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Bareilly News: कैंसर से एक माह में तीन मौतें, 15 वर्षों से ओवरहेड टैंक संचालन का इंतजार
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मीरगंज। ग्राम पंचायत आनंदपुर में एक महीने में कैंसर से तीसरी मौत हो गई। ग्रामीणों का मानना है कि दूषित पानी लोगों को रोगी बना रहा है, लेकिन ओवरहेड टैंक से 15 वर्ष बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व जल निगम के खिलाफ आक्रोश जताया।
आनंदपुर गांव के रामचरन लाल के 20 वर्षीय बेटे प्रवेश की कैंसर से इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हुई। दिल्ली के निजी अस्पताल में इलाज हो रहा था। इनके बड़े बेटे राजेश की मौत छह साल पहले नदी में डूबकर हो गई थी। हाल ही में नत्थू सिंह, भानवती की कैंसर से मौत हो गई थी। प्रधान के पति चरन सिंह आदि ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में शिविर लगाने की मांग की है।
डीएम सहित आलाधिकारियों से की शिकायत
राम नरेश सिंह, गुड्डू सिंह अन्य ग्रामीणों ने पानी की गुणवत्ता ठीक न होने से गांव में जानलेवा बीमारियां फैलने की बात कही। 15 वर्ष पहले शुद्ध पानी आपूर्ति के लिए जल निगम ने ओवरहेड टैंक बनाया। आरोप है कि पाइप लाइनें ही अब तक नहीं बिछीं। कहा कि गांव में पांच वर्षों में कैंसर से डेढ़ दर्जन लोगों की मौत हुई। डीएम सहित आलाधिकारियों से भी शिकायत कर इसको सही कराने की मांग की है।
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ग्राम प्रधान और ऑपरेटर दोनों ही टैंक चलाने के मूड में नहीं: अवर अभियंता
जल निगम के अवर अभियंता राकेश चौधरी ने बताया कि मीरगंज आनंदपुर की स्कीम 2019 में ही ग्राम पंचायत को हैंडओवर की जा चुकी है। उनकी यूनिट ही 2022 में खुली है। डेढ़ साल पहले एक शिकायत आई थी। वह मौके पर गए थे, जहां पता चला कि बीएसएनएल ने अपनी लाइन डाली थी, जिसमें ओवरहेड टैंक की लाइन कट गई थी। लाइन कटने के बाद न तो बीएसएनएल ने उसे ठीक कराया और न ही ग्राम पंचायत ने। वहां लोगों के घरों के कनेक्शन भी हैं।
आधे गांव में बिछी पाइप लाइन जगह-जगह से लीक
प्रधान के पति चरन सिंह ने बताया कि जल निगम के अधिकारियों द्वारा आधे गांव में पाइप लाइन बिछवाई गई थी, जबकि आधे गांव में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई, जो कि जगह-जगह से लीक थी। इस कारण ग्रामीणों को शुद्ध पानी पीने को नहीं मिला।
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गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर जांच कराई जाएगी। कैंसर से क्यों मौतें हुई हैं। इसकी भी जानकारी की जाएगी। - डाॅ. विनय कुमार पाल , सीएचसी अधीक्षक
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जहां तक मुझे पता है। वहां लोगों के कनेक्शन भी हैं और लाइनें भी जा रही हैं। मोबाइल कंपनी ने उसे तोड़ा था। इसके बाद ग्राम पंचायत और मोबाइल कंपनी दोनों में से किसी ने ठीक नहीं कराया। योजना पहले से ही हैंडओवर है। अगर, फिर कोई शिकायत मिलती है या उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलता है तो जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - कुमकुम गंगवार, एक्सईएन, जलकल विभाग, बरेली
संवाद
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आनंदपुर गांव के रामचरन लाल के 20 वर्षीय बेटे प्रवेश की कैंसर से इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हुई। दिल्ली के निजी अस्पताल में इलाज हो रहा था। इनके बड़े बेटे राजेश की मौत छह साल पहले नदी में डूबकर हो गई थी। हाल ही में नत्थू सिंह, भानवती की कैंसर से मौत हो गई थी। प्रधान के पति चरन सिंह आदि ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में शिविर लगाने की मांग की है।
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डीएम सहित आलाधिकारियों से की शिकायत
राम नरेश सिंह, गुड्डू सिंह अन्य ग्रामीणों ने पानी की गुणवत्ता ठीक न होने से गांव में जानलेवा बीमारियां फैलने की बात कही। 15 वर्ष पहले शुद्ध पानी आपूर्ति के लिए जल निगम ने ओवरहेड टैंक बनाया। आरोप है कि पाइप लाइनें ही अब तक नहीं बिछीं। कहा कि गांव में पांच वर्षों में कैंसर से डेढ़ दर्जन लोगों की मौत हुई। डीएम सहित आलाधिकारियों से भी शिकायत कर इसको सही कराने की मांग की है।
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ग्राम प्रधान और ऑपरेटर दोनों ही टैंक चलाने के मूड में नहीं: अवर अभियंता
जल निगम के अवर अभियंता राकेश चौधरी ने बताया कि मीरगंज आनंदपुर की स्कीम 2019 में ही ग्राम पंचायत को हैंडओवर की जा चुकी है। उनकी यूनिट ही 2022 में खुली है। डेढ़ साल पहले एक शिकायत आई थी। वह मौके पर गए थे, जहां पता चला कि बीएसएनएल ने अपनी लाइन डाली थी, जिसमें ओवरहेड टैंक की लाइन कट गई थी। लाइन कटने के बाद न तो बीएसएनएल ने उसे ठीक कराया और न ही ग्राम पंचायत ने। वहां लोगों के घरों के कनेक्शन भी हैं।
आधे गांव में बिछी पाइप लाइन जगह-जगह से लीक
प्रधान के पति चरन सिंह ने बताया कि जल निगम के अधिकारियों द्वारा आधे गांव में पाइप लाइन बिछवाई गई थी, जबकि आधे गांव में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई, जो कि जगह-जगह से लीक थी। इस कारण ग्रामीणों को शुद्ध पानी पीने को नहीं मिला।
गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर जांच कराई जाएगी। कैंसर से क्यों मौतें हुई हैं। इसकी भी जानकारी की जाएगी। - डाॅ. विनय कुमार पाल , सीएचसी अधीक्षक
जहां तक मुझे पता है। वहां लोगों के कनेक्शन भी हैं और लाइनें भी जा रही हैं। मोबाइल कंपनी ने उसे तोड़ा था। इसके बाद ग्राम पंचायत और मोबाइल कंपनी दोनों में से किसी ने ठीक नहीं कराया। योजना पहले से ही हैंडओवर है। अगर, फिर कोई शिकायत मिलती है या उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलता है तो जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - कुमकुम गंगवार, एक्सईएन, जलकल विभाग, बरेली
संवाद