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विरासत के सम्मान और संरक्षण से होता है समाज का विकास : सीएम
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बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पंडित राधेश्याम कथावाचक स्मृति भवन (जीआईसी ऑडिटोरियम) में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। उनके आवास को पर्यटन विभाग के सहयोग से संग्रहालय बनाने की घोषणा की। यहां पंडित राधेश्याम की स्मृतियां सहेजी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपनी विरासत का सम्मान और संरक्षण करता है, उसी का विकास भी होता है। तुलसीदास ने रामचरित मानस से लोगों को जोड़ा, वही काम पंडित राधेश्याम कथावाचक ने किया। जो राम की भक्ति करेगा उसका उद्धार होगा, चाहे जटायु हो या हनुमान। पंडित राधेश्याम को आधुनिक काल का तुलसीदास और वाल्मीकि बताया। बिहारीपुर स्थित पंडित राधेश्याम के घर को पर्यटन विभाग के माध्यम से संग्रहालय बनाने की घोषणा की। यहां उनकी सभी स्मृतियां संग्रहीत की जाएंगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां परिचित हो सकें।
यहां पंडित राधेश्याम कथावाचक की पौत्री शारदा भार्गव, पौत्र काशीनाथ शर्मा और उनकी पत्नी ज्योति शर्मा, पौत्र दिवंगत विश्वनाथ शर्मा की पत्नी विजय लक्ष्मी शर्मा समेत जनप्रतिनिधि और अफसर मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अवनीश कुमार ने किया।
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पंडित राधेश्याम का जीवन परिचय साझा किया
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंडित राधेश्याम कथावाचक का जन्म 25 नवंबर 1890 को हुआ था। वह महान नाटककार और प्रसिद्ध कथावाचक थे। उनकी लोकप्रिय कृति राधेश्याम रामायण है, जिसे उन्होंने 25 खंडों में पद्यबद्ध किया। इस कृति की करीब पौने दो करोड़ से अधिक प्रतियां प्रकाशित हुईं। स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने भी उनसे राम कथा सुनी थी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपनी विरासत का सम्मान और संरक्षण करता है, उसी का विकास भी होता है। तुलसीदास ने रामचरित मानस से लोगों को जोड़ा, वही काम पंडित राधेश्याम कथावाचक ने किया। जो राम की भक्ति करेगा उसका उद्धार होगा, चाहे जटायु हो या हनुमान। पंडित राधेश्याम को आधुनिक काल का तुलसीदास और वाल्मीकि बताया। बिहारीपुर स्थित पंडित राधेश्याम के घर को पर्यटन विभाग के माध्यम से संग्रहालय बनाने की घोषणा की। यहां उनकी सभी स्मृतियां संग्रहीत की जाएंगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां परिचित हो सकें।
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यहां पंडित राधेश्याम कथावाचक की पौत्री शारदा भार्गव, पौत्र काशीनाथ शर्मा और उनकी पत्नी ज्योति शर्मा, पौत्र दिवंगत विश्वनाथ शर्मा की पत्नी विजय लक्ष्मी शर्मा समेत जनप्रतिनिधि और अफसर मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अवनीश कुमार ने किया।
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पंडित राधेश्याम का जीवन परिचय साझा किया
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंडित राधेश्याम कथावाचक का जन्म 25 नवंबर 1890 को हुआ था। वह महान नाटककार और प्रसिद्ध कथावाचक थे। उनकी लोकप्रिय कृति राधेश्याम रामायण है, जिसे उन्होंने 25 खंडों में पद्यबद्ध किया। इस कृति की करीब पौने दो करोड़ से अधिक प्रतियां प्रकाशित हुईं। स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने भी उनसे राम कथा सुनी थी।