{"_id":"83455134c0e63a572f1b62412bf9af3d","slug":"the-first-day-of-the-ban-polythene-flop-show-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन पॉलीथिन प्रतिबंध का फ्लाप शो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन पॉलीथिन प्रतिबंध का फ्लाप शो
बरेली
Updated Fri, 22 Jan 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। पॉलीथिन और कैरीबैग पर सरकार का प्रतिबंध पहले दिन बरेली में पूरी तरह बेअसर साबित हुआ। सरकार के आदेश पर प्रशासन की चुप्पी हैरान करने वाली रही। नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम पॉलीथिन प्रतिबंध पर शासन का सर्कुलर न मिलने की बात कहकर छापामारी करने नहीं निकली। बाजारों में पॉलीथिन और कैरीबैग पहले की तरह ही बिके।
शासन के प्रमुख सचिव संजीव सरन ने पॉलीथिन और प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबंध संबंधी आदेश 20 जनवरी को ही जारी कर दिया। देर शाम तक ये आदेश जिलाधिकारी के दफ्तर के अलावा नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में भी पहुंच गया। फिर भी 21 जनवरी को पहले दिन दोनों विभागों ने सरकार का आदेश किनारे रख दिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और सहायक इंजीनियर सर्कुलर न मिलने की बात कहकर पॉलीथिन के छापामारी अभियान पर नहीं निकले। नगर निगम और पीसीबी अधिकारियों का कहना था कि पॉलीथिन प्रतिबंधित करने के बारे में प्रशासन की ओर से न तो कोई गाइड लाइन जारी की गई है, न ही संयुक्त बैठक बुलाकर छापामार अभियान की रणनीति तय की गई है। ऐसी स्थिति में वह अपनी ओर से आदेश के अनुपालन में छापामार कार्रवाई कैसे करें।
प्लास्टिक की ये थैलियां हैं प्रतिबंधित
सरकारी सर्कुलर के मुताबिक प्लास्टिक की वह थैलियां प्रतिबंधित हैं जो बाजार से छोटा या बड़ा सामान लाने ले जाने के काम में आती हैं। इसमें वह थैलियां शामिल नहीं हैं, जो कि पैकेजिंग का हिस्सा हैं।
विज्ञापन
फोटो-
बाजारों और मंडियों में खूब बिकी पॉलीथिन
केस एक- दिन बृहस्पतिवार। वक्त अपराह्न- एक बजे। स्थान-श्यामगंज सब्जी मंडी। सब्जी विक्रेता मो. युसूफ ने बोरे के नीचे पॉलीथिन छुपाकर रखी थी। ग्राहक आए तो बोले- घर से थैला लाए। ग्राहक के न कहने पर दायें बायें देखकर धीरे से पॉलीथिन निकाली और टमाटर प्याज तोलकर दे दिया।
केस दो, वक्त अपराह्न डेढ़ बजे। स्थान-एलन क्लब सब्जी मंडी। नन्हें ठेले पर पपीता बेच रहे हैं। ग्राहक के आते ही पपीता तोलकर दिया। थैला न होने पर ठेले के नीचे से पॉलीथिन निकाली और पपीता दे दिया। फिर बोले- जो पॉलीथिन पहले की है, वही चला रहे हैं। आगे से थैला लाना पड़ेगा।
केस तीन, वक्त-अपराह्न दो बजे। स्थान- कोतवाली के सामने। दुकानदार रामकुमार सड़क के किनारे अनाधिकृत तरीके से अतिक्रमण कर मेवा बेच रहे थे। पुलिस कर्मियों के सामने पॉलीथिन में धड़ाधड़ सामान पूरे दिन बेचा। पॉलीथिन प्रतिबंध पर बोले- जब कोई आएगा तो देखेंगे।
पॉलीथिन प्रतिबंध के पहले दिन शहर के सेटेलाइट लाइट चौराहा, श्यामगंज फल और सब्जी मंडी, शहदाना, कालीबाड़ी, कुतुबखाना, बृहस्पतिवार बाजार, जिला अस्पताल के सामने, नावेल्टी, डीडीपुरम, बड़ा बाजार, कोहाड़ापीर, किला, चौपुला पुल के नीचे, सुभाषनगर मार्केट, बदायूं रोड, हार्ट मैन, मिनी बाईपास, पुराना शहर, रबड़ी टोला, सूफी टोला, जोगी नवादा, सुरेश शर्मा नगर, बीसलपुर चौराहा, हरूनगला समेत मुख्य और छोटे बाजारों में भी धड़ल्ले से पॉलीथिन बिकी। मिर्ची वाली गली में पॉलीथिन की थोक बिक्री सुबह पांच बजे से देर रात तक चली। सीबीगंज और परसाखेड़ा बाजारों में भी दुकानदारों ने पॉलीथिन का इस्तेमाल रोजाना की तरह किया। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम से कोई भी इन बाजारों में पॉलीथिन बिक्री की जांच करने नहीं पहुंचा।
‘पॉलीथिन प्रतिबंध संबंधी कोई सर्कुलर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नहीं मिला है। ऐसा सर्कुलर आने का इंतजार कर रहे हैं। गाइड लाइन देखने के बाद ही तय करेंगे।’ सुनील चौहान, वैज्ञानिक सहायक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
‘पॉलीथिन प्रतिबंध का सर्कुलर देर शाम मिल चुका है। इस पर अमल के लिए प्रशासनिक स्तर पर संयुक्त मीटिंग होने के बाद रणनीति तय की जाएगी।’ ईश शक्ति कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
विज्ञापन
शासन के प्रमुख सचिव संजीव सरन ने पॉलीथिन और प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबंध संबंधी आदेश 20 जनवरी को ही जारी कर दिया। देर शाम तक ये आदेश जिलाधिकारी के दफ्तर के अलावा नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में भी पहुंच गया। फिर भी 21 जनवरी को पहले दिन दोनों विभागों ने सरकार का आदेश किनारे रख दिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और सहायक इंजीनियर सर्कुलर न मिलने की बात कहकर पॉलीथिन के छापामारी अभियान पर नहीं निकले। नगर निगम और पीसीबी अधिकारियों का कहना था कि पॉलीथिन प्रतिबंधित करने के बारे में प्रशासन की ओर से न तो कोई गाइड लाइन जारी की गई है, न ही संयुक्त बैठक बुलाकर छापामार अभियान की रणनीति तय की गई है। ऐसी स्थिति में वह अपनी ओर से आदेश के अनुपालन में छापामार कार्रवाई कैसे करें।
विज्ञापन
प्लास्टिक की ये थैलियां हैं प्रतिबंधित
सरकारी सर्कुलर के मुताबिक प्लास्टिक की वह थैलियां प्रतिबंधित हैं जो बाजार से छोटा या बड़ा सामान लाने ले जाने के काम में आती हैं। इसमें वह थैलियां शामिल नहीं हैं, जो कि पैकेजिंग का हिस्सा हैं।
विज्ञापन
फोटो-
बाजारों और मंडियों में खूब बिकी पॉलीथिन
केस एक- दिन बृहस्पतिवार। वक्त अपराह्न- एक बजे। स्थान-श्यामगंज सब्जी मंडी। सब्जी विक्रेता मो. युसूफ ने बोरे के नीचे पॉलीथिन छुपाकर रखी थी। ग्राहक आए तो बोले- घर से थैला लाए। ग्राहक के न कहने पर दायें बायें देखकर धीरे से पॉलीथिन निकाली और टमाटर प्याज तोलकर दे दिया।
केस दो, वक्त अपराह्न डेढ़ बजे। स्थान-एलन क्लब सब्जी मंडी। नन्हें ठेले पर पपीता बेच रहे हैं। ग्राहक के आते ही पपीता तोलकर दिया। थैला न होने पर ठेले के नीचे से पॉलीथिन निकाली और पपीता दे दिया। फिर बोले- जो पॉलीथिन पहले की है, वही चला रहे हैं। आगे से थैला लाना पड़ेगा।
केस तीन, वक्त-अपराह्न दो बजे। स्थान- कोतवाली के सामने। दुकानदार रामकुमार सड़क के किनारे अनाधिकृत तरीके से अतिक्रमण कर मेवा बेच रहे थे। पुलिस कर्मियों के सामने पॉलीथिन में धड़ाधड़ सामान पूरे दिन बेचा। पॉलीथिन प्रतिबंध पर बोले- जब कोई आएगा तो देखेंगे।
पॉलीथिन प्रतिबंध के पहले दिन शहर के सेटेलाइट लाइट चौराहा, श्यामगंज फल और सब्जी मंडी, शहदाना, कालीबाड़ी, कुतुबखाना, बृहस्पतिवार बाजार, जिला अस्पताल के सामने, नावेल्टी, डीडीपुरम, बड़ा बाजार, कोहाड़ापीर, किला, चौपुला पुल के नीचे, सुभाषनगर मार्केट, बदायूं रोड, हार्ट मैन, मिनी बाईपास, पुराना शहर, रबड़ी टोला, सूफी टोला, जोगी नवादा, सुरेश शर्मा नगर, बीसलपुर चौराहा, हरूनगला समेत मुख्य और छोटे बाजारों में भी धड़ल्ले से पॉलीथिन बिकी। मिर्ची वाली गली में पॉलीथिन की थोक बिक्री सुबह पांच बजे से देर रात तक चली। सीबीगंज और परसाखेड़ा बाजारों में भी दुकानदारों ने पॉलीथिन का इस्तेमाल रोजाना की तरह किया। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम से कोई भी इन बाजारों में पॉलीथिन बिक्री की जांच करने नहीं पहुंचा।
‘पॉलीथिन प्रतिबंध संबंधी कोई सर्कुलर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नहीं मिला है। ऐसा सर्कुलर आने का इंतजार कर रहे हैं। गाइड लाइन देखने के बाद ही तय करेंगे।’ सुनील चौहान, वैज्ञानिक सहायक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
‘पॉलीथिन प्रतिबंध का सर्कुलर देर शाम मिल चुका है। इस पर अमल के लिए प्रशासनिक स्तर पर संयुक्त मीटिंग होने के बाद रणनीति तय की जाएगी।’ ईश शक्ति कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त