अपराजिता: पूनम ने फैलाया शिक्षा का उजियारा... बच्चों को बनाया हाईटेक; मम्मियां भी नहीं अब अंगूठाटेक
मेरठ की रहने वाली पूनम तोमर बरेली के प्राथमिक विद्यालय बेहटा चौहान में तैनात हैं। उन्होंने यहां बच्चों के साथ उनकी मांओं को भी शिक्षित किया है। छुट्टी के बाद स्कूल में महिलाओं की क्लास लगाई। उन्होंने अक्षर ज्ञान कराकर नाम लिखना सिखाया।
विस्तार
बरेली के बेहटा चौहान के प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पूनम अपनी मेहनत, लगन और कौशल से न सिर्फ यहां के बच्चों को बेहतर शिक्षा दे रही हैं, बल्कि उनकी मम्मियों के जीवन में भी शिक्षा का उजियारा ला रही हैं। कई प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट टीवी अब पहुंच रहे हैं। मगर यहां के बच्चे कोविड आने से पहले ही अपनी मैडम के यूट्यूब चैनल से पढ़ाई कर रहे हैं। पूनम अपने स्कूल के बच्चों को दिन ब दिन स्मार्ट बनाने की कोशिश कर रही हैं।
मेरठ में सरथना रोड पर कंकरखेड़ा की रहने वाली पूनम की शुरुआती शिक्षा मेरठ से हुई है। वह बास्केटबॉल और बेसबॉल की ऑल इंडिया खिलाड़ी भी रही हैं। नवंबर, वर्ष 2015 में प्राइमरी स्कूल बेहटा चौहान में सहायक अध्यापक के रूप में तैनाती हुई। पूनम ने कुछ दिनों तक बच्चों को पारंपरिक तरीकों से ही पढ़ाना जारी रखा। मगर इसके बाद नए-नए प्रयोगों से पढ़ाना शुरू किया।
2017 में बनाया यूट्यूब चैनल
उन्होंने वर्ष 2017 में यूट्यूब पर अपने स्कूल का एक चैनल बनाया। इसमें बच्चों की पढ़ाई से संबंधित सामग्री डालनी शुरू की। उन्होंने यह सारी कवायद गर्भावस्था के दौरान शुरू की। दरअसल, उनके विद्यालय में सिर्फ दो ही शिक्षक थे। उन्हें लगा कि जब वह छुट्टी पर जाएंगी तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
ये भी पढ़ें- मंदिर में मर्यादित कपड़े पहनकर आएं: हाफ पैंट, कटी-फटी जींस पहने श्रद्धालुओं की नो एंट्री; गेट पर नोटिस चस्पा
अब मम्मियां अंगूठा नहीं लगाएंगी, हस्ताक्षर करेंगी
पूनम तोमर बताती हैं पिछले साल उन्होंने अभिभावक मीटिंग में बच्चों की मांओं से बात की तो पता चला कि उनमें से अधिकतर अपना नाम भी नहीं लिख पाती हैं। बैंक में पैसा निकालने के लिए अंगूठा लगाना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने मांओं की कक्षा भी लगानी शुरू की। बच्चों की छुट्टी के बाद एक घंटे की कक्षा उनकी मांओं की उसी स्कूल में लगने लगी। आज कई महिलाएं शिक्षित हो चुकी हैं।बच्चों को अभियान में किया शामिल
पूनम तोमर ने इसी साल गांव की महिलाओं को शिक्षित करने के लिए अपने स्कूल के बच्चों को भी शामिल किया। बच्चों की जब छुट्टियां हुईं तो उन्हें अनोखा होमवर्क दिया। वह यह कि गर्मी की छुट्टियों में बच्चे अपने गांव के एक व्यक्ति को शिक्षित करेंगे। 27 जून को जब स्कूल खुलेंगे तो बताएंगे कि उन्होंने किसे शिक्षित किया। उसकी पूरी जानकारी भी स्कूल में लिखकर देनी होगी।
ये भी पढ़ें- नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव: भाजपा के 10 और सपा के दो सदस्य निर्विरोध निर्वाचित, रेनू यादव का पर्चा खारिज
पूनम तोमर ने बताया कि मेरा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी अच्छी शिक्षा हासिल करें। उनके घर, मोहल्ले और गांव का कोई व्यक्ति निरक्षर न रहे। जो काम मिला है उसे इतना अच्छे तरीके से किया जाए कि समाज याद रखे। उसका लाभ सभी लोगों को मिले।