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ठंड में ठिठुरा दे रहीं रोडवेज बसें

Fri, 27 Nov 2020 01:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 01:24 AM IST
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Roadways buses are chilling in the cold
बिना शीशे की खिड़की के पास बैठकर यात्रा करता एक बच्चा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बरेली। ठंड लगातार बढ़ रही है। शीतलहर चलना शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग रोजना अलर्ट जारी कर रहा है। लेकिन रोडवेज की बसों में यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम तक नहीं किए गए हैं। कुछ बसों में शीशे गायब है तो कुछ में शीशे की जगह प्लास्टिक की शीट लगा दी हैं। अधिकतर शीशों की रबड़ गायब है। अधिकारियों की सुस्ती के चलते यात्री मजबूरन बस में ठंडी हवा के साथ सफर करने को मजबूर हैं।
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ठंड हो या गर्मी, रोडवेज बसों से सफर हमेशा मुश्किल भरा रहता है। गर्मी में लू के थपेड़ों से बुरा हाल था तो अब सर्दी में ठंडी हवाओं में ठिठुरना पड़ रहा है। इसका कारण बन रहा है अधिकतर बसों के टूटे हुए शीशे। परिवहन विभाग का हर साल यही हाल रहता है। आधी सर्दी निकल जाने के बाद वह रोडवेज बसों की मरम्मत के काम में जुटता है और तब तक आधी से ज्यादा सर्दी निकल जाती है। इस बार भी यही हाल है। रोडवेज बसों के शीशे टूटे हुए हैं। उन्हें सही नहीं कराया गया है। वहीं कुछ टूटे शीशों की जगह पर प्लास्टिक शीट लगा दी हैं। वहीं जिन शीशों के बीच से रबर गायब हो गईं, वह दोबारा नहीं लगाई जा सकी हैं। बस के चलने पर खाली जगह से तेज हवा अंदर जाती है और दूर बैठे यात्रियों तक को कंपाने लगती है। अब जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। इतना ही नहीं लंबे रूट की कई बसों में फॉग लाइट तक नहीं है। सरकार का दावा है कि सभी लोगों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा, लेकिन रोडवेज के बेड़े में शामिल अधिकांश बसों की हालत खस्ता है।
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खिड़की से हवा आती है

मुरादाबाद से आए हैं। खिड़की तो लगी थी लेकिन वह आवाज भी बहुत कर रही थी और उससे हवा भी आ रही थी। मौसम भी ठंडा है, हवा आ रही थी तो गमछा लगाकर हवा रोकने का प्रयास किया, मगर पूरी राहत नहीं मिली। -उमेश, यात्री।
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बसों की हालत ठीक नहीं

लखनऊ से लौटा हूं। बस में एक ही जगह पर तीन से चार जगह शीशे टूटे थे। वहां शीशों की जगह प्लास्टिक शीट लगा दी हैं। इससे उसकी दराजों से हवा अंदर आ रही थी। कंबल था तो उससे काफी बचाव रहा। वरना मुश्किल होता। -राजनाथ सिंह, यात्री।

हमारी निगाह में सभी बसें ठीक हैं। सफर के दौरान कहीं किसी बस का शीशा टूट गया हो तो उसे ठीक करा दिया जाएगा। वहीं किसी यात्री को कोई शिकायत हो तो वह दर्ज करा सकता है। - चीनी प्रसाद, एआरएम (कार्मिक), रोडवेज

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