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पीलीभीत में प्रॉपर्टी डीलिंग करने वाले सिपाही की सेवा समाप्त
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बरेली। पीलीभीत से एक सिपाही को दो साल पहले बरेली ट्रांसफर किया गया। तब से उसने यहां ज्वाइन ही नहीं किया। कई बार उसे नोटिस भेजे गए। बाद में पता लगा कि वह पीलीभीत में ही प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में मशगूल है। एसएसपी ने अब उसे बर्खास्त कर दिया है।
सिपाही वेदप्रकाश कश्यप कई साल से पीलीभीत जिले में तैनात था। शिकायतों के बाद 2017 में उसका ट्रांसफर बरेली कर दिया गया। तब से वेदप्रकाश ने बरेली में ज्वाइन ही नहीं किया। कई बार रिमाइंडर और नोटिस भेजे गए पर वेदप्रकाश का जवाब नहीं दिया। जांच में पता लगा कि वेदप्रकाश ने पीलीभीत में ही प्रॉपर्टी डीलिंग का बड़ा काम कर लिया है और उसे नौकरी की जरूरत नहीं है। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने अब उसे बर्खास्त कर दिया है। बता दें कि एसओजी और थानों में तेजतर्रार सिपाही के रूप में काम करते हुए वेदप्रकाश ने पीलीभीत में प्रभावशाली लोगों से संबंध बना लिए। एक दिवंगत सिपाही के बेटे के साथ प्रॉपर्टी का काम शुरू किया जो बढ़ता चला गया। बताते हैं कि वेदप्रकाश ने वीआरएस के लिए भी आवेदन किया था जो तकनीकी कारणों से स्वीकृत नहीं हो सका।
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सिपाही वेदप्रकाश कश्यप कई साल से पीलीभीत जिले में तैनात था। शिकायतों के बाद 2017 में उसका ट्रांसफर बरेली कर दिया गया। तब से वेदप्रकाश ने बरेली में ज्वाइन ही नहीं किया। कई बार रिमाइंडर और नोटिस भेजे गए पर वेदप्रकाश का जवाब नहीं दिया। जांच में पता लगा कि वेदप्रकाश ने पीलीभीत में ही प्रॉपर्टी डीलिंग का बड़ा काम कर लिया है और उसे नौकरी की जरूरत नहीं है। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने अब उसे बर्खास्त कर दिया है। बता दें कि एसओजी और थानों में तेजतर्रार सिपाही के रूप में काम करते हुए वेदप्रकाश ने पीलीभीत में प्रभावशाली लोगों से संबंध बना लिए। एक दिवंगत सिपाही के बेटे के साथ प्रॉपर्टी का काम शुरू किया जो बढ़ता चला गया। बताते हैं कि वेदप्रकाश ने वीआरएस के लिए भी आवेदन किया था जो तकनीकी कारणों से स्वीकृत नहीं हो सका।
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