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Bareilly News: दक्षिण कोरिया में बरेली का नाम रोशन करेंगी साक्षी
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प्रशिक्षक के तौर पर हुआ चयन, तीन महीने खिलाड़ियों को देंगी प्रशिक्षण
बरेली। शहर की बेटी साक्षी अब दक्षिण कोरिया में बरेली का नाम रोशन करेंगी। उनका चयन प्रशिक्षक के तौर पर हुआ है। वह तीन महीने दक्षिण कोरिया में रहकर वहां के खिलाड़ियों को ताइक्वांडो की बारीकियां सिखाएंगी।
साक्षी कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। 2007 में उन्होंने प्रशिक्षण लेना शुरू किया। इसके बाद लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ। इस प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2011 में उन्होंने ताइक्वांडो से ब्रेक ले लिया। 2019 में उन्होंने फिर से प्रैक्टिस शुरू की।
वर्ष 2022 में नेपाल के पोखरा में आयोजित ओपन अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने के बाद उन्हें नेशनल रेफरी बनाया गया। साक्षी ने कोरिया के मास्टर ली वान यंग से भी प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षक के तौर पर चयन होने पर साक्षी ने इसका श्रेय कोच अकमल खान व ली वान यंग को दिया।
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पिता ने शहर में खोली थी पहली अकादमी
साक्षी के पिता हरीश सिंह बोरा ने शहर में ताइक्वांडो प्रशिक्षण के लिए पहली अकादमी वर्ष 1992 में खोली थी। इससे पहले ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लेने का शहर में कोई विकल्प नहीं था। इस अकादमी से कई खिलाड़ी निकले। 2007 में साक्षी ने भी पिता से ही प्रशिक्षण लेना शुरू किया। नवंबर 2019 में पिता की मौत होने के बाद साक्षी ही अब इस अकादमी का संचालन कर रही हैं। संवाद
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बरेली। शहर की बेटी साक्षी अब दक्षिण कोरिया में बरेली का नाम रोशन करेंगी। उनका चयन प्रशिक्षक के तौर पर हुआ है। वह तीन महीने दक्षिण कोरिया में रहकर वहां के खिलाड़ियों को ताइक्वांडो की बारीकियां सिखाएंगी।
साक्षी कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। 2007 में उन्होंने प्रशिक्षण लेना शुरू किया। इसके बाद लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ। इस प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2011 में उन्होंने ताइक्वांडो से ब्रेक ले लिया। 2019 में उन्होंने फिर से प्रैक्टिस शुरू की।
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वर्ष 2022 में नेपाल के पोखरा में आयोजित ओपन अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने के बाद उन्हें नेशनल रेफरी बनाया गया। साक्षी ने कोरिया के मास्टर ली वान यंग से भी प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षक के तौर पर चयन होने पर साक्षी ने इसका श्रेय कोच अकमल खान व ली वान यंग को दिया।
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पिता ने शहर में खोली थी पहली अकादमी
साक्षी के पिता हरीश सिंह बोरा ने शहर में ताइक्वांडो प्रशिक्षण के लिए पहली अकादमी वर्ष 1992 में खोली थी। इससे पहले ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लेने का शहर में कोई विकल्प नहीं था। इस अकादमी से कई खिलाड़ी निकले। 2007 में साक्षी ने भी पिता से ही प्रशिक्षण लेना शुरू किया। नवंबर 2019 में पिता की मौत होने के बाद साक्षी ही अब इस अकादमी का संचालन कर रही हैं। संवाद