जल आकाश की जमीन की हो गई नपाई
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तहसील सदर से राजस्व और नगर निगम की संयुक्त टीम ने नदौसी में जल आकाश के कब्जे वाली सरकारी जमीन की पैमाइश की। पूरब से पश्चिमी और उत्तर से दक्षिण तक बाउंड्रीवाल के बाहर और अंदर नापकर कब्जे की स्थिति का आकलन करने के बाद टीम जांच रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हैं।
बुधवार को तहसील से लेखपाल लियाकत अली, हरद्वारी लाल, रामेंद्र शर्मा, परशुराम गंगवार और नगर निगम से जेई आसिफ अली, मानचित्रकार हसन और हरीश भारती ने नदौसी में मौके पर जाकर जल आकाश के कब्जे वाली जमीन की पैमाइश की। सात सदस्यीय टीम ने हाइवे से लेकर फर्म के आगे तक पूरी जमीन नापी। जमीन की पैमाइश में तीन घंटे से ज्यादा लगे। नाप जोख के बाद दोनों टीमें जमीन पर कब्जे संबंधी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। तहसील की टीम निगम के जेई और मानचित्रकार की मदद से जांच रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। अफसरों के समक्ष जांच रिपोर्ट दो दिन के अंदर प्रस्तुत की जाएगी।
बता दें कि राज्यपाल रामनाईक के बरेली आगमन के दौरान भाजपा नेताओं ने जल आकाश फर्म पर रामपुर रोड स्थित नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगाकर ज्ञापन दिया था। इसमें मेयर डा. आईएस तोमर और उनके निजी सचिव पर भी आरोप लगाए गए थे। हालांकि दोनों ने जल आकाश फर्म से कोई संबंध न होने की बात कही थी। इसके बाद नगर आयुक्त ने जमीन पर अवैध कब्जे की जांच तहसील और नगर निगम की टीम से कराने के आदेश दिए थे।
‘मैने खुद 26 अप्रैल को नगर आयुक्त को पत्र देकर नदौसी जमीन पर कब्जे की जांच की मांग की थी। इस पर सात सदस्यीय टीम ने हाइवे से लेकर प्लांट के आगे तक जमीन की पैमाइश की। जल आकाश की 6700 वर्ग मीटर जमीन मुझे एकल स्वामित्व के रूप में मिली थी। सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप राजनीति से प्रेरित है।’ मनीष अग्रवाल, डायरेक्टर जल आकाश