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Bareilly News: सर्दियों में घुट रहा दम... पांच दिन में 120 मरीज इमरजेंसी पहुंचे, 17 भर्ती
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बरेली। कड़ाके की ठंड ने सांस रोगियों की तकलीफ बढ़ा दी है। सामान्य दिनाें के सापेक्ष गंभीर हालत में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती होने वाले सांस रोगियों की तादाद तीन गुना तक पहुंच गई है। सोमवार से शुक्रवार तक 120 मरीज इमरजेंसी पहुंचे। इनमें से 17 को भर्ती किया गया। गंभीर हालत में दो मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ा।
इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. गजेंद्र के मुताबिक, ठंड की वजह से श्वासनली में सूजन और सिकुड़न होती है। इससे सांस लेने में परेशानी होती है। कोहरे और धुंध के साथ हवा में तैर रहे प्रदूषण के कण सांस से शरीर में प्रवेश कर संक्रमण की वजह बनते हैं। फंगस, धूल के कण, पालतू पशुओं की रूसी, हीटर, ब्लोअर की गर्म हवा, सिगरेट, अंगीठी के धुएं से वायुमार्ग में जलन होती है। यह पूर्व में सांस रोगी रहे लोगों को तेजी से चपेट में लेती है। इससे सांस फूलने लगती है। चक्कर आने लगते हैं। रक्त प्रवाह प्रभावित होने से घबराहट होती है।
ईएमओ ने बताया कि शनिवार दोपहर बंशीनगला निवासी 50 वर्षीय जगदीश को परिजन गंभीर हालत में लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने देखा और तत्काल सीटी स्कैन के लिए रेफर कर दिया। सीटी स्कैन रिपोर्ट में फेफड़ों में संक्रमण का पता चला। इसके बाद इन्हें रेस्पिरेटरी वार्ड में भर्ती कर लिया गया। ब्यूरो
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इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. गजेंद्र के मुताबिक, ठंड की वजह से श्वासनली में सूजन और सिकुड़न होती है। इससे सांस लेने में परेशानी होती है। कोहरे और धुंध के साथ हवा में तैर रहे प्रदूषण के कण सांस से शरीर में प्रवेश कर संक्रमण की वजह बनते हैं। फंगस, धूल के कण, पालतू पशुओं की रूसी, हीटर, ब्लोअर की गर्म हवा, सिगरेट, अंगीठी के धुएं से वायुमार्ग में जलन होती है। यह पूर्व में सांस रोगी रहे लोगों को तेजी से चपेट में लेती है। इससे सांस फूलने लगती है। चक्कर आने लगते हैं। रक्त प्रवाह प्रभावित होने से घबराहट होती है।
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ईएमओ ने बताया कि शनिवार दोपहर बंशीनगला निवासी 50 वर्षीय जगदीश को परिजन गंभीर हालत में लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने देखा और तत्काल सीटी स्कैन के लिए रेफर कर दिया। सीटी स्कैन रिपोर्ट में फेफड़ों में संक्रमण का पता चला। इसके बाद इन्हें रेस्पिरेटरी वार्ड में भर्ती कर लिया गया। ब्यूरो
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