Ruhilkhand University: अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बनेगा डिजिटल लर्निंग हब
बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय को डिजिटल लर्निंग हब बनाने की तैयारी है। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान कार्यक्रम में विश्वविद्यालय को चुना गया है, जिसके तहत विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपये का अनुदान मिलना है।
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बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) कार्यक्रम के तहत 100 करोड़ रुपये का अनुदान देने के लिए चुना गया है। बजट से कौन-कौन से काम कराए जाएंगे विश्वविद्यालय ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसमें विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देने को प्राथमिकता पर रखा गया है। आधुनिक लैब, खेल सुविधा और अन्य संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा।
विश्वविद्यालय में पीएम उषा के समन्वयक प्रो. संजय मिश्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय का चयन फरवरी में हुआ था। उसके बाद से लगातार विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारियां मांगी जा रही हैं। जल्द पहली किस्त मिलने की उम्मीद है। बजट मिलने के बाद कौन-कौन से काम कराए जाने हैं, इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इससे विश्वविद्यालय को वैश्विक पटल पर पहचान बनाने में मदद मिलेगी।
खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
विद्यार्थियों को अनुसंधान करने के लिए आधुनिक उपकरण, लैब और खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधा मिल सकेगी। 100 करोड़ रुपये के बजट में 31 करोड़ रुपये से बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा, जिसमें ट्रांजिट छात्रावास, डिजिटल लर्निंग हब, इन्क्यूबेटिंग पायलट सुविधा, साइबर और फॉरेंसिंक लैब, रिन्यूवल एनर्जी एंड इलेक्ट्रिकल व्हीकल लैब आदि शामिल होगा।
33 करोड़ रुपये से लैब में इस्तेमाल होने वाले उपकरण व नए उपकरण की खरीद, शिक्षकों की ओर से मांग पर उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। वहीं, 19 करोड़ रुपये से सभी लैब का नवीनीकरण, छात्रावास, कक्षा आदि की मरम्मत की जाएगी। 17 करोड़ रुपये से प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र कार्यक्रम, कौशल विकास, रोजगारपरक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।