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शाही में रोड होल्डअप, पुलिस ने तहरीर लेकर पीड़ितों को भगाया
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बरेली। शाही इलाके में भाखड़ा पुल के पास सोमवार रात हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने रोड होल्डअप कर तीन लोगों के साथ लूटपाट की और उन्हें बांधकर गन्ने के खेत में डाल गए। बदमाशों के भागने के बाद पीड़ितों ने किसी तरह बंधन खोलकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन न बदमाशों को तलाश करने की कोशिश की न घटना की रिपोर्ट दर्ज की। तहरीर लेकर पीड़ितों को लौटा दिया।
गांव सीहोर में रहने वाले राजवीर के मुताबिक सोमवार को वह हल्द्वानी से एक पुरानी बाइक खरीदकर लाए थे। लौटते समय शेरगढ़ के गांव सुकटिया में कुछ देर के लिए अपने दोस्त रामसिंह के घर रुके। रात का समय हो जाने के कारण रामसिंह और उनके बहनोई पप्पू उन्हें बाइक से छोड़ने आए थे। सहोड़ा गांव के पास उन्होंने रामसिंह और पप्पू से वापस जाने को कहा, लेकिन वे दोनों घर लौटने के बजाय यह कहकर वहीं रुक गए कि उनके घर पहुंचने तक वे दोनों सहोड़ा में ही रुके रहेंगे।
राजवीर ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि रात करीब साढ़े दस बजे जैसे ही वह अपने गांव के पास भाखड़ा नदी के पुल के पार पहुंचे, वहां खड़े चार नकाबपोश बदमाशों ने उन पर तमंचा तानकर उनकी बाइक रुकवा ली। इसके बाद उनके पास मौजूद पांच हजार रुपये लूट लिए और उन्हें हाथ-पैर बांधकर पास ही एक गन्ने के खेत में डाल दिया।
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करीब आधे घंटे बाद सहोड़ा में रुककर उनके घर पहुंचने का इंतजार कर रहे रामसिंह ने उन्हें एक-एक कर कई बार फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इस पर दोनों उन्हें देखते हुए उनके गांव सीहोर की ओर बढ़े। भाखड़ा पुल पर बदमाशों ने उन्हें भी तमंचा दिखाकर रोक लिया और उनसे 26 सौ रुपये लूट लिए। उन्हें भी बांधकर गन्ने के खेत में डाल दिया। कुछ देर और रुकने के बाद बदमाश वहां से निकल गए। बदमाशों के जाने के बाद किसी तरह उन्होंने अपने हाथ-पैर खोले और फोन करके पहले गांव वालों और फिर 112 पुलिस को सूचना दी।
एक घंटे बाद पहुंची पुलिस तहरीर लेकर लौटा दिया
लुटे-पिटे ग्रामीणों के मुताबिक सूचना देने के बाद कुछ ही देर में करीब 50-60 ग्रामीण लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए, लेकिन रोड होल्डअप की सूचना के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे बाद पहुंची। दुनका चौकी इंचार्ज जसवीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। पीड़ितों ने मौके पर ही तहरीर लिखकर उन्हें रिपोर्ट दर्ज करने के लिए दी। बताया जाता है कि चौकी इंचार्ज ने फोन पर अपने किसी अधिकारी से बात की और फिर तहरीर लेकर उन्हें लौटा दिया। पीड़ितों ने बताया कि बदमाशों ने उनसे सिर्फ नकदी लूटी। मोबाइल और बाइक छोड़ गए।
लंबे समय बाद जिले में हुई रोड होल्डअप की वारदात
जिले में रोड होल्डअप की वारदात लंबे समय बाद हुई। इससे पहले 2021 में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रोड होल्डअप की वारदात कर कई ट्रकों से लूटपाट की गई थी। हालांकि कुछ महीने बाद यह वारदात करने वाले बदमाश बदायूं पुलिस के हाथों पकड़े गए थे। रोड होल्डअप की वारदात से यह भी साफ हो गया कि इलाके में पुलिस की रात्रि गश्त सिर्फ कागजों में हो रही है।
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गांव सीहोर में रहने वाले राजवीर के मुताबिक सोमवार को वह हल्द्वानी से एक पुरानी बाइक खरीदकर लाए थे। लौटते समय शेरगढ़ के गांव सुकटिया में कुछ देर के लिए अपने दोस्त रामसिंह के घर रुके। रात का समय हो जाने के कारण रामसिंह और उनके बहनोई पप्पू उन्हें बाइक से छोड़ने आए थे। सहोड़ा गांव के पास उन्होंने रामसिंह और पप्पू से वापस जाने को कहा, लेकिन वे दोनों घर लौटने के बजाय यह कहकर वहीं रुक गए कि उनके घर पहुंचने तक वे दोनों सहोड़ा में ही रुके रहेंगे।
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राजवीर ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि रात करीब साढ़े दस बजे जैसे ही वह अपने गांव के पास भाखड़ा नदी के पुल के पार पहुंचे, वहां खड़े चार नकाबपोश बदमाशों ने उन पर तमंचा तानकर उनकी बाइक रुकवा ली। इसके बाद उनके पास मौजूद पांच हजार रुपये लूट लिए और उन्हें हाथ-पैर बांधकर पास ही एक गन्ने के खेत में डाल दिया।
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करीब आधे घंटे बाद सहोड़ा में रुककर उनके घर पहुंचने का इंतजार कर रहे रामसिंह ने उन्हें एक-एक कर कई बार फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इस पर दोनों उन्हें देखते हुए उनके गांव सीहोर की ओर बढ़े। भाखड़ा पुल पर बदमाशों ने उन्हें भी तमंचा दिखाकर रोक लिया और उनसे 26 सौ रुपये लूट लिए। उन्हें भी बांधकर गन्ने के खेत में डाल दिया। कुछ देर और रुकने के बाद बदमाश वहां से निकल गए। बदमाशों के जाने के बाद किसी तरह उन्होंने अपने हाथ-पैर खोले और फोन करके पहले गांव वालों और फिर 112 पुलिस को सूचना दी।
एक घंटे बाद पहुंची पुलिस तहरीर लेकर लौटा दिया
लुटे-पिटे ग्रामीणों के मुताबिक सूचना देने के बाद कुछ ही देर में करीब 50-60 ग्रामीण लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए, लेकिन रोड होल्डअप की सूचना के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे बाद पहुंची। दुनका चौकी इंचार्ज जसवीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। पीड़ितों ने मौके पर ही तहरीर लिखकर उन्हें रिपोर्ट दर्ज करने के लिए दी। बताया जाता है कि चौकी इंचार्ज ने फोन पर अपने किसी अधिकारी से बात की और फिर तहरीर लेकर उन्हें लौटा दिया। पीड़ितों ने बताया कि बदमाशों ने उनसे सिर्फ नकदी लूटी। मोबाइल और बाइक छोड़ गए।
लंबे समय बाद जिले में हुई रोड होल्डअप की वारदात
जिले में रोड होल्डअप की वारदात लंबे समय बाद हुई। इससे पहले 2021 में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रोड होल्डअप की वारदात कर कई ट्रकों से लूटपाट की गई थी। हालांकि कुछ महीने बाद यह वारदात करने वाले बदमाश बदायूं पुलिस के हाथों पकड़े गए थे। रोड होल्डअप की वारदात से यह भी साफ हो गया कि इलाके में पुलिस की रात्रि गश्त सिर्फ कागजों में हो रही है।