18172
03164 18181
03110 18185
03115 18233
03212 18249
03228 18200
03171 18188
03116 18131
बोर्ड ने पहले ही 90 फीसदी या शून्य अंक पर स्क्रीनिंग कराने का आदेश जारी किया हैै। अब स्क्रीनिंग का सवाल ही नहीं उठता। क्षेत्रीय कार्यालय से विशेष जांच के लिए कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। जो पत्र जारी हुआ है वो फर्जी है। नकल माफिया केंद्रों तक पहुंचने का रास्ता खोज रहे हैं। प्रदेश का कोई भी केंद्र ऐसे लोगों को अपने यहां न आने दें। इसका पत्र जारी कर दिया गया है।
-विनोद कृष्ण, क्षेत्रीय सचिव
हमीरपुर से मेरे पास जानकारी आई कि बोर्ड से ऐसा पत्र जारी हुआ है। मेल पर वो पत्र लेने के बाद मैंने तुरंत क्षेत्रीय सचिव को भेजा, तब पता चला कि पत्र फर्जी है। बोर्ड ने इस तरक का कोई पत्र जारी ही नहीं किया।
-शिव प्रकाश द्विवेदी, जेडी