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Bareilly News: राज्यपाल ने आयोग-चयनित प्राचार्य की परिवीक्षा अवधि बढ़ाने का प्रबंधन का निर्णय रद्द किया

Sun, 21 Jun 2026 01:35 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 21 Jun 2026 01:35 AM IST
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The Governor set aside the management's decision to extend the probation period of a commission-selected principal.
बरेली। राज्यपाल ने बरेली कॉलेज के प्राचार्य ओपी राय की परिवीक्षा अवधि बढ़ाने के प्रबंध समिति के निर्णय को अवैध घोषित किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति केपी सिंह के आदेश को 11 जून 2026 को पुष्ट किया है। यह फैसला उच्च शिक्षा में शैक्षणिक स्वायत्तता और पद की गरिमा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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यह निर्णय उन प्राचार्यों के लिए बड़ी राहत है जिन्हें उत्तर प्रदेश चयन आयोग ने नियमों के तहत चयनित किया है। ये प्राचार्य कॉलेज प्रबंधन समितियों की मनमानी और प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं। पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने आयोग के माध्यम से लगभग 290 प्राचार्यों की भर्ती की थी। इनमें से करीब 40 से 50 फीसदी प्राचार्यों ने प्रबंधन समितियों के दबाव के कारण इस्तीफा दे दिया। प्रबंधन समितियां अक्सर स्वतंत्र प्राचार्यों को पसंद नहीं करतीं। बरेली कॉलेज के प्राचार्य ओपी राय की परिवीक्षा अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ाने का प्रयास प्रबंध समिति ने किया था। विधि और विनियमों के अनुसार, प्रबंध समिति को यह अधिकार नहीं है। आयोग द्वारा चयनित प्राचार्य की परिवीक्षा अवधि वे नहीं बढ़ा सकतीं। कुलपति केपी सिंह ने दो नवंबर 2023 को प्रबंध समिति के इस निर्णय को अवैध घोषित कर निरस्त कर दिया था।
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विधिक प्रकोष्ठ प्रभारी अमित सिंह ने कहा कि आयोग परीक्षण के बाद योग्य अभ्यर्थियों का चयन करता है, लेकिन प्रबंधन समितियां अपनी मनमर्जी के प्राचार्य चाहती हैं। राज्यपाल के इस आदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रबंध समितियां विधि का उल्लंघन कर स्वेच्छाचारिता नहीं कर सकतीं। कुलपति केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन प्रताड़ना का शिकार हो रहे प्राचार्यों के साथ खड़ा है। इस निर्णय से कॉलेज प्रबंधनों को स्पष्ट संदेश गया है कि वे विधि का उल्लंघन कर प्राचार्यों को परेशान नहीं कर सकते।
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