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सिर्फ स्टार्टअप आयडिया नहीं... शानदार भविष्य की बुनियाद भी
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बरेली। यह उन युवाओं की कामयाबी की कहानी है जिन्होंने रोजगार के परंपरागत रास्तों को लक्ष्य बनाने के बजाय कुछ अलग सोचा और एक स्टार्टअप के जरिए अपने शानदार भविष्य की बुनियाद तैयार कर ली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के रुहेलखंड इन्क्यूबेसन फाउंडेशन (आरआईएफ) ने 19 युवाओं के स्टार्टअप प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। कुछ युवाओं के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है तो कुछ प्रोजेक्ट पाइप लाइन में हैं।
रुहेलखंड इन्क्यूबेसन फाउंडेशन ने कुछ महीने पहले स्टार्टअप के लिए प्रदेश भर से युवा उद्यमियों के आवेदन मांगे थे जिसके जवाब में उसे 29 युवाओं के आवेदन मिले। इनमें से उसे 19 युवाओं की स्टार्टअप की योजना भायी। अब फाउंडेशन की ओर से इन युवाओं को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा उनके स्टार्टअप के लिए फंड का इंतजाम करने के रास्ते भी तलाश किए जा रहे हैं। स्टार्ट इन यूपी योजना के तहत 10 युवाओं के प्रस्ताव विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार को भी भेजेगा।
बालों को गलाकर बनेगा अमीनो एसिड, बढ़ेगी फसलों की पैदावार
सिर के बाल कटवाने के बाद आमतौर पर कचरे में फेंक दिए जाते हैं। अक्सर यह बाल नालियों के प्रवाह के साथ सीवर तक पहुंचते हैं और उसे चोक कर देते हैं। सीवर जाम न हों और बालों से ऐसा उत्पाद तैयार हो जो खेतों में फसलों की पैदावार बढ़ाए, यह विचार बिल्सी (बदायूं) की उदिता सिंह के दिमाग में आया। उन्होंने इस पर आगे बढ़ते हुए अलग-अलग जरियों से बालों को इकट्ठा कराना शुरू किया। अब वह बालों को गलाकर अमीनो एसिड तैयार कर रही हैं। भोजीपुरा के पीपलसाना गांव में शुरू किए गए इस स्टार्टअप के शुरूआती दौर में ही उन्होंने कई युवाओं को नौकरी भी दी है। उदिता के मुताबिक अमीनो एसिड फसलों के लिए एक बूस्टर डोज है जिसके प्रयोग से फसलों का उत्पादन 20 से 30 फीसदी तक बढ़ सकता है। उदिता कहती हैं कि उत्तर प्रदेश में यह अपनी तरह का पहला स्टार्टअप है। रुहेलखंड इन्क्यूबेसन फाउंडेशन ने उन्हें मंजूरी पत्र देने के साथ प्रशिक्षण भी दिया है। उनके इस आयडिया को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी की जा रही है।
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ओएलएक्स की तरह मवेशियों की खरीद-फरोख्त भी होगी ऑनलाइन
बीफार्मा करने के बाद अनु प्रताप सिंह ने अपना आयडिया रुहेलखंड इन्क्यूबेसन फाउंडेशन के समक्ष पेश किया। ओएलएक्स की तरह कोई भी पशुहब डॉट कॉम पर पशुओं की ऑनलाइन खरीदफरोख्त कर सकेगा। पांच किमी के दायरे में जो भी व्यक्ति पशु खरीदने-बेचने का इच्छुक होगा, उसे सॉफ्टवेयर फिल्टर करके पार्टी से मिला देगा। पशु चिकित्सा भी ऑनलाइन मिलेगी। इसके लिए उन्होंने आईवीआरआई के चिकित्सकों से करार किया है। आईवीआरआई ने उन्हें पशु चिकित्सा का प्रशिक्षण भी दिया है। इस स्टार्टअप आयडिया को कैसे और बेहतर बनाया जा सकता है, इसका विशेष प्रशिक्षण रुहेलखंड इंक्यूबेशन फाउंडेशन देगा। अनु प्रताप सिंह ने बताया कि वह जल्द ही अपनी वेबसाइट तैयार करेंगे। पशुओं के वीडियो और फोटो वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। लोगों को इसके माध्यम से घर बैठे सहूलियत मिलेगी। समय की भी बचत होगी। अनु के मुताबिक फाउंडेशन की कमेटी ने भी उन्हें अपनी राय देने को कहा है।
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रुहेलखंड इन्क्यूबेसन फाउंडेशन ने कुछ महीने पहले स्टार्टअप के लिए प्रदेश भर से युवा उद्यमियों के आवेदन मांगे थे जिसके जवाब में उसे 29 युवाओं के आवेदन मिले। इनमें से उसे 19 युवाओं की स्टार्टअप की योजना भायी। अब फाउंडेशन की ओर से इन युवाओं को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा उनके स्टार्टअप के लिए फंड का इंतजाम करने के रास्ते भी तलाश किए जा रहे हैं। स्टार्ट इन यूपी योजना के तहत 10 युवाओं के प्रस्ताव विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार को भी भेजेगा।
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बालों को गलाकर बनेगा अमीनो एसिड, बढ़ेगी फसलों की पैदावार
सिर के बाल कटवाने के बाद आमतौर पर कचरे में फेंक दिए जाते हैं। अक्सर यह बाल नालियों के प्रवाह के साथ सीवर तक पहुंचते हैं और उसे चोक कर देते हैं। सीवर जाम न हों और बालों से ऐसा उत्पाद तैयार हो जो खेतों में फसलों की पैदावार बढ़ाए, यह विचार बिल्सी (बदायूं) की उदिता सिंह के दिमाग में आया। उन्होंने इस पर आगे बढ़ते हुए अलग-अलग जरियों से बालों को इकट्ठा कराना शुरू किया। अब वह बालों को गलाकर अमीनो एसिड तैयार कर रही हैं। भोजीपुरा के पीपलसाना गांव में शुरू किए गए इस स्टार्टअप के शुरूआती दौर में ही उन्होंने कई युवाओं को नौकरी भी दी है। उदिता के मुताबिक अमीनो एसिड फसलों के लिए एक बूस्टर डोज है जिसके प्रयोग से फसलों का उत्पादन 20 से 30 फीसदी तक बढ़ सकता है। उदिता कहती हैं कि उत्तर प्रदेश में यह अपनी तरह का पहला स्टार्टअप है। रुहेलखंड इन्क्यूबेसन फाउंडेशन ने उन्हें मंजूरी पत्र देने के साथ प्रशिक्षण भी दिया है। उनके इस आयडिया को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी की जा रही है।
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ओएलएक्स की तरह मवेशियों की खरीद-फरोख्त भी होगी ऑनलाइन
बीफार्मा करने के बाद अनु प्रताप सिंह ने अपना आयडिया रुहेलखंड इन्क्यूबेसन फाउंडेशन के समक्ष पेश किया। ओएलएक्स की तरह कोई भी पशुहब डॉट कॉम पर पशुओं की ऑनलाइन खरीदफरोख्त कर सकेगा। पांच किमी के दायरे में जो भी व्यक्ति पशु खरीदने-बेचने का इच्छुक होगा, उसे सॉफ्टवेयर फिल्टर करके पार्टी से मिला देगा। पशु चिकित्सा भी ऑनलाइन मिलेगी। इसके लिए उन्होंने आईवीआरआई के चिकित्सकों से करार किया है। आईवीआरआई ने उन्हें पशु चिकित्सा का प्रशिक्षण भी दिया है। इस स्टार्टअप आयडिया को कैसे और बेहतर बनाया जा सकता है, इसका विशेष प्रशिक्षण रुहेलखंड इंक्यूबेशन फाउंडेशन देगा। अनु प्रताप सिंह ने बताया कि वह जल्द ही अपनी वेबसाइट तैयार करेंगे। पशुओं के वीडियो और फोटो वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। लोगों को इसके माध्यम से घर बैठे सहूलियत मिलेगी। समय की भी बचत होगी। अनु के मुताबिक फाउंडेशन की कमेटी ने भी उन्हें अपनी राय देने को कहा है।