कुंभ राशि में शनिदेव: इन राशियों पर शुरू हुई शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या, यह रहेगा प्रभाव
शनि देव मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश कर गए हैं। इससे मकर, कुंभ और मीन पर शनि साढ़ेसाती का असर शुरू होगा। कर्क और वृश्चिक राशि पर ढैय्या शुरू हो गई।
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शनिदेव को कर्म फलदाता कहा गया है। शनिदेव का ऐसा प्रभाव है अगर, इनकी शुभ दृष्टि पड़ जाए तो व्यक्ति रंक से राजा बन जाता है। अशुभ दृष्टि पड़ जाए तो राजा को भी रंक बनने में देर नहीं लगती। इनकी दोनों दृष्टि हमारे कर्मों के ऊपर आधारित हैं। इसलिए इन्हें दंडाधिकारी भी कहते हैं।
ज्योतिषी मुकेश मिश्र के अनुसार 17 जनवरी मंगलवार की शाम 5:56 पर शनि देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश कर गए हैं। इससे मकर, कुंभ और मीन पर शनि साढ़ेसाती का असर शुरू होगा। कर्क और वृश्चिक राशि पर ढैय्या शुरू हो गई। तुला और मिथुन राशि वालों को ढैय्या से मुक्ति मिलेगी। धनु राशि के लोगों को साढ़ेसाती से निजात मिलेगी।
शनिवार को काली गाय और काले कुत्ते को भोजन करने से साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है। शनिवार के दिन ही साबुत उड़द, लोहा, काले कपड़े, तिल के बीज, तेल आदि शनिदेव को अर्पित करें। हर शनिवार पीपल की जड़ में जल अर्पित करें, दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से शनि देव की शुभ दृष्टि रहेगी।
यह रहेगा प्रभाव
मेष - आकस्मिक लाभ के साथ नए व्यापार की ओर बढ़ने के संकेत।
वृषभ - राजकीय पद या राज्यस्तरीय व्यक्ति से कोई विशेष सहायता मिल सकती है।
मिथुन - शनि की ढैया समाप्त होगी, शारीरिक कष्ट दूर होंगे, जीवन के प्रति आशा बढ़ेगी।
कर्क - ढैय्या का आरंभ होने से नए-नए विचारों का आगमन होगा। कहीं-कहीं अस्थिरता रहेगी।
सिंह - शनि का समसप्तक दृष्टि संबंध दार्शनिकता और धार्मिकता के साथ जीवन को संतुलित करेगा।
कन्या - शनि का प्रभाव स्वास्थ्य प्रभावित कर सकता है, अत: खानपान और जीवन शैली में सावधानी की आवश्यकता है।
तुला - शनि के प्रभाव उतरने से रुके कार्य में एकदम गति बढ़ेगी, प्रतिष्ठा का भी लाभ मिलेगा।
वृश्चिक - संपत्ति में वृद्धि का योग है, वाहन अथवा भूमि भवन की प्राप्ति हो सकती है।
धनु - साढ़ेसाती पूर्ण हो रही है। इसका सकारात्मक असर दिखेगा।
मकर - अंतिम ढैय्या साढ़ेसाती का रुके कार्य में गति बढ़ाने के साथ-साथ नई ऊंचाई दे सकता है।
कुंभ - शनि की साढ़ेसाती का दूसरा ढैय्या संभलने वाला तथा कानूनी दृष्टिकोण से सावधानी रखने वाला है।
मीन - साढ़ेसाती का आरंभ अर्थात प्रथम ढैय्या लगेगा, अधिक सोचने से बचने वाला समय तथा स्वास्थ्य के प्रति ध्यान रखने वाला समय है।