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जिक्रे हुसैन की सजी महफिल, तालीम, सब्र और अखलाक पर दिया जोर
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बरेली। सुभाषनगर पुरवा बब्बन खां के पुश्तैनी इमामबाड़ा चुम्मन बी में जिक्रे हुसैन की महफिल सजाई गई। इसमें उलमा ने शहीदाने कर्बला का जिक्र करते हुए तालीम, सब्र और अखलाक पर जोर दिया।
इस मौके पर तमाम अकीदतमंदों ने अलम पेश कर नियाज दिलाई और मन्नतों मुराद मांगी। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। इस बीच शर्बत सबील और लंगर भी तकसीम किया गया। इस मौके पर फरजाना रऊफ ने बताया कि यह 160 साल पुराना इमामबाड़ा है, जो कौमी एकता की एक मिसाल है। यहां मजहबो मिल्लत के लोग मन्नतो मुराद लेकर आते हैं।
इस दौरान फरजाना, शहनाज बी, मेहनाज, अदीबा, सलमा, कामिल खान, वामिक खान, फरहा, गजल, सैफ उल्लाह खां, आतिफ, महेकशा, समरीन आदि मौजूद रहे। नेहाल खान व राश्मी खान ने बताया कि शनिवार का यहां से दोपहर बाद जुलूस निकाला जाएगा।
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इस मौके पर तमाम अकीदतमंदों ने अलम पेश कर नियाज दिलाई और मन्नतों मुराद मांगी। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। इस बीच शर्बत सबील और लंगर भी तकसीम किया गया। इस मौके पर फरजाना रऊफ ने बताया कि यह 160 साल पुराना इमामबाड़ा है, जो कौमी एकता की एक मिसाल है। यहां मजहबो मिल्लत के लोग मन्नतो मुराद लेकर आते हैं।
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इस दौरान फरजाना, शहनाज बी, मेहनाज, अदीबा, सलमा, कामिल खान, वामिक खान, फरहा, गजल, सैफ उल्लाह खां, आतिफ, महेकशा, समरीन आदि मौजूद रहे। नेहाल खान व राश्मी खान ने बताया कि शनिवार का यहां से दोपहर बाद जुलूस निकाला जाएगा।
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