फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Soldier dies in road accident, family ruckus in hospital

सड़क हादसे में सिपाही की मौत, परिजन का अस्पताल में हंगामा

Tue, 28 Dec 2021 01:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 01:08 AM IST
विज्ञापन
Soldier dies in road accident, family ruckus in hospital
विलाप करते परिजन।
शाहजहांपुर में तैनात था सिपाही, अलीगढ़ जाते समय बदायूं में हादसा
विज्ञापन

इलाज में लापरवाही का आरोप, प्रबंधन के खिलाफ कोतवाली में दी तहरीर
बरेली। बदायूं में हुए सड़क हादसे में 26 वर्षीय सिपाही करन चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए बरेली लाया गया। यहां उनकी मौत हो गई। इस पर परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सिद्धि विनायक अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे मामला शांत किया।
सिपाही करन चौधरी मूलरूप से अलीगढ़ में थाना टप्पल के गांव बैना के निवासी थे। वह 2018 बैच के सिपाही थे। इन दिनों उनकी तैनाती शाहजहांपुर के थाना कलान में थी। सोमवार सुबह करन घर जाने के लिए बाइक से निकले। बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में किसी वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल करन को बदायूं जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
विज्ञापन

इस पर परिजन ने सुबह करीब सात बजे उन्हें बरेली लाकर सिद्धि विनायक अस्पताल में भर्ती करा दिया। सूचना पर करन के कई साथी सिपाही भी वहां पहुंच गए। करीब दस बजे करन की मौत हो गई। इसके बाद परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा बुझाकर शांत किया और फिर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। इस मामले में उनके परिजन ने अस्पताल के खिलाफ तहरीर दी है। कोतवाली इंस्पेक्टर हिमांशु निगम का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉक्टर के न देखने का आरोप
करन की मौत के बाद परिजन ने आरोप लगाया कि सुबह सात बजे भर्ती होने के बाद से जूनियर डॉक्टर ही इलाज कर रहे थे। न तो कोई सीनियर डॉक्टर देखने आया और न ही उनकी गंभीर हालत के बारे में परिवार वालों को बताया। उनका आरोप है कि करन के सिर में लगी चोट की जांच के लिए सीटी स्कैन तक नहीं कराया। उन लोगों ने कहा भी लेकिन स्टाफ ने 11 बजे सीटी स्कैन कराने को कहकर टाल दिया।
दो भाइयों में बड़े थे करन
करन के पिता विकल कुमार गांव में रहकर खेतीबाड़ी करते हैं। दो भाइयों में करन बड़े थे। उनसे छोटे मंजीत अभी पढ़ाई कर रहे हैं। बरेली पुलिस लाइन में तैनात करन के ताऊ ओमप्रकाश ने बताया कि दो साल पहले ही अदिति से करन की शादी हुई थी। सात महीने का एक बच्चा है।

मैं जब पहुंचा तो सिपाही की मौत हो चुकी थी। एक्सीडेंट में उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि सीटी स्कैन कराने की स्थिति भी नहीं बन पा रही थी। पोस्टमार्टम में भी इसकी पुष्टि हुई है। मेरे पहुंचने से पहले न्यूरो सर्जन डॉ. कुंदन कुमार की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। उनका जीसीएस स्केल चार था, जिन मरीजों में यह पांच से कम होता है, उनके बचने की संभावना बहुत कम रहती है। उनके इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। - डॉ. ब्रजेश्वर सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed