Budget 2023: वीएम सिंह बोले- MSP पर गारंटी का था इंतजार, इस बजट से किसान और अधिक बनेगा कर्जदार
किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने आय दोगुनी करने की बजाय किसान को कर्जदार बनाने वाला बजट पेश किया है। सरकार अगर समर्थन मूल्य पर खरीदारी की गारंटी सरकार दे देती तो बेहतर होता।
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर गारंटी का तोहफे का इंतजार किसान कर रहे थे लेकिन सरकार ने आमदनी दोगुनी कर आत्मनिर्भर बनाने के स्थान पर किसानों को और अधिक कर्जदार बनाने वाला बजट पेश किया है। इसे समझने के लिए आप किसानों पर कर्ज के आकड़े जान लीजिए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पांच साल में किसान की आय दोगुनी होगी, लेकिन विडंबना देखिए 2014-15 में खेती पर दिया गया कृषि ऋण आठ लाख करोड़ था और अब 20 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो कि ढाई गुना हो गया है। वर्ष 2014 से पहले जब मनमोहन सिंह सरकार थी, तब किसानों पर एक वर्ष में 7.5 लाख करोड़ रुपये कर्ज होता था।
वीएम सिंह ने कहा कि 60 से 70 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। पिछले पांट साल के दौरान 11.4 करोड़ किसानों को 9.2 लाख करोड़ रुपये किसान सम्मान निधि में दिए गए। दूसरी ओर सिर्फ धान का समर्थन मूल्य न मिलने 7.5 लाख करोड़ घाटा एक वर्ष में किसान उठाते हैं। अगर समर्थन मूल्य पर खरीदारी की गारंटी सरकार दे देती तो बेहतर होता।
सहकारी समिति के किसानों को कर्ज मिलेगा या अनुदान?
वीएम सिंह ने कहा कि सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए सहकारी समिति के प्रत्येक सदस्य को दो लाख रुपये ऋण देने की बात कही गई है, लेकिन ये स्पष्ट नहीं किया गया कि ये अनुदान होगा या और ऋण ? सहकारिता के दायरे में आने वाली चीनी मिलों को तकरीबन 10000 करोड़ रुपये के लाभ की बात कही गई है। अच्छा होता कि किसानों के 20 लाख करोड़ ऋण में से 10वां हिस्सा चीनी मिलों को दे देते और चीनी मिलें बकाया भुगतान कर देतीं तो किसानों के आंसू पुंछ जाते।
जीरो बजट खेती का क्या हुआ ? बजट में जिक्र नहीं
किसान नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2016-17 के बजट में देश के सभी किसानों को जीरो बजट खेती के दायरे में लाने की बात कही गई थी लेकिन अबकी बार के बजट में इसे सीमित करते हुए एक करोड़ किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई है। इस पर भी कितना अमल होता है? यह वक्त बताएगा।