{"_id":"5d2cdc048ebc3e6d1214ee06","slug":"poltical-bareilly-news-bly3687415111","type":"story","status":"publish","title_hn":"साक्षी प्रकरण में राजनीतिक साजिश की चर्चा पर शासन गंभीर, अफसरों से रिपोर्ट मांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साक्षी प्रकरण में राजनीतिक साजिश की चर्चा पर शासन गंभीर, अफसरों से रिपोर्ट मांगी
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बरेली। बिथरी चैनपुर के भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी के प्रकरण में राजनीतिक साजिश की चर्चाओं को हाईकमान ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसकी जानकारी दे दी गई है। शासन की ओर से इसके बाद अफसरों को इस प्रकरण में राजनीतिक साजिश के एंगल पर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
विधायक पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी तीन जुलाई को उनकी गैरमौजूदगी में घर से अजितेश के साथ चली गई थी। प्रयागराज के एक मंदिर में शादी करने के बाद साक्षी का एक वीडियो नौ जुलाई को वायरल हुआ था जिसमें उसने अजितेश के साथ शादी करने का खुलासा करते हुए अपने पिता पप्पू भरतौल से जान का खतरा होने का अंदेशा जताया था। इसी के साथ यह मामला सुर्खियों में आ गया था। अजितेश विधायक के बेटे विक्की का दोस्त था। उनके घर भी उसका आना-जाना था। दो दिन पहले विधायक के परिवार की ओर से संकेत दिए गए थे कि साक्षी का अजितेश से शादी करना प्रेम विवाह का सामान्य मामला नहीं था बल्कि इसे साजिशन अंजाम दिया गया था। इसी के साथ पार्टी के ही दो दिग्गज नेताओं का नाम भी चर्चा में आ गया था।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान ने राजनीतिक साजिश की बात को काफी गंभीरता से लिया है। पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जानकारी में लाया गया है। इसके बाद अफसरों को शासन से इस प्रकरण की गहराई से जांच कर पता लगाने को कहा गया है कि राजनीतिक साजिश की बात किस हद तक सही है। सूत्रों के मुताबिक शासन के निर्देश आने के बाद खुफिया तौर पर इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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शादी का मामला पारिवारिक कोई दखल नहीं देगी पार्टी
हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक हाईकमान ने साक्षी के अजितेश के साथ शादी करने के मामले को विधायक पप्पू भरतौल का पारिवारिक मामला माना है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक पार्टी की ओर से इस मामले में कोई दखलंदाजी नहीं की जाएगी। जांच सिर्फ इस बात की कराई जा रही है कि इस मामले में विधायक के खिलाफ कोई राजनीतिक साजिश तो नहीं हुई है। इस प्रकरण में पार्टी के बड़े नेताओं ने कोई बयान देने से भी इनकार कर दिया।
अजितेश के पिता ने नहीं उठाया फोन
सोमवार को अमर उजाला ने अजितेश के पिता हरीश कुमार से संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन कॉल रिसीव नहीं की। बताया जाता है कि हाईकोर्ट में साक्षी और अजितेश की पेशी के बाद पूरा परिवार किसी अज्ञात स्थान पर चला गया है। बरेली स्थित हरीश कुमार के घर में भी अभी तक ताला पड़ा हुआ है।
शातिर निकला विकास तिवारी, जांच शुरू होने से पहले ही एकाउंट डिलीट
बरेली। फरीदपुर विधायक श्याम बिहारी लाल के नाम के व्हाट्सएप एकाउंट पर हुई चैट को वायरल करने वाले विकास तिवारी ने इस मामले में जांच शुरू होने से पहले ही पुलिस को गच्चा दे दिया। सोमवार को पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि विकास तिवारी ने अपने एकाउंट का यूआरएल ही डिलीट कर दिया है। पुलिस अब विकास तिवारी नाम के शख्स का पता लगाने के लिए अमेरिका में व्हाट्सएप मुख्यालय संपर्क करेगी, हालांकि फिर भी इसके जरिये विकास तिवारी का पता लगने की अब न के बराबर उम्मीद मानी जा रही है।
विकास तिवारी नाम के शख्स की रविवार को फरीदपुर के विधायक श्याम बिहारी लाल के नाम के एकाउंट पर हुई चैट वायरल की गई थी। इस चैटिंग में बिथरी के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी के प्रकरण में बातचीत की गई थी। विकास तिवारी ने इसमें फरीदपुर विधायक पर साक्षी और अजितेश की शादी प्रकरण में साजिश का आरोप लगाया था तो फरीदपुर विधायक की ओर से पप्पू भरतौल और विकास तिवारी को धमकियां दी गई थीं। इस बातचीत में दोनों ओर से जमकर अपशब्दों और गालियों का भी इस्तेमाल किया गया था। यह मामला जानकारी में आने के बाद विधायक श्याम बिहारी एसएसपी से मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि फर्जी व्हाट्सएप चैटिंग वायरल कर उन्हें बदनाम करने के साथ विधायक राजेश मिश्रा के साथ दुश्मनी कराने की साजिश रची गई है। देर रात इस मामले में फरीदपुर विधायक के प्रतिनिधि की ओर से तहरीर दी गई, जिस पर थाना बारादरी में एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
एसएसपी के आदेश पर साइबर सेल ने सोमवार को इस मामले में छानबीन शुरू की तो पता चला कि विकास तिवारी ने अपने एकाउंट का यूआरएल यानी यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर ही डिलीट कर दिया है। इसके बाद पुलिस की जांच रुक गई है। बताया जा रहा है कि अब पुलिस के पास विकास तिवारी का पता लगाने के लिए व्हाट्सएप मुख्यालय संपर्क करने का ही विकल्प रह गया है, हालांकि व्हाट्सएप मुख्यालय से कोई जानकारी मिलने की उम्मीद न के बराबर ही है। फरीदपुर विधायक के जिस फर्जी एकाउंट पर चैट की गई थी उसका इस्तेमाल किसने किया, पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी है।
अब बैरिया विधायक बोले- साक्षी को कष्ट पहुंचाएगा अजितेश
बरेली/बलिया। पहले गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश ने साक्षी प्रकरण में उसके पिता बिथरी के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल पर निशाना साधने के लिए टीवी चैनल की एंकर की आलोचना करते हुए उसे अपने बेटे से अपनी बेटी की शादी करने का प्रस्ताव भेजा था, अब बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी साक्षी के अजितेश के साथ घर से भागकर शादी करने के निर्णय को निम्न स्तर का बताया है। बैरिया विधायक ने कहा है कि यह तय है कि अजितेश कुछ दिनों के बाद साक्षी को कष्ट पहुंचाएगा। यह गलत फैसला है जिसके लिए साक्षी को भविष्य में पश्चाताप करना पड़ेगा।
साक्षी-अजितेश को भरतौल के विरोधियों से ज्यादा खतरा
बरेली। साक्षी ने भले ही अपने पिता भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल से जान का खतरा जताया है, लेकिन खुफिया विभाग को अंदेशा है कि भरतौल के विरोधियों से साक्षी और अजितेश को कहीं ज्यादा खतरा है। इसके बाद अधिकारियों में साक्षी-अजितेश की सुरक्षा के मसले पर चिंता झलकने लगी है। इस बीच एडीजी अविनाश चंद्र ने एसएसपी को इस मामले पर कड़ी निगाह रखने के निर्देश दिए हैं।
नौ जुलाई को पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर पिता से अपनी और अजितेश की जान को खतरा बताया था। इसके बाद हर दिन इस मामले में नया मोड़ आता गया। रविवार को पुलिस ने विधायक भरतौल के करीब रहे चंदपुर बिचपुरी निवासी गौरव उर्फ अरमान सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सोमवार को हाईकोर्ट परिसर में अजितेश के साथ मारपीट की गई। विरोधी पक्ष इसके पीछे विधायक भरतौल का हाथ बता रहा है। लगातार नाटकीय घटनाक्रम के बाद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। अफसरों को दिए गए खुफिया इनपुट के मुताबिक विधायक भरतौल के धुरविरोधी अंदरखाने एकजुट हो गए हैं। सिर्फ यही नहीं भरतौल के इर्द-गिर्द भी संदिग्ध लोगों की मौजूदगी है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि पप्पू भरतौल के आसपास उनके विरोधी मौजूदगी बनाए हुए हैं। मीडिया में इस प्रकरण में सुर्खियों में लाने का काम भी सुनियोजित ढंग से किया गया है।
साक्षी-अजितेश के साथ रहेगी इज्जतनगर पुलिस
साक्षी व अजितेश की सुरक्षा को इज्जतगर पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजी गई थी। सीओ सिटी तृतीय कुलदीप कुमार ने बताया कि दिल्ली गई पुलिस टीम अभी साक्षी-अजितेश की सुरक्षा में रहेगी। वे जहां जाएंगे उनके साथ पुलिस जाएगी।
एसएसपी को इस मामले पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक साक्षी-अजितेश को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। पुलिस की एक टीम उनकी सुरक्षा में लगी भी है। - अविनाश चंद्र एडीजी
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विधायक पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी तीन जुलाई को उनकी गैरमौजूदगी में घर से अजितेश के साथ चली गई थी। प्रयागराज के एक मंदिर में शादी करने के बाद साक्षी का एक वीडियो नौ जुलाई को वायरल हुआ था जिसमें उसने अजितेश के साथ शादी करने का खुलासा करते हुए अपने पिता पप्पू भरतौल से जान का खतरा होने का अंदेशा जताया था। इसी के साथ यह मामला सुर्खियों में आ गया था। अजितेश विधायक के बेटे विक्की का दोस्त था। उनके घर भी उसका आना-जाना था। दो दिन पहले विधायक के परिवार की ओर से संकेत दिए गए थे कि साक्षी का अजितेश से शादी करना प्रेम विवाह का सामान्य मामला नहीं था बल्कि इसे साजिशन अंजाम दिया गया था। इसी के साथ पार्टी के ही दो दिग्गज नेताओं का नाम भी चर्चा में आ गया था।
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सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान ने राजनीतिक साजिश की बात को काफी गंभीरता से लिया है। पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जानकारी में लाया गया है। इसके बाद अफसरों को शासन से इस प्रकरण की गहराई से जांच कर पता लगाने को कहा गया है कि राजनीतिक साजिश की बात किस हद तक सही है। सूत्रों के मुताबिक शासन के निर्देश आने के बाद खुफिया तौर पर इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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शादी का मामला पारिवारिक कोई दखल नहीं देगी पार्टी
हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक हाईकमान ने साक्षी के अजितेश के साथ शादी करने के मामले को विधायक पप्पू भरतौल का पारिवारिक मामला माना है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक पार्टी की ओर से इस मामले में कोई दखलंदाजी नहीं की जाएगी। जांच सिर्फ इस बात की कराई जा रही है कि इस मामले में विधायक के खिलाफ कोई राजनीतिक साजिश तो नहीं हुई है। इस प्रकरण में पार्टी के बड़े नेताओं ने कोई बयान देने से भी इनकार कर दिया।
अजितेश के पिता ने नहीं उठाया फोन
सोमवार को अमर उजाला ने अजितेश के पिता हरीश कुमार से संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन कॉल रिसीव नहीं की। बताया जाता है कि हाईकोर्ट में साक्षी और अजितेश की पेशी के बाद पूरा परिवार किसी अज्ञात स्थान पर चला गया है। बरेली स्थित हरीश कुमार के घर में भी अभी तक ताला पड़ा हुआ है।
शातिर निकला विकास तिवारी, जांच शुरू होने से पहले ही एकाउंट डिलीट
बरेली। फरीदपुर विधायक श्याम बिहारी लाल के नाम के व्हाट्सएप एकाउंट पर हुई चैट को वायरल करने वाले विकास तिवारी ने इस मामले में जांच शुरू होने से पहले ही पुलिस को गच्चा दे दिया। सोमवार को पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि विकास तिवारी ने अपने एकाउंट का यूआरएल ही डिलीट कर दिया है। पुलिस अब विकास तिवारी नाम के शख्स का पता लगाने के लिए अमेरिका में व्हाट्सएप मुख्यालय संपर्क करेगी, हालांकि फिर भी इसके जरिये विकास तिवारी का पता लगने की अब न के बराबर उम्मीद मानी जा रही है।
विकास तिवारी नाम के शख्स की रविवार को फरीदपुर के विधायक श्याम बिहारी लाल के नाम के एकाउंट पर हुई चैट वायरल की गई थी। इस चैटिंग में बिथरी के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी के प्रकरण में बातचीत की गई थी। विकास तिवारी ने इसमें फरीदपुर विधायक पर साक्षी और अजितेश की शादी प्रकरण में साजिश का आरोप लगाया था तो फरीदपुर विधायक की ओर से पप्पू भरतौल और विकास तिवारी को धमकियां दी गई थीं। इस बातचीत में दोनों ओर से जमकर अपशब्दों और गालियों का भी इस्तेमाल किया गया था। यह मामला जानकारी में आने के बाद विधायक श्याम बिहारी एसएसपी से मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि फर्जी व्हाट्सएप चैटिंग वायरल कर उन्हें बदनाम करने के साथ विधायक राजेश मिश्रा के साथ दुश्मनी कराने की साजिश रची गई है। देर रात इस मामले में फरीदपुर विधायक के प्रतिनिधि की ओर से तहरीर दी गई, जिस पर थाना बारादरी में एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
एसएसपी के आदेश पर साइबर सेल ने सोमवार को इस मामले में छानबीन शुरू की तो पता चला कि विकास तिवारी ने अपने एकाउंट का यूआरएल यानी यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर ही डिलीट कर दिया है। इसके बाद पुलिस की जांच रुक गई है। बताया जा रहा है कि अब पुलिस के पास विकास तिवारी का पता लगाने के लिए व्हाट्सएप मुख्यालय संपर्क करने का ही विकल्प रह गया है, हालांकि व्हाट्सएप मुख्यालय से कोई जानकारी मिलने की उम्मीद न के बराबर ही है। फरीदपुर विधायक के जिस फर्जी एकाउंट पर चैट की गई थी उसका इस्तेमाल किसने किया, पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी है।
अब बैरिया विधायक बोले- साक्षी को कष्ट पहुंचाएगा अजितेश
बरेली/बलिया। पहले गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश ने साक्षी प्रकरण में उसके पिता बिथरी के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल पर निशाना साधने के लिए टीवी चैनल की एंकर की आलोचना करते हुए उसे अपने बेटे से अपनी बेटी की शादी करने का प्रस्ताव भेजा था, अब बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी साक्षी के अजितेश के साथ घर से भागकर शादी करने के निर्णय को निम्न स्तर का बताया है। बैरिया विधायक ने कहा है कि यह तय है कि अजितेश कुछ दिनों के बाद साक्षी को कष्ट पहुंचाएगा। यह गलत फैसला है जिसके लिए साक्षी को भविष्य में पश्चाताप करना पड़ेगा।
साक्षी-अजितेश को भरतौल के विरोधियों से ज्यादा खतरा
बरेली। साक्षी ने भले ही अपने पिता भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल से जान का खतरा जताया है, लेकिन खुफिया विभाग को अंदेशा है कि भरतौल के विरोधियों से साक्षी और अजितेश को कहीं ज्यादा खतरा है। इसके बाद अधिकारियों में साक्षी-अजितेश की सुरक्षा के मसले पर चिंता झलकने लगी है। इस बीच एडीजी अविनाश चंद्र ने एसएसपी को इस मामले पर कड़ी निगाह रखने के निर्देश दिए हैं।
नौ जुलाई को पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर पिता से अपनी और अजितेश की जान को खतरा बताया था। इसके बाद हर दिन इस मामले में नया मोड़ आता गया। रविवार को पुलिस ने विधायक भरतौल के करीब रहे चंदपुर बिचपुरी निवासी गौरव उर्फ अरमान सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सोमवार को हाईकोर्ट परिसर में अजितेश के साथ मारपीट की गई। विरोधी पक्ष इसके पीछे विधायक भरतौल का हाथ बता रहा है। लगातार नाटकीय घटनाक्रम के बाद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। अफसरों को दिए गए खुफिया इनपुट के मुताबिक विधायक भरतौल के धुरविरोधी अंदरखाने एकजुट हो गए हैं। सिर्फ यही नहीं भरतौल के इर्द-गिर्द भी संदिग्ध लोगों की मौजूदगी है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि पप्पू भरतौल के आसपास उनके विरोधी मौजूदगी बनाए हुए हैं। मीडिया में इस प्रकरण में सुर्खियों में लाने का काम भी सुनियोजित ढंग से किया गया है।
साक्षी-अजितेश के साथ रहेगी इज्जतनगर पुलिस
साक्षी व अजितेश की सुरक्षा को इज्जतगर पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजी गई थी। सीओ सिटी तृतीय कुलदीप कुमार ने बताया कि दिल्ली गई पुलिस टीम अभी साक्षी-अजितेश की सुरक्षा में रहेगी। वे जहां जाएंगे उनके साथ पुलिस जाएगी।
एसएसपी को इस मामले पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक साक्षी-अजितेश को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। पुलिस की एक टीम उनकी सुरक्षा में लगी भी है। - अविनाश चंद्र एडीजी