Bareilly: किसान की मौत प्रकरण में गिरफ्तारी के डर से नामजद पुलिसकर्मी फरार, एसपी देहात करेंगे विभागीय जांच
आलमपुर गांव निवासी किसान संतोष शर्मा की पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। पुलिस गांव में जुआ पकड़ने गई थी और खेत से लौटते संतोष पर जुआरियों के नाम बताने का दबाव बनाया था। नाम नहीं बताने पर उन्हें बेरहमी से पीटा गया था। इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सात पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। ये सातों रिपोर्ट में नामजद हैं।
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बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में पुलिस की पिटाई किसान की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद नामजद व निलंबित पुलिसकर्मी फरार हो गए हैं। एसपी देहात को उनकी विभागीय जांच सौंपी गई है। मामले की विवेचना एसएसपी दूसरे थाने से कराएंगे।
गांव आलमपुर में किसान संतोष शर्मा की पुलिस की पिटाई से मौत के मामले में दो दरोगा समेत सात पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए थे। साथ ही एंबुलेंस चालक समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोपी पुलिसकर्मी तभी से लापता हो गए हैं। बताया जा रहा है कि वह कानूनी जानकारों के संपर्क में रहकर बचने का जुगाड़ तलाश रहे हैं।
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एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्रा को दी गई है। भमोरा में दर्ज मुकदमे की विवेचना किसी दूसरे थाने से कराई जाएगी। थाना तय करने की जिम्मेदारी एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह को दी गई है।
पैनल से संतोष शर्मा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसकी वीडियोग्राफी भी की गई। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट से मौत होने की पुष्टि हुई। साथ ही शरीर पर चोट के नौ निशान मिले हैं।
36 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो धरना देंगे: अमिताभ ठाकुर
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि थाना भमोरा के आलमपुर निवासी संतोष शर्मा को पुलिसवालों ने पीटकर मारा डाला। इस मामले में बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने 36 घंटे में दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की बात कही थी।
यदि 36 घंटों में आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आजाद अधिकार सेना बरेली में कलक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेगी, इसके लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा।