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सख्ती बेइंतहा, कई केंद्रों पर फिर भी नहीं पहुंचे स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कक्ष निरीक्षक

Wed, 07 Feb 2018 02:22 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Wed, 07 Feb 2018 02:22 AM IST
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UP Board exam begins with anomalies
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं - फोटो : अमर उजाला
शासन की सख्ती के बावजूद माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में व्यवस्थाओं का टोटा रहा। शिक्षा विभाग द्वारा फुल होमवर्क करने के बावजूद 26 केंद्रों पर बिना स्टेटिक मजिस्ट्रेट से परीक्षाएं हुईं। कुछ तो संवेदनशील केंद्र भी ऐसे रहे जहां स्टेटिक मजिस्ट्र्रेट नहीं पहुंचे। साठ फीसदी कक्ष निरीक्षक भी ड्यूटी ज्वाइन करने नहीं पहुंचे। हालांकि इन कॉलेजों को विभाग की तरफ से नोटिस जारी हुआ। हालांकि बहेड़ी के एक केंद्र को छोड़ दिया जाए तो जिले में परीक्षाएं सही से निपटीं। बहेड़ी के एक कॉलेज में तंबू लगाकर परीक्षाएं कराई गईं। 
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पहले दिन परीक्षाओं में काफी सख्ती नजर आई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों में छात्रों को जूते पहनकर अंदर नहीं जाने दिया गया। इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में लड़कियों के जूते मोजे उतरवाए गए। कुछ छात्राएं बुरका पहनकर आईं थी, परीक्षा केंद्र के बाहर ही बुरका उतरवा दिया गया। छापेमारी के लिए छह सचल बदल बनाए गए थे। किसी भी केंद्र से कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई। डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने बताया कि कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई। परीक्षाएं शांतिपूर्वक संपन्न हुईं। 
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पहले दिन 6674 ने छोड़ दी परीक्षा 
जिले में 129 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन ही 6674 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। सुबह की पाली में हाईस्कूल में 19553 छात्र पंजीकृत थे जिसमें 17610 ने परीक्षा दी और 1943 गैर हाजिर रहे। सुबह ही इंटरमीडिएट  हिंदी का पेपर था। इसमें 19168 पंजीकृत थे जिसमें 16853 ने परीक्षा दी और 2315 ने परीक्षा छोड़ दी। शाम की पाली में इंटरमीडिएट की परीक्षा थी। इसमें 25749 पंजीकृत थे, इसमें 23331 ने परीक्षा दी और 2416 गैर हाजिर रहे।
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शिक्षकों को कार्यमुक्त न करने वाले कॉलेजों को नोटिस  
तमाम कोशिशों और कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद कॉलेजों ने शिक्षकों को रिलीव नहीं किया। जिसके चलते परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंच सके। विभाग ने एक दर्जन से अधिक कॉलेजों को नोटिस जारी किए हैं। अगर शिक्षकों को रिलीव नहीं किया तो प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई की जाएगी। जवाहर मेमोरियल इंटर कॉलेज पुराना शहर, कांति कपूर, रिखी सिंह, गुलाब राय, बाबा हरदेव सिंह, डीपी सिंह इंटर कॉलेज राम नगला, समाज कल्याण इंटर कॉलेज सैदपुर, करनी महिपाल सिंह इंटर कॉलेज, डॉ भीमराव इंटर कॉलेज बिशारतगंज, श्रीमती कृष्णा मेमोरियल सिरोही, मोतीलाल नेहरू शरीफ नगर, केसरी लाल भानमती इंटर कॉलेज, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज समेत एक दर्जन से अधिक कॉलेज हैं।

पहले दिन हिंदी के पेपर में पकड़े गए दो नकलची  
काफी सख्ती होने के बावजूद नकल लेे जाने को छात्र नहीं माने। हिंदी के पेपर में दो छात्र नकल सामग्री के साथ पकड़े गए। एक छात्र अजीत सिंह कॉलेज कुतरोई में पकड़ा गया। दूसरा छात्र सरस्वती विद्या मंदिर फरीदपुर में पकड़ा गया। दोनों को आंतरिक सचल दल ने पकड़ा।

छात्र बन गया छात्रा और छात्राएं बन गईं छात्र 
परीक्षा फार्म पर लिंग का कॉलम सही न भरने के कारण अवार्डशीट और छात्रों के प्रवेश पत्र पर बड़ा घालमेल हो गया। कई परीक्षार्थियों के लिंग बदल गए। जो छात्र थे उनका नाम छात्राओं में आ गया और जो छात्राएं थी उनके नाम छात्राओं में आ गए। एसवी इंटर कॉलेज में एक मामला सामने आया। यहां लड़कों का सेंटर हैं, एक लड़के का नाम मेल की जगह फीमेल में आ गया। डीआईओएस ने उसे संशोधित कराया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के एक केंद्र पर तीन लड़कियों का नाम लड़कों की लिस्ट में पड़ गया। उनका भी लिंग गलत भर गया था। डीआईओएस स्तर से उसे संशोधित कराया गया। डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने बताया कि अगर ऐसी दिक्कत जहां आए तो उसे संशोधित करा दें, किसी भी छात्र को परीक्षा से वंचित न करें।


कापियों की चेकिंग में आधा घंटा रोकी गई छात्राएं
सख्ती की आड़ में बच्चों को भी खूब परेशान किया गया। इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में सुबह की पाली की परीक्षा 10:45 पर छूटी। कापियों की गिनती के कारण यहां छात्राओं को आधा घंटे बाद बाहर जाने दिया गया। अभिभावकों ने इसका विरोध भी जताया। छात्राएं भी परेशान होती रहीं।


आधार की गलत सूचना, डीआईओएस ने लगाई फटकार
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने पहले ही आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी। उसके बावजूद कुछ केंद्रों पर छात्रों से आधार कार्ड मांगे जाने लगे। डीआईओएस तक शिकायत पहुंची जिसके बाद डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापक को फटकार लगाई। उसके बाद किसी से आधार नहीं मांगा गया। डीआईओएस ने बताया कि कुछ केंद्रों से ऐसी शिकायत आई थी। 
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