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इतनी गंदी रेल, वाईफाई का क्या करें
बरेली।
Updated Thu, 02 Feb 2017 01:09 AM IST
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Such dirty train, what to do with WiFi
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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रेल बजट में लोगों को काफी उम्मीदें थीं, सबसे ज्यादा उम्मीद उन लोगों को थी जो स्लीपर और जनरल कोच में यात्रा करते हैं। सामान्य श्रेणी के इन यात्रियों का सिर्फ यही कहना था कि कोच में साफ-सफाई हो, बैठने के लिए सीट मिलें और मोबाइल चार्ज करने की सुविधा हर सीट पर हो।
दोपहर दो बजे
जम्मूतवी से हावड़ा की तरफ जाने वाली सियालदाह एक्सप्रेस स्टेशन पर आकर रुकी तो उसके जनरल कोचों में पैर रखने की जगह नहीं थी। बमुश्किल जनरल कोच में दाखिल होकर किसी तरह लखनऊ के कैंट इलाके के रहने वाले धीरज कुमार से बात की, तो वह कहने लगे कि बजट हर साल आता है, लेकिन जनरल कोच में सफर करने वालों के बारे में कोई नहीं सोचता। सहारनपुर से किसी तरह वह अपने साथी के साथ जनरल कोच की खिड़की से लटककर मुरादाबाद तक आ गए हैं। मुरादाबाद जंक्शन पर ट्रेन रुकी तो स्लीपर कोच में आकर बैठा, तभी टीटीई ने पकड़ लिया। गरीबी और मजबूरी की दुहाई देकर किसी तरह टीटीई से पीछा छुड़ाया।
स्लीपर कोच में शौचालय के पास नीरज कुमार खडे़ मिल गए। उनसे बजट के बारे में पूछना चाहा तो उन्होंने कोच में फैली गंदगी और गंदे वाश वेशन की ओर इशारा कर दिया। साफ कहा, यात्रियों को कोच में सफाई और सीट चाहिए, वाईफाई नहीं। थोड़ी ही देर में ट्रेन चल दी।
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अमर उजाला टीम ने जंक्शन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे ब्रहम्पुरा निवासी रंगकर्मी कमल आनंद और उनके पास बैठे कारोबारी अनवर खान से बात की। दोनों ने एक सुर में कहा, ट्रेनों में जनरल कोच बढ़ाए जाने चाहिए। दैनिक यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती। ओरिंटयल बैंक डीडीपुरम के मैनेजर अतुल्य कुमार भी जंक्शन पर हमें मिल गए। वह पत्नी और बच्चे के साथ गया (बिहार) जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। कहने लगे कि वेटिंग रूम फुल है, जमीन पर गंदगी फैली है, इसलिए प्लेटफार्म पर ही खड़े हैं।
क्लीन माई कोच गंदगी दूर करेगा
क्लीन माई कोच योजना ट्रेनों में गंदगी दूर करने के लिए सहायक हो सकती है, लेकिन इसके लिए जागरूक करना होगा। इसके लिए 58888 नंबर पर कोच में बैठा कोई भी यात्री मैसेज कर सकता है। यह मैसेज कंट्रोल रूम के अलावा सुपरवाइजर के पास पहुंचेगा। इसके बाद तुरंत सुपरवाइजर कोच में पहुंचकर सफाई कराएगा।
कोच मित्र बनेंगे मददगार
रेलवे में कोच मित्र व्यवस्था शुरू की जा रही है। जिस कोच से शिकायत मिलेगी उसमें तैनात कोच मित्र को सूचना देकर बताकर यात्रियों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
एक तरफ लिफ्ट दूसरी तरफ सीढ़ी बनेगी
दिव्यांगों के प्लेट फार्म एक से चार तक जाने और वहां से आने के लिए व्यवस्था की जा रही है। जंक्शन स्थित पूर्वी ओवरब्रिज पर दोनों तरफ लिफ्ट बनाई जा रही है। पश्चिमी ओवरब्रिज के दोनों तरफ स्वचलित सीढ़ियां बनाए जाने की मंजूरी मिल गई है। इन दोनों कामों के लिए सामान भी आ चुका है। जल्द ही काम भी शुरू होने की उम्मीद है।
बरेली से मुरादाबाद तक फोनलेन बनेगा
विधानसभा चुनाव के बाद मार्च में बरेली से मुरादाबाद के बीच रेलवे लाइन को फोरलेन बनाने का एलान हो सकता है। इसके अलावा और भी कई बड़ी घोषणाएं होने की उम्मीद है।
रेलवे के सूत्रों के मुताबिक बरेली से रोजा के बीच तीसरी लाइन बिछाए जाने का खाका तैयार है। इसके अलावा बरेली से चंदौसी होकर अलीगढ़ तक रेलवे लाइन का दोहरीकरण होना है। चंदौसी से बरेली तक रेलवे लाइन का भी दोहरीकरण किया जाना है। विधान चुनाव की वजह से अभी यह एलान नहीं हो पाए हैं। मार्च में इन कामों की घोषणा की जा सकती है।
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दोपहर दो बजे
जम्मूतवी से हावड़ा की तरफ जाने वाली सियालदाह एक्सप्रेस स्टेशन पर आकर रुकी तो उसके जनरल कोचों में पैर रखने की जगह नहीं थी। बमुश्किल जनरल कोच में दाखिल होकर किसी तरह लखनऊ के कैंट इलाके के रहने वाले धीरज कुमार से बात की, तो वह कहने लगे कि बजट हर साल आता है, लेकिन जनरल कोच में सफर करने वालों के बारे में कोई नहीं सोचता। सहारनपुर से किसी तरह वह अपने साथी के साथ जनरल कोच की खिड़की से लटककर मुरादाबाद तक आ गए हैं। मुरादाबाद जंक्शन पर ट्रेन रुकी तो स्लीपर कोच में आकर बैठा, तभी टीटीई ने पकड़ लिया। गरीबी और मजबूरी की दुहाई देकर किसी तरह टीटीई से पीछा छुड़ाया।
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स्लीपर कोच में शौचालय के पास नीरज कुमार खडे़ मिल गए। उनसे बजट के बारे में पूछना चाहा तो उन्होंने कोच में फैली गंदगी और गंदे वाश वेशन की ओर इशारा कर दिया। साफ कहा, यात्रियों को कोच में सफाई और सीट चाहिए, वाईफाई नहीं। थोड़ी ही देर में ट्रेन चल दी।
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अमर उजाला टीम ने जंक्शन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे ब्रहम्पुरा निवासी रंगकर्मी कमल आनंद और उनके पास बैठे कारोबारी अनवर खान से बात की। दोनों ने एक सुर में कहा, ट्रेनों में जनरल कोच बढ़ाए जाने चाहिए। दैनिक यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती। ओरिंटयल बैंक डीडीपुरम के मैनेजर अतुल्य कुमार भी जंक्शन पर हमें मिल गए। वह पत्नी और बच्चे के साथ गया (बिहार) जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। कहने लगे कि वेटिंग रूम फुल है, जमीन पर गंदगी फैली है, इसलिए प्लेटफार्म पर ही खड़े हैं।
क्लीन माई कोच गंदगी दूर करेगा
क्लीन माई कोच योजना ट्रेनों में गंदगी दूर करने के लिए सहायक हो सकती है, लेकिन इसके लिए जागरूक करना होगा। इसके लिए 58888 नंबर पर कोच में बैठा कोई भी यात्री मैसेज कर सकता है। यह मैसेज कंट्रोल रूम के अलावा सुपरवाइजर के पास पहुंचेगा। इसके बाद तुरंत सुपरवाइजर कोच में पहुंचकर सफाई कराएगा।
कोच मित्र बनेंगे मददगार
रेलवे में कोच मित्र व्यवस्था शुरू की जा रही है। जिस कोच से शिकायत मिलेगी उसमें तैनात कोच मित्र को सूचना देकर बताकर यात्रियों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
एक तरफ लिफ्ट दूसरी तरफ सीढ़ी बनेगी
दिव्यांगों के प्लेट फार्म एक से चार तक जाने और वहां से आने के लिए व्यवस्था की जा रही है। जंक्शन स्थित पूर्वी ओवरब्रिज पर दोनों तरफ लिफ्ट बनाई जा रही है। पश्चिमी ओवरब्रिज के दोनों तरफ स्वचलित सीढ़ियां बनाए जाने की मंजूरी मिल गई है। इन दोनों कामों के लिए सामान भी आ चुका है। जल्द ही काम भी शुरू होने की उम्मीद है।
बरेली से मुरादाबाद तक फोनलेन बनेगा
विधानसभा चुनाव के बाद मार्च में बरेली से मुरादाबाद के बीच रेलवे लाइन को फोरलेन बनाने का एलान हो सकता है। इसके अलावा और भी कई बड़ी घोषणाएं होने की उम्मीद है।
रेलवे के सूत्रों के मुताबिक बरेली से रोजा के बीच तीसरी लाइन बिछाए जाने का खाका तैयार है। इसके अलावा बरेली से चंदौसी होकर अलीगढ़ तक रेलवे लाइन का दोहरीकरण होना है। चंदौसी से बरेली तक रेलवे लाइन का भी दोहरीकरण किया जाना है। विधान चुनाव की वजह से अभी यह एलान नहीं हो पाए हैं। मार्च में इन कामों की घोषणा की जा सकती है।