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अब शादी अनुदान में फर्जीवाड़ा
बरेली
Updated Tue, 20 Jan 2015 01:25 AM IST
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समाज कल्याण विभाग की राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़े के बाद अब अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विवाह अनुदान योजना में भी फर्जीवाड़े की कोशिश के 44 मामले पकड़े गए हैं। इनमें फर्जी शादी दिखाकर अनुदान हड़पने की कोशिश की गई है। इसके लिए जमा किए गए फार्मों के साथ लगाए गए आय प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। जांच में पाया गया कि उन पर लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार और एसडीएम के भी हस्ताक्षर फर्जी बनाए गए हैं। यह सारे फार्म बहेड़ी तहसील क्षेत्र के हैं। कमिश्नर विपिन कुमार द्विवेदी ने मंडल के चारों जिलों में विवाह अनुदान के लाभार्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश दिए हैं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने राजस्व विभाग की वेबसाइट से जब फार्मों के साथ लगे आय प्रमाणपत्रों की जांच की तो उनके फर्जी होने का खुलासा हुआ। उन्होंने जब यह एसडीएम को भिजवाए तो उन्होंने तहसील से उनके जारी न होने की रिपोर्ट दी। अब आगे की जांच के लिए यह सभी मामले बहेड़ी एसडीएम को भेजे गए हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जगमोहन सिंह ने बताया कि इन मामलों में फर्जी शादी दिखाकर अनुदान लेने की कोशिश की गई है। कई मामलों में शादी बहुत पहले ही हो चुकी है और अनुदान अब लेने को आवेदन किया गया है। उन्होंने बताया कि एसडीएम की जांच रिपोर्ट आने के बाद इन मामलों में कार्रवाई होगी।
कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
कमिश्नर विपिन कुमार द्विवेदी ने मंडल के चारों जिलों में अल्पसंख्यक, समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों में पिछले वर्षों में दिए गए विवाह अनुदान के लाभार्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने डीएम और सीडीओ को लिखा है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2013-14 और 14-15 में देय विवाह अनुदान के मामलों में आय प्रमाणपत्र और विवाह के फर्जी होने के मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित करने को कहा है। यह भी निर्देश दिए हैं कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए। कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट 15 दिन में मांगी है।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने राजस्व विभाग की वेबसाइट से जब फार्मों के साथ लगे आय प्रमाणपत्रों की जांच की तो उनके फर्जी होने का खुलासा हुआ। उन्होंने जब यह एसडीएम को भिजवाए तो उन्होंने तहसील से उनके जारी न होने की रिपोर्ट दी। अब आगे की जांच के लिए यह सभी मामले बहेड़ी एसडीएम को भेजे गए हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जगमोहन सिंह ने बताया कि इन मामलों में फर्जी शादी दिखाकर अनुदान लेने की कोशिश की गई है। कई मामलों में शादी बहुत पहले ही हो चुकी है और अनुदान अब लेने को आवेदन किया गया है। उन्होंने बताया कि एसडीएम की जांच रिपोर्ट आने के बाद इन मामलों में कार्रवाई होगी।
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कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
कमिश्नर विपिन कुमार द्विवेदी ने मंडल के चारों जिलों में अल्पसंख्यक, समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों में पिछले वर्षों में दिए गए विवाह अनुदान के लाभार्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने डीएम और सीडीओ को लिखा है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2013-14 और 14-15 में देय विवाह अनुदान के मामलों में आय प्रमाणपत्र और विवाह के फर्जी होने के मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित करने को कहा है। यह भी निर्देश दिए हैं कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए। कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट 15 दिन में मांगी है।
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