टेरर फंडिंग मामले में मुंबई से दबोचे गए तीन आरोपी, दो नाईजीरियाई भी शामिल
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टेरर फंडिंग मामले में यूपी एटीएस ने निघासन में पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार लोगों में दो नाईजीरिया के निवासी हैं। इन सभी को लखनऊ लाया जा रहा है जहां इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जानी है। जिन्हें गिरफ्तार किया गया उनमें नाईजीरिया के पीटर हरमन अस्सेंगा व चिनेउबा एमेका माइकल के अलावा मुंबई निवासी अर्जुन अशोक खराडे शामिल हैं।
इनमें पीटर पर नेपाल के बैंक को हैक कर रकम निकालने का आरोप है जबकि चिनेउबा एमेका माइकल वह शख्स है जिसे इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए गए फहीम व सिराजुद्दीन रकम देते थे। फहीम व सिराजुद्दीन के अलावा इस मामले में उम्मेद अली, एराज, समीर सलमानी व संजय अग्रवाल भी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एटीएस इन सभी से पूछताछ कर चुकी है।
पूछताछ में सामने आया था कि सिराजुद्दीन व फहीम दोनों ही मुमताज व सदाकत के जरिए नेपाली खातों से मंगाया गया धन हासिल करते थे। मुमताज व सदाकत भी समर्पण कर जेल जा चुके हैं। पूछताछ में नाईजीरिया के दो लोगों व मुंबई के अर्जुन के नाम सामने आए थे। इस मामले में एटीएस नेपाल पुलिस के भी संपर्क में थी।
इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए इनकी जानकारी मिलने पर एटीएस ने बुधवार व बृहस्पतिवार को तीनों की गिरफ्तारी की। फहीम ने एटीएस को जानकारी दी थी कि चिनेउबा एमेका माइकल उससे यह रकम लेने आता था पर कभी अपना पता नहीं बताता था। एटीएस की पड़ताल में यह सामने आया कि नाईजीरिया मूल के दोनों आरोपियों ने नेपाली बैंक को करोड़ों का चूना लगाया है।
इन दोनों द्वारा बैंक ट्रांजेक्शन में दस-दस करोड़ रुपये तक भेजे जाने की पुष्टि हुई है। एटीएस अधिकारियों को कहना है कि इनके द्वारा अब तक डाई लाख अमरीकी डालर का हस्तांतरण किया गया। पड़ताल में सामने आ रहे चौंकाने वाले कई तथ्यों व उनसे जुड़े सवालों का एटीएस फिलहाल जवाब नहीं तलाश सकी है।
मुंबई में गिरफ्तार करे गए आरोपियों से पूछा जाना है कि उनके व उनके साथियों द्वारा किन देशों से व किन देशों को रकम हस्तांतरित की व कराई गई। यह भी जानकारी हासिल की जानी है कि उन्होंने करोड़ों की राशि किन संस्थाओं व व्यक्तियों को भेजी। रकम के हस्तांतरण के लिए किन खातों का इस्तेमाल किया गया और अब तक कहां-कहां रकम हस्तांतरित की जा चुकी है।