Bareilly News: टेलर महेश चंद्र हत्याकांड की नए सिरे से होगी विवेचना, मानसिक अस्पताल में मिला था शव
बरेली में 19 अप्रैल 2022 को मानसिक अस्पताल परिसर में टेलर महेश चंद्र का शव मिला था। पुलिस ने हत्या के तमाम साक्ष्य दरकिनार कर इसे आत्महत्या मानते हुए कुछ माह पहले खामोशी से एफआर लगा दी थी। अब इस मामले में नए सिरे से दोबारा जांच होगी।
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बरेली के मानसिक अस्पताल में टेलर महेश चंद्र की हत्या की नए सिरे से विवेचना की जाएगी। मामले में बारादरी पुलिस ने एफआर लगा दी थी। सीओ तृतीय ने इंस्पेक्टर को बिंदुवार विवेचना कर सच का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मृतक की पत्नी ने एसएसपी को पत्र देकर सूदखोर कर्मचारियों पर हत्या का शक जताया है।
19 अप्रैल 2022 को मानसिक अस्पताल परिसर में ही अटेंडेंट व टेलर का काम करने वाले महेश चंद्र की हत्या कर दी गई थी। पैनल से कराए गए पोस्टमॉर्टम में गला दबाकर हत्या करने और फिर शव जलाने की पुष्टि हुई थी। हालांकि, शव के पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। पुलिस ने हत्या के तमाम साक्ष्य दरकिनार कर इसे आत्महत्या मानते हुए कुछ माह पहले खामोशी से एफआर लगा दी।
शिकायत पर सीओ तृतीय अनीता चौहान ने फाइल की पड़ताल की तो विवेचना में कई स्तर पर खामियां मिलीं। मजबूत साक्ष्यों को दरकिनार कर संदिग्धों को क्लीनचिट दे दी गई थी। सीओ ने असहमति जताते हुए कई बिंदुओं पर स्पष्ट विवेचना करने का निर्देश देकर एफआर थाने को लौटा दी।
पत्नी ने कर्मचारियों के नाम लेकर लगाए आरोप
महेश चंद्र की पत्नी गुलमा देवी ने एसएसपी को पत्र देकर बताया कि अस्पताल के जिस कमरे में पति का शव मिला, उसके ताले की चाबी एक कर्मचारी के पास थी। उसी ने ताला खोला और उसी ने उनके पति के शव पर टार्च मारकर कहा कि भइया तुमने ये क्या कर लिया। मौके पर कई ऐसे साक्ष्य थे जिनसे साफतौर पर आपराधिक साजिश पता लग रही थी।
आरोप लगाया कि मानसिक अस्पताल के कुछ कर्मचारी सूदखोरी में लिप्त हैं। थोड़ा सा कर्ज लेकर उनके पति भी उनके चंगुल में फंस गए थे। उन्हें पूरा यकीन है कि इस घटना में उन्हीं लोगों का हाथ है। एक करीबी रिश्तेदार का नाम भी गुलमा देवी ने पुलिस को बताया है।
इन सवालों के तलाशने हैं जवाब
- दोनों हाथों में बंधी मिली थी रस्सी।
- मुंह में ठूंसा गया था कपड़ा।
- घटना के दौरान बंद क्यों मिले सीसीटीवी कैमरे?
- मामला आत्महत्या का तो कमरे के बाहर से कैसे लगा मिला ताला?
- गला दबाने के बाद जलने की पुष्टि, मौत के बाद कोई खुद को कैसे लगा सकता है आग?
- घर से रोज की तरह खाना लेकर आए थे महेश, सुसाइड की नहीं थी कोई वजह।
- संदेह के घेरे में आए कुछ लोगों ने नार्को टेस्ट से क्यों किया इन्कार?
- सुरक्षित क्षेत्र में मरीजों या बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित, फिर कर्मचारियों पर क्यों नहीं की सख्ती?
सीओ तृतीय अनीता चौहान ने बताया कि टेलर महेश चंद्र की हत्या से जुड़े मामले में एफआर थाने को लौटाई गई है। मौके पर सीसीटीवी बंद मिलना, पोस्टमॉर्टम में हत्या की पुष्टि जैसे कई बिंदुओं पर विवेचना स्तरीय नहीं थी। विवेचक को निर्देश दिए हैं कि सच्चाई पता कर कार्रवाई की जाए। गंभीर मामले को हल्के में न लें।