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शुक्रिया! प्लास्टिक की झंडियों से नहीं पटा शहर
बरेली।
Updated Tue, 23 May 2017 01:19 AM IST
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शुक्रिया! प्लास्टिक की झंडियों से नहीं पटा शहर
- फोटो : शुक्रिया! प्लास्टिक की झंडियों से नहीं पटा शहर
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सीएम आए और चले भी गए लेकिन शहर पर प्लास्टिक की झंडियों का बोझ इस बार नहीं पड़ा। प्रशासन और भाजपा संगठन दोनों ही इसके लिए साधुवाद के पात्र हैं। अब तक किसी भी दल के बड़े नेता के आने पर शहर का प्लास्टिक से पाटने की परंपरा रही है। अखिलेश राज में तो इस काम के लिए बाकायदा शहर को साफ रखने का जिम्मेदारी संभालने वाले नगर निगम को मोर्चे पर लगाया गया था। नगर आयुक्त को बार बार याद दिलाने के बाद भी इस कचरे को हटाने में लंबा वक्त लग गया था।
सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बरेली एक क्रिकेट मैच में, लैपटॉप वितरण में और टोल प्लाजा कार्यक्रम में आए थे। बमुश्किल पौन- पौन घंटे कार्यक्रम में रुके होंगे। कार्यक्रम शहर के बीच में नहीं था, लेकिन फिर भी चौराहे और रास्ताें को लाल और हरी प्लास्टिक झंडियाें से पाट दिया गया। बसपा सरकार में मुख्यमंत्री रहीं मायावती जब- जब कार्यक्रम में आई तो शहर को नीली झंडी से सजाया गया। कांग्रेस की सरकार तो नहीं बनी लेकिन जब कोई बड़ा नेता बरेली आया तो इनकी भी प्लास्टिक झंडियाें से शहर गंदा हुआ। एक बार लगने के बाद इन झंडियाें को उतारने की नौबत नहीं आती है। इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार घंटे के लिए शहर में आए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर को गंदा न करके अच्छा संदेश देने की कोशिश की। हालांकि जगह- जगह पार्टी के झंडे जरूर लगाए गए, लेकिन सब कपड़े के बने थे।
पिछले साल सपा के कार्यक्रम के लिए पूरे शहर को लप्लास्टिक झंडियाें से सजा दिया गया था। इसको उतारने की बात आई तो मेयर से लेकर नगर आयुक्त ने चुप्पी साध ली थी, इसे तब तक नहीं उतारा गया जब तक आचार संहिता नहीं लागू हो गई। आचार संहिता लगते ही तीन ट्राली झंडियाें को शहर के प्रमुख रास्ताें से हटाया गया था।
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सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बरेली एक क्रिकेट मैच में, लैपटॉप वितरण में और टोल प्लाजा कार्यक्रम में आए थे। बमुश्किल पौन- पौन घंटे कार्यक्रम में रुके होंगे। कार्यक्रम शहर के बीच में नहीं था, लेकिन फिर भी चौराहे और रास्ताें को लाल और हरी प्लास्टिक झंडियाें से पाट दिया गया। बसपा सरकार में मुख्यमंत्री रहीं मायावती जब- जब कार्यक्रम में आई तो शहर को नीली झंडी से सजाया गया। कांग्रेस की सरकार तो नहीं बनी लेकिन जब कोई बड़ा नेता बरेली आया तो इनकी भी प्लास्टिक झंडियाें से शहर गंदा हुआ। एक बार लगने के बाद इन झंडियाें को उतारने की नौबत नहीं आती है। इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार घंटे के लिए शहर में आए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर को गंदा न करके अच्छा संदेश देने की कोशिश की। हालांकि जगह- जगह पार्टी के झंडे जरूर लगाए गए, लेकिन सब कपड़े के बने थे।
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पिछले साल सपा के कार्यक्रम के लिए पूरे शहर को लप्लास्टिक झंडियाें से सजा दिया गया था। इसको उतारने की बात आई तो मेयर से लेकर नगर आयुक्त ने चुप्पी साध ली थी, इसे तब तक नहीं उतारा गया जब तक आचार संहिता नहीं लागू हो गई। आचार संहिता लगते ही तीन ट्राली झंडियाें को शहर के प्रमुख रास्ताें से हटाया गया था।
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