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टमाटर में तिरंगा वायरस सोशल मीडिया की उपज है,घबराएं नहीं
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- फोटो : demo pic
कृषि विशेषज्ञों ने किया साफ, फल-सब्जियों का कोई वायरस इंसानों को नहीं कर सकता प्रभावित
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कई दिनों से टमाटर के वायरस से खतरा होने का मेसेज हो रहा वायरल, किसान परेशान
बरेली। चिकन-मटन के बाद अब टमाटर में तिरंगा वायरस होने की सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों ने घर-घर लोगों को परेशान करने के साथ किसानों के सामने नया संकट पैदा करना शुरू कर दिया है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों ने इस अफवाह को सिरे से खारिज करते हुए साफ किया है कि फल और सब्जियों में अब तक ऐसे किसी वायरस की पुष्टि नहीं हुई है जो इंसानों को प्रभावित कर सकता हो। उनका कहना है कि किसान निश्चिंत रहकर फसल की देखभाल करें और आम लोग भी बेफिक्र होकर टमाटर खाएं।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. जेपी सिंह के मुताबिक, टमाटर के साथ सब्जियों में वायरस के संक्रमण की गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। किसी कोरोना संक्रमित के छूने से किसी फल या सब्जी पर कोरोना वायरस चिपक तो सकता है, लेकिन यह संभव नहीं कि टमाटर की पौध में मनुष्यों को प्रभावित करने वाले वायरस का संक्रमण हो जाए।
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डॉ. सिंह के मुताबिक, टमाटर या और किसी सब्जी में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण की कोई पुष्टि नहीं है। उन्होंने बताया कि टमाटर के पौधे में जिसे तिरंगा वायरस कहा जा रहा है, वह कोई ऐसा रोग हो सकता है जो टमाटर का रंग प्रभावित कर रहा है और उसमें गड्ढे जैसे पड़ जा रहे हों।
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बरेेली कॉलेज में बॉटनी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक खरे का कहना है कि टमाटर सोलेनेसी फैमिली ग्रुप का पौधा है, लिहाजा उसमें सोलेनम और टोमैटो नाम के वायरस का संक्रमण हो सकता है, मगर अब तक ऐसा किसी शोध में साबित नहीं हुआ है कि मनुष्यों को प्रभावित करने वाला कोई वायरस फल और सब्जियों को प्रभावित करता हो। न ही पौधे के किसी वायरस से इंसान प्रभावित हो सकते हैं। लिहाजा न किसानों को इस अफवाह की परवाह करनी चाहिए न सब्जियां खाने वाले आम लोगों को।
अगर टमाटर न बिका तो.. बढ़ रही किसानों की धड़कन
सेंथल के किसान रिफाकत हुसैन ने 20 हजार रुपये लगाकर करीब पांच बीघा खेत में टमाटर बोया था। फसल उम्मीद के मुताबिक पैदा हुई, कोई रोग भी नहीं है, लेकिन व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे मेसेज से रिफाकत की नींद उड़ गई है। डर है कि कहीं लोग टमाटर खरीदना ही न बंद कर दें। उन्होंने बताया कि दो चार टमाटर सड़ने या गलने पर लोग टमाटर में वायरस होेने की बात करते हैं तो दिल बैठ जाता है। यही हाल किसान सीताराम का है। उन्होंने एक एकड़ में टमाटर बोया था, अब फसल तैयार हो गई है। वायरस के हमले की चर्चाएं उनकी आशंकाएं बढ़ा रही हैं।
..मगर फल-सब्जी की सतह पर चिपककर आ सकता है कोरोना
बरेली। टमाटर में तिरंगा वायरस की अफवाहों को तो विशेषज्ञों ने खारिज कर दिया है, लेकिन कोरोना के मामले में उनकी राय कुछ और है। उनका कहना है कि फल और सब्जी का इस्तेमाल करते वक्त काफी सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि उनकी सतह पर कोरोना वायरस 72 घंटे तक जीवित रह सकता है। ऐसे में उन लोगों के लिए बेशक खतरा है जो फल-सब्जी खरीदने के फौरन बाद उसे किचन में लाकर इस्तेमाल कर लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में जैसे-जैसे कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे यह खतरा और बढ़ेगा लिहाजा इस मामले में अभी से जागरूक और सावधान होने की जरूरत है।
पता भी नहीं चलेगा.. सब्जी मंडी से कब घर पहुंच गया कोरोना
कोरोना वायरस सब्जियों के जरिये आसानी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच सकता है। खतरा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि अक्सर दुकानदार मुंह पर न तो मास्क लगाते हैं न ही बार-बार हाथों को ही धोते हैं। लिहाजा उनके संक्रमित होने की स्थिति में फल और सब्जियों की सतह पर भी वायरस चिपक सकता है और खरीदने वाले के घर तक पहुंच सकता है। सब्जी दुकानदारों को इसलिए हर हालत में मास्क लगाने के साथ साबुन से हाथों को लगातार धोते रहना चाहिए। खरीदने के बाद सब्जियां और खुले में रख दी जाएं। हरी सब्जियों को अच्छी तरह धो लिया जाए तो दुकानदार और खरीददार दोनों ही संक्रमण से बच सकते हैं।
- डॉ. आलोक खरे, विभागाध्याक्ष बॉटनी विभाग बरेली कॉलेज
ऐसे बच सकते हैं कोरोना संक्रमण से
1- सब्जियों और फलों को 5 से 10 मिनट तक सिरका मिले पानी में भिगोएं और उसके बाद अच्छी तरह धो लें। फूलगोभी, पालक, ब्रोकली, बंदगोभी जैसी सब्जियों को दो प्रतिशत साधारण नमक वाले गर्म पानी से धोएं।
2- गाजर और बैंगन जैसी सब्जियों को इमली वाले पानी के घोल से धोया जा सकता है। ओजोनेटेड पानी से धोने से काफी हद तक पेस्टीसाइड को भी साफ किया जा सकता है।
3- खरीदार और सब्जी-फल दुकानदार के बीच दो गज की दूरी जरूरी है। फल को सीधे छूने से बचें क्योंकि ठेले वाले कहां-कहां से घूमकर आ रहे हैं, यह पता नहीं होता। संभव हो तो सब्जी को गर्म पानी और नमक से धोना चाहिए और उसके बाद एक-दो घंटे वैसा ही छोड़ देना चाहिए।
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कई दिनों से टमाटर के वायरस से खतरा होने का मेसेज हो रहा वायरल, किसान परेशान बरेली। चिकन-मटन के बाद अब टमाटर में तिरंगा वायरस होने की सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों ने घर-घर लोगों को परेशान करने के साथ किसानों के सामने नया संकट पैदा करना शुरू कर दिया है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों ने इस अफवाह को सिरे से खारिज करते हुए साफ किया है कि फल और सब्जियों में अब तक ऐसे किसी वायरस की पुष्टि नहीं हुई है जो इंसानों को प्रभावित कर सकता हो। उनका कहना है कि किसान निश्चिंत रहकर फसल की देखभाल करें और आम लोग भी बेफिक्र होकर टमाटर खाएं।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. जेपी सिंह के मुताबिक, टमाटर के साथ सब्जियों में वायरस के संक्रमण की गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। किसी कोरोना संक्रमित के छूने से किसी फल या सब्जी पर कोरोना वायरस चिपक तो सकता है, लेकिन यह संभव नहीं कि टमाटर की पौध में मनुष्यों को प्रभावित करने वाले वायरस का संक्रमण हो जाए।
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डॉ. सिंह के मुताबिक, टमाटर या और किसी सब्जी में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण की कोई पुष्टि नहीं है। उन्होंने बताया कि टमाटर के पौधे में जिसे तिरंगा वायरस कहा जा रहा है, वह कोई ऐसा रोग हो सकता है जो टमाटर का रंग प्रभावित कर रहा है और उसमें गड्ढे जैसे पड़ जा रहे हों।
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बरेेली कॉलेज में बॉटनी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक खरे का कहना है कि टमाटर सोलेनेसी फैमिली ग्रुप का पौधा है, लिहाजा उसमें सोलेनम और टोमैटो नाम के वायरस का संक्रमण हो सकता है, मगर अब तक ऐसा किसी शोध में साबित नहीं हुआ है कि मनुष्यों को प्रभावित करने वाला कोई वायरस फल और सब्जियों को प्रभावित करता हो। न ही पौधे के किसी वायरस से इंसान प्रभावित हो सकते हैं। लिहाजा न किसानों को इस अफवाह की परवाह करनी चाहिए न सब्जियां खाने वाले आम लोगों को।
अगर टमाटर न बिका तो.. बढ़ रही किसानों की धड़कन
सेंथल के किसान रिफाकत हुसैन ने 20 हजार रुपये लगाकर करीब पांच बीघा खेत में टमाटर बोया था। फसल उम्मीद के मुताबिक पैदा हुई, कोई रोग भी नहीं है, लेकिन व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे मेसेज से रिफाकत की नींद उड़ गई है। डर है कि कहीं लोग टमाटर खरीदना ही न बंद कर दें। उन्होंने बताया कि दो चार टमाटर सड़ने या गलने पर लोग टमाटर में वायरस होेने की बात करते हैं तो दिल बैठ जाता है। यही हाल किसान सीताराम का है। उन्होंने एक एकड़ में टमाटर बोया था, अब फसल तैयार हो गई है। वायरस के हमले की चर्चाएं उनकी आशंकाएं बढ़ा रही हैं।..मगर फल-सब्जी की सतह पर चिपककर आ सकता है कोरोना
बरेली। टमाटर में तिरंगा वायरस की अफवाहों को तो विशेषज्ञों ने खारिज कर दिया है, लेकिन कोरोना के मामले में उनकी राय कुछ और है। उनका कहना है कि फल और सब्जी का इस्तेमाल करते वक्त काफी सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि उनकी सतह पर कोरोना वायरस 72 घंटे तक जीवित रह सकता है। ऐसे में उन लोगों के लिए बेशक खतरा है जो फल-सब्जी खरीदने के फौरन बाद उसे किचन में लाकर इस्तेमाल कर लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में जैसे-जैसे कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे यह खतरा और बढ़ेगा लिहाजा इस मामले में अभी से जागरूक और सावधान होने की जरूरत है।पता भी नहीं चलेगा.. सब्जी मंडी से कब घर पहुंच गया कोरोना
कोरोना वायरस सब्जियों के जरिये आसानी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच सकता है। खतरा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि अक्सर दुकानदार मुंह पर न तो मास्क लगाते हैं न ही बार-बार हाथों को ही धोते हैं। लिहाजा उनके संक्रमित होने की स्थिति में फल और सब्जियों की सतह पर भी वायरस चिपक सकता है और खरीदने वाले के घर तक पहुंच सकता है। सब्जी दुकानदारों को इसलिए हर हालत में मास्क लगाने के साथ साबुन से हाथों को लगातार धोते रहना चाहिए। खरीदने के बाद सब्जियां और खुले में रख दी जाएं। हरी सब्जियों को अच्छी तरह धो लिया जाए तो दुकानदार और खरीददार दोनों ही संक्रमण से बच सकते हैं।- डॉ. आलोक खरे, विभागाध्याक्ष बॉटनी विभाग बरेली कॉलेज
ऐसे बच सकते हैं कोरोना संक्रमण से
1- सब्जियों और फलों को 5 से 10 मिनट तक सिरका मिले पानी में भिगोएं और उसके बाद अच्छी तरह धो लें। फूलगोभी, पालक, ब्रोकली, बंदगोभी जैसी सब्जियों को दो प्रतिशत साधारण नमक वाले गर्म पानी से धोएं।2- गाजर और बैंगन जैसी सब्जियों को इमली वाले पानी के घोल से धोया जा सकता है। ओजोनेटेड पानी से धोने से काफी हद तक पेस्टीसाइड को भी साफ किया जा सकता है।
3- खरीदार और सब्जी-फल दुकानदार के बीच दो गज की दूरी जरूरी है। फल को सीधे छूने से बचें क्योंकि ठेले वाले कहां-कहां से घूमकर आ रहे हैं, यह पता नहीं होता। संभव हो तो सब्जी को गर्म पानी और नमक से धोना चाहिए और उसके बाद एक-दो घंटे वैसा ही छोड़ देना चाहिए।