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एसआरएमएस में शुरू हुए जोनल फेस्टिवल में पहुंचे 92 कॉलेजों के विद्यार्थी
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एसआरएमएस में सांस्कृति कार्यक्रम पेश करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। जोश से सराबोर युवा। हर विधा में खुद को इक्कीस साबित करने की होड़। गीत, संगीत, पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक जैसी 22 प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने को आतुर यह युवा एसआरएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालॉजी में आयोजित जोनल फेस्टिवल में सोमवार को दिखाई दिए। जोनल फेस्टिवल की शुरूआत 13वीं सदी के सूफी संत अमीर खुसरो के लिखे भजन ‘छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके...’ को स्वर देकर संगीतज्ञ डॉ. मंजू रानी ने की।
डॉ. एपीजेएके टेक्निकल यूनीवर्सिटी के आर्ट एंड कल्चरल के जोनल फेस्टिवल की मेजबानी इस साल एसआरएमएस कॉलेज कर रहा है। दो दिवसीय इस फेस्ट में 92 कॉलेजों को शामिल किया गया है। इनसे आए हुए विद्यार्थियों के बीच 22 प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिसमें 13 सांस्कृतिक कार्यक्रम और आर्ट से संबंधित नौ प्रतियोगिताएं हैं। पहले दिन कार्यक्रम का उद्घाटन एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया। इसके बाद स्किट, एकल शास्त्रीय गायन, रंगोली, एकल नृत्य, कार्टून, एकल गायन, मेहंदी, समूह गायन, युगल गायन, कोलॉज, फेस पेंटिंग आदि प्रतियोगिताएं हुईं।
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डॉ. एपीजेएके टेक्निकल यूनीवर्सिटी के आर्ट एंड कल्चरल के जोनल फेस्टिवल की मेजबानी इस साल एसआरएमएस कॉलेज कर रहा है। दो दिवसीय इस फेस्ट में 92 कॉलेजों को शामिल किया गया है। इनसे आए हुए विद्यार्थियों के बीच 22 प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिसमें 13 सांस्कृतिक कार्यक्रम और आर्ट से संबंधित नौ प्रतियोगिताएं हैं। पहले दिन कार्यक्रम का उद्घाटन एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया। इसके बाद स्किट, एकल शास्त्रीय गायन, रंगोली, एकल नृत्य, कार्टून, एकल गायन, मेहंदी, समूह गायन, युगल गायन, कोलॉज, फेस पेंटिंग आदि प्रतियोगिताएं हुईं।
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