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Bareilly News: चेक बाउंस मामले के दोषी को दो साल कैद
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पीलीभीत। प्रापर्टी डीलिंग के लिए परिचित से उधार लिए पांच लाख रुपये वापस करने के लिए दिया चेक बाउंस हो गया। कोर्ट ने आरोपी को सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए छह प्रतिशत ब्याज सहित रकम लौटाने के साथ दो साल कैद की सजा सुनाई।
अभियोजन के मुताबिक, बीसलपुर के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी मुकेश कुमार उपाध्याय ने अदालत में परिवाद दायर कर बताया कि बरेली के टिबरीनाथ मंदिर के निकट प्रधान कुंज निवासी सौरभ भसीन उसका परिचित है। अगस्त 2015 में उसने परिचित को बताया कि वह प्रापर्टी डीलिंग का काम शुरू कर रहा है। उसमें पांच लाख रुपये कम पड़ रहे हैं। चार-पांच माह बाद रुपये वापस लौटाने के वादे पर मुकेश उपाध्याय ने पांच लाख रुपये भसीन को उधार दे दिए। जरूरत पड़ने पर उसने 25 जनवरी 2016 को रुपये वापस मांगे, तो उसने चार-पांच दिन में लौटाने को कहा।
एक फरवरी 2016 को उसने स्टेट बैंक आफ इंडिया शाखा बड़ा बाजार बरेली के नाम से चेक दे दिया। उपाध्याय ने बीसलपुर स्थित अपनी बैंक में भुगतान के लिए चेक जमा किया। आठ फरवरी को बैंक ने खाता में धनराशि पर्याप्त न होने की टिप्पणी के साथ चेक वापस कर दिया। चेक बाउंस होने पर उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को नोटिस भेजा, जिसे उसने रिसीव नहीं किया। दोबारा भेजे गए नोटिस को भी लौटा दिया। सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी समाली मित्तल ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए पत्रावली का अवलोकन किया। आरोपी को दोषी पाते हुए छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दो माह में रुपये लौटाने व दो साल कैद की सजा सुनाई। संवाद
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अभियोजन के मुताबिक, बीसलपुर के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी मुकेश कुमार उपाध्याय ने अदालत में परिवाद दायर कर बताया कि बरेली के टिबरीनाथ मंदिर के निकट प्रधान कुंज निवासी सौरभ भसीन उसका परिचित है। अगस्त 2015 में उसने परिचित को बताया कि वह प्रापर्टी डीलिंग का काम शुरू कर रहा है। उसमें पांच लाख रुपये कम पड़ रहे हैं। चार-पांच माह बाद रुपये वापस लौटाने के वादे पर मुकेश उपाध्याय ने पांच लाख रुपये भसीन को उधार दे दिए। जरूरत पड़ने पर उसने 25 जनवरी 2016 को रुपये वापस मांगे, तो उसने चार-पांच दिन में लौटाने को कहा।
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एक फरवरी 2016 को उसने स्टेट बैंक आफ इंडिया शाखा बड़ा बाजार बरेली के नाम से चेक दे दिया। उपाध्याय ने बीसलपुर स्थित अपनी बैंक में भुगतान के लिए चेक जमा किया। आठ फरवरी को बैंक ने खाता में धनराशि पर्याप्त न होने की टिप्पणी के साथ चेक वापस कर दिया। चेक बाउंस होने पर उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को नोटिस भेजा, जिसे उसने रिसीव नहीं किया। दोबारा भेजे गए नोटिस को भी लौटा दिया। सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी समाली मित्तल ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए पत्रावली का अवलोकन किया। आरोपी को दोषी पाते हुए छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दो माह में रुपये लौटाने व दो साल कैद की सजा सुनाई। संवाद
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