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Bareilly News: कोहरे में बढ़ी हादसों की रफ्तार
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बदायूं रोड़ पर चल रहे बीडीए के सड़क निमार्ण कार्य के दौरान आधी सड़क खोद देने के बाद कोई चिंह ना लगा
- फोटो : CITY
बरेली। गर्मी के मुकाबले नवंबर-दिसंबर की सर्दी में कोहरे के चलते हादसे अधिक हो रहे हैं। आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। जो लोग हादसों का शिकार हुए, उनके परिजनों के दिल में आज भी इसका जख्म हरा है। हादसों में अपनों को गंवाने वाले परिवार कोहरे के दौरान लोगों से सफर न करने की गुजारिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि जरा सी सतर्कता से हादसों से बच सकते हैं।
परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक एमपी सिंह ने बताया कि आंकड़े बता रहे हैं कि गर्मी के मुकाबले सर्दी में अधिक हादसे होते है। अधिकतर हादसे रात में ही होते हैं, क्योंकि अंधेरे में कोहरा और भी खतरनाक हो जाता है। खराब मौसम में वाष्पीकरण से सड़कें गीली हो जाती हैं और वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहनों की सड़क पर ग्रिप कम हो जाती है। कई बार यह भी हादसे की वजह बनता है।
धुएं में मिलकर और खतरनाक हो जाता है कोहरा
जब नम हवा ऊपर उठकर ठंडी होती है तो वाष्प संघनित होकर जल की सूक्ष्म बूंदें बनाता है। वायुमंडल में धरती की सतह से थोड़ा ऊपर तैरती इन बूंदों को कोहरा कहते हैं। हाईवे पर वाहनों के धुएं का जल वाष्प में मिश्रण होता है तो कोहरा और घना हो जाता है। फॉग (कोहरा) और स्मोक(धुआं) की जुगलबंदी से स्मॉग बनता है। इससे हादसों का खतरा और बढ़ जता है।
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जरूरी नहीं है कि आप पूरी सावधानी से वाहन चलाएं और कोहरे में सुरक्षित घर पहुंच जाएं, क्योंकि सामने वाले वाहन को यदि दूर से आपका वाहन नजर नहीं आया तो भी हादसा हो सकता है। ऐसे में यदि बहुत आवश्यक न हो तो घने कोहरे में वाहन न चलाएं। दिनेश कुमार, आरटीओ
बचाव के उपाय
कोहरे में सड़क परिवहन से बचें।
बहुत आवश्यक हो तो वाहन की रफ्तार कम से कम रखें, सड़क की सफेद पट्टी के सहारे चलेेें।
वाहन की हेडलाइट को लो-बीम पर रखें। बैकलाइट और इंडीकेटर को पूरे सफर में जलाए रखें।
दो वर्ष में हुए हादसों के तुलनात्मक आंकड़े
माह 2021 2022
मई 64 95
जून 57 97
नवंबर 77 111
दिसंबर 97 106
शादी के 28 दिन बाद ही मैंने सड़क हादसे में अपने पति को खोया है। मैं भी पल-पल उसी हादसे के सदमे में जी रही हूं। इसलिए आप लोगों से हाथ जोड़कर प्रार्थना करती हूं कि कोहरे में सफर न करें क्योंकि आपकी या सामने वाले वाहन चालक की जरा सी जल्दबाजी में हादसे होते हैं। हादसे में जान तो किसी एक की जाती है, लेकिन उसका पूरा परिवार तबाह हो जाता है। - प्रिया सिंह, नई बस्ती मठिया, फरीदपुर
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परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक एमपी सिंह ने बताया कि आंकड़े बता रहे हैं कि गर्मी के मुकाबले सर्दी में अधिक हादसे होते है। अधिकतर हादसे रात में ही होते हैं, क्योंकि अंधेरे में कोहरा और भी खतरनाक हो जाता है। खराब मौसम में वाष्पीकरण से सड़कें गीली हो जाती हैं और वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहनों की सड़क पर ग्रिप कम हो जाती है। कई बार यह भी हादसे की वजह बनता है।
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धुएं में मिलकर और खतरनाक हो जाता है कोहरा
जब नम हवा ऊपर उठकर ठंडी होती है तो वाष्प संघनित होकर जल की सूक्ष्म बूंदें बनाता है। वायुमंडल में धरती की सतह से थोड़ा ऊपर तैरती इन बूंदों को कोहरा कहते हैं। हाईवे पर वाहनों के धुएं का जल वाष्प में मिश्रण होता है तो कोहरा और घना हो जाता है। फॉग (कोहरा) और स्मोक(धुआं) की जुगलबंदी से स्मॉग बनता है। इससे हादसों का खतरा और बढ़ जता है।
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जरूरी नहीं है कि आप पूरी सावधानी से वाहन चलाएं और कोहरे में सुरक्षित घर पहुंच जाएं, क्योंकि सामने वाले वाहन को यदि दूर से आपका वाहन नजर नहीं आया तो भी हादसा हो सकता है। ऐसे में यदि बहुत आवश्यक न हो तो घने कोहरे में वाहन न चलाएं। दिनेश कुमार, आरटीओ
बचाव के उपाय
कोहरे में सड़क परिवहन से बचें।
बहुत आवश्यक हो तो वाहन की रफ्तार कम से कम रखें, सड़क की सफेद पट्टी के सहारे चलेेें।
वाहन की हेडलाइट को लो-बीम पर रखें। बैकलाइट और इंडीकेटर को पूरे सफर में जलाए रखें।
दो वर्ष में हुए हादसों के तुलनात्मक आंकड़े
माह 2021 2022
मई 64 95
जून 57 97
नवंबर 77 111
दिसंबर 97 106
शादी के 28 दिन बाद ही मैंने सड़क हादसे में अपने पति को खोया है। मैं भी पल-पल उसी हादसे के सदमे में जी रही हूं। इसलिए आप लोगों से हाथ जोड़कर प्रार्थना करती हूं कि कोहरे में सफर न करें क्योंकि आपकी या सामने वाले वाहन चालक की जरा सी जल्दबाजी में हादसे होते हैं। हादसे में जान तो किसी एक की जाती है, लेकिन उसका पूरा परिवार तबाह हो जाता है। - प्रिया सिंह, नई बस्ती मठिया, फरीदपुर