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एसबीआई शाखा में कैश खत्म, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Fri, 25 Nov 2016 01:13 AM IST
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SBI branch over cash, Hungama
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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सुबह से बैंकों पर लगने वाली लाइनें गुरुवार में भी कम रही जबकि नोट बदलने वालों की तादाद में बढ़ोत्तरी रही। क्याेंकि 24 नवंबर आधी से 1000-500 रुपये नोट बदलने की आखिरी तारीख थी। बरेली कालेज शाखा में कैश खत्म होने पर लोगों ने हंगामा कर दिया। बैंक आफ बड़ौदा की जगतपुर शाखा में खातेदारों को तीन दिन से कैश नहीं मिल रहा है। इस बैंक की खातेदार अधिकांश महिलाओं ने बैंक में जमकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि प्रबंधक जानबूझकर कैश नहीं बांट रहे हैं।
नोट बदलने की आखिरी तारीख होने की वजह से बुधवार की अपेक्षा गुरुवार में लोगों की तादाद बढ़ गयी। करीब 18 हजार लोगों ने नोट बदले। एटीएम आधे अधूरे चलने के बावजूद भीड़ कम दिखी। बैंकों में नोट बदलने पहुंचे लोगों से पूछताछ ज्यादा होने से लाइन लगाने वालों की भीड़ पहले से ही कम हो गयी थी। बैंक प्रबंधन ने सीमित नोट बदली करायी। यूको बैंक कुतुबखाना में भी दोपहर बाद कैश खत्म हो गया। यहां लोग कैश निकालने आ रहे थे।
एटीमए क्यों नहीं भरे जा रहे ?
वित्त मंत्रालय ने बैंक प्रबंधन से सवाल किया है कि एटीएम पूरे क्यों नहीं भरे जा रहे हैं। बैँक और एटीएम पर बढ़ती लाइनें और कथित अफरातफरी को लेकर सक्रिय वित्त मंत्रालय गंभीर हो गया है। मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि सभी ब्रांचों पर लगे एटीएम फुल रहने चाहिए।
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जमा राशि 84 करोड़ रुपये
नोट बदले 3.50 करोड़ रुपये
लोग पहुंचे 18 हजार
माइक्रो एटीएम से आसान हुआ नकद पाना
नकदी की समस्या से बचने और बैंकाें की लाइन से बचने के लिए बैंकाें ने माइक्रो एटीएम मशीन को लगाना शुरू कर दिया है। इसे कोई भी प्रतिष्ठान और व्यापारी लगा सकते हैं। मशीन से बिना बैंक जाए ही आपको आसानी से नकद मिल सकेगा।
छोटी एटीएम मशीन गुरुवार को गंगाचरण अस्पताल में लगाई गई। करीब 40 मरीजाें ने इस मशीन में अपना एटीएम कार्ड और आधार कार्ड का नंबर डालकर अंगूठे का निशान लगाया और भुगतान पाया। अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक सुमंत अरोड़ा व भुवनेश अग्रवाल से बात की तो उन्होंने यह सुविधा दी है। एटीएम चलाने के लिए आपरेटर जय प्रकाश की भी व्यवस्था दी है। मरीज के तीमारदार सुमन ने बताया कि उन्हें पैसे लेने बाहर नहीं जाना पड़ा। गुलाम अंसारी ने भी इस एटीएम से सौ रुपए निकाले।
- एसबीआई पोस मशीन पर नहीं लेगा चार्ज
भारतीय स्टेट बैंक ने नोट किल्लत से निपटने के लिए पोस मशीनें लगवाना शुरू कर दिया है। एसबीआई उप महाप्रबंधक ने कहा है कि मशीन लगवाने पर तीस नवंबर तक कोई चार्ज नहीं लगेगा। डीजीएम सुनील वढ़ेरा ने बताया कि इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग सुविधाएं ग्राहकों को उपलब्ध करायी जा रही हैं। इससे ग्राहक लेनदेन करने और अपने खाते में रुपये ट्रांसफर कराने के लिए कोई लाइन नहीं लगानी होगी। वढ़ेरा ने बताया कि अपने प्रतिष्ठानों पर पोस मशीनें लगवाने के लिए एसबीआई मुख्य प्रशासनिक कार्यालय, रामपुर बाग, पटेल चौक, ग्रीन पार्क, माडल टाउन और राजेंद्रनगर ब्रांचों से संपर्क किया जा सकता है।
समूह का कर्ज अदा करने में 60 दिन की मोहलत
बरेली। माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क (एमएफआइएन) की सीईओ रत्ना विश्वनाथन ने कहा है कि जितने भी उनके कर्जदार हेै। वे बाजार में फैल रही अफवाह पर ध्यान न दें। जिन ग्राहकों को इस समय वैध नोट प्राप्त करने में असुविधा हो रही है, वे नए नोट मिलने पर लोन का भुगतान कर सकते हैं। उनके लिए 60 दिन की मोहलत दी गई है। इस दौरान उनके पास कोई भी एजेंट वसूली के लिए जबरदस्ती नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 21 नवंबर को आय पहचान, परिसंपत्ति वर्गीकरण और एडवांस के संबंध में प्रावधान पर जरूरी नियमाें पर एक सर्कुलर जारी किया था। इसके बाद कुछ गलत धारणा फैल गई।
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नोट बदलने की आखिरी तारीख होने की वजह से बुधवार की अपेक्षा गुरुवार में लोगों की तादाद बढ़ गयी। करीब 18 हजार लोगों ने नोट बदले। एटीएम आधे अधूरे चलने के बावजूद भीड़ कम दिखी। बैंकों में नोट बदलने पहुंचे लोगों से पूछताछ ज्यादा होने से लाइन लगाने वालों की भीड़ पहले से ही कम हो गयी थी। बैंक प्रबंधन ने सीमित नोट बदली करायी। यूको बैंक कुतुबखाना में भी दोपहर बाद कैश खत्म हो गया। यहां लोग कैश निकालने आ रहे थे।
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एटीमए क्यों नहीं भरे जा रहे ?
वित्त मंत्रालय ने बैंक प्रबंधन से सवाल किया है कि एटीएम पूरे क्यों नहीं भरे जा रहे हैं। बैँक और एटीएम पर बढ़ती लाइनें और कथित अफरातफरी को लेकर सक्रिय वित्त मंत्रालय गंभीर हो गया है। मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि सभी ब्रांचों पर लगे एटीएम फुल रहने चाहिए।
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जमा राशि 84 करोड़ रुपये
नोट बदले 3.50 करोड़ रुपये
लोग पहुंचे 18 हजार
माइक्रो एटीएम से आसान हुआ नकद पाना
नकदी की समस्या से बचने और बैंकाें की लाइन से बचने के लिए बैंकाें ने माइक्रो एटीएम मशीन को लगाना शुरू कर दिया है। इसे कोई भी प्रतिष्ठान और व्यापारी लगा सकते हैं। मशीन से बिना बैंक जाए ही आपको आसानी से नकद मिल सकेगा।
छोटी एटीएम मशीन गुरुवार को गंगाचरण अस्पताल में लगाई गई। करीब 40 मरीजाें ने इस मशीन में अपना एटीएम कार्ड और आधार कार्ड का नंबर डालकर अंगूठे का निशान लगाया और भुगतान पाया। अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक सुमंत अरोड़ा व भुवनेश अग्रवाल से बात की तो उन्होंने यह सुविधा दी है। एटीएम चलाने के लिए आपरेटर जय प्रकाश की भी व्यवस्था दी है। मरीज के तीमारदार सुमन ने बताया कि उन्हें पैसे लेने बाहर नहीं जाना पड़ा। गुलाम अंसारी ने भी इस एटीएम से सौ रुपए निकाले।
- एसबीआई पोस मशीन पर नहीं लेगा चार्ज
भारतीय स्टेट बैंक ने नोट किल्लत से निपटने के लिए पोस मशीनें लगवाना शुरू कर दिया है। एसबीआई उप महाप्रबंधक ने कहा है कि मशीन लगवाने पर तीस नवंबर तक कोई चार्ज नहीं लगेगा। डीजीएम सुनील वढ़ेरा ने बताया कि इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग सुविधाएं ग्राहकों को उपलब्ध करायी जा रही हैं। इससे ग्राहक लेनदेन करने और अपने खाते में रुपये ट्रांसफर कराने के लिए कोई लाइन नहीं लगानी होगी। वढ़ेरा ने बताया कि अपने प्रतिष्ठानों पर पोस मशीनें लगवाने के लिए एसबीआई मुख्य प्रशासनिक कार्यालय, रामपुर बाग, पटेल चौक, ग्रीन पार्क, माडल टाउन और राजेंद्रनगर ब्रांचों से संपर्क किया जा सकता है।
समूह का कर्ज अदा करने में 60 दिन की मोहलत
बरेली। माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क (एमएफआइएन) की सीईओ रत्ना विश्वनाथन ने कहा है कि जितने भी उनके कर्जदार हेै। वे बाजार में फैल रही अफवाह पर ध्यान न दें। जिन ग्राहकों को इस समय वैध नोट प्राप्त करने में असुविधा हो रही है, वे नए नोट मिलने पर लोन का भुगतान कर सकते हैं। उनके लिए 60 दिन की मोहलत दी गई है। इस दौरान उनके पास कोई भी एजेंट वसूली के लिए जबरदस्ती नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 21 नवंबर को आय पहचान, परिसंपत्ति वर्गीकरण और एडवांस के संबंध में प्रावधान पर जरूरी नियमाें पर एक सर्कुलर जारी किया था। इसके बाद कुछ गलत धारणा फैल गई।