साधुओं की आपबीती: पश्चिम बंगाल में भीड़ ने बच्चा चोर बताकर पीटा, लगा अब नहीं बचेगी जान; सांसद ने की मदद
उत्तर प्रदेश के बरेली के 14 साधु गंगासागर की यात्रा पर पश्चिम बंगाल गए थे। पुरुलिया जिले में भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था। बच्चा चोर बताकर तीन साधुओं को बेरहमी से पीटा था। घटना के बाद सभी साधु यात्रा छोड़कर वापस आ गए हैं।
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पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में भीड़ के हमले में घायल हुए बरेली के बिशारतगंज निवासी साधु रविवार रात लखनऊ से घर के लिए निकले, लेकिन कोहरे की वजह से मंदिर में ठहर गए। फोन पर अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि हमले के दौरान वह घबरा गए थे। हालांकि बाद में वहां के भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और पुलिस ने उनकी मदद की।
बिशारतगंज में गोस्वामी साधुओं की पूरी बस्ती है। यहां से 27 दिसंबर को 14 साधु गंगासागर की यात्रा के लिए तीन कारों में निकले थे। एक बोलेरो गाड़ी में साधु मधुरनाथ गोस्वामी, उनके दो बेटे सुनील गोस्वामी व प्रमोद गोस्वामी के साथ भोजन बनाने वाले बिशारतगंज के ही सूरज श्रीवास्तव व चालक बदायूं के बिसौली निवासी भूदेव यादव सवार थे।
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सुनील गोस्वामी ने बताया कि 11 जनवरी को जब वह बंगाल के पुरुलिया से होकर गुजर रहे थे, तो एक जगह गाड़ी रुकने पर भीड़ ने हमला कर दिया। उन्होंने हम लोगों को बच्चा चोर बताकर जमकर पीटा और उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। काफी समय बाद पुरुलिया पुलिस पहुंची। शुरू में पुलिस भी उन्हें गलत समझ रही थी, लेकिन उनके बताने पर जब बिशारतगंज थाना प्रभारी से बात की तो सच सामने आ गया।
मथुरा जा सकते हैं साधु
सुनील गोस्वामी ने बताया कि वह लोग रविवार रात को लखनऊ से बरेली की ओर चले थे, पर मौसम खराब होने से रास्ते में एक मंदिर में रुक गए हैं। गाड़ी भी सही नहीं है। उनके गुरु ने उन्हें मथुरा बुलाया है। वह लोग पहले मथुरा जा सकते हैं, फिर लौटकर बरेली आएंगे।