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एक तो भूखे-प्यासे.. ऊपर से सिपाही ने पीटा तो भड़क गए

Wed, 06 May 2020 12:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2020 12:23 AM IST
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One is hungry and thirsty .. the soldier got beaten up by the soldier
पिटाई के जख्म दिखाता प्रवासी मजदूर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

मीरगंज और मिलक के सीओ में तनातनी, एकदूसरे पर अनदेखी के आरोप

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मीरगंज। प्रवासी मजदूरों के साथ उनके बच्चे और महिलाएं तक जब भूख प्यास से तड़पने लगे तो उनका सब्र जवाब दे गया। इस बीच औरेया के एक मजदूर भूप सिंह को लभारी चौकी के सिपाही का पीटना भी आग में घी साबित हुआ। हाइवे पर जाम में एंबुलेंस भी फंस गई।
पंजाब से आए गया बिहार निवासी प्रवेश कुमार, नरेश यादव, अभिषेक कुमार, रामरेख यादव और संतकबीर नगर के दिनेश आदि ने बताया कि मिलक प्रशासन ने उन्हें जाने दिया तभी वह मीरगंज की सीमा में आ गए थे। यहां से उन्हें खदेड़ दिया तो 36 घंटे से खेत में पड़े थे। साथ में दो महिलाएं हैं जिनमें से एक गर्भवती है। करीब दस बच्चे भी हैं। कोरोना से नहीं तो हम लोग मच्छरों के काटने से मलेरिया से मर जाएंगे। हमारी सुध लेने की किसी ने सुध नहीं की तो जाम लगाना पड़ा।
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जाम खुलवाने की जद्दोजहद में सीओ जगमोहन बुटौला और मिलक के सीओ धर्म सिंह मार्छाल में तीखी झड़प हो गई। मीरगंज सीओ ने उन पर जबरन मजदूर इधर भेजने की तोहमत जड़ी। वहीं मिलक सीओ का कहना था कि हाईवे से किसी मजदूर को आगे नहीं जाने दे रहे हैं। अगर कोई खेतों के रास्ते आ गया तो आप लोगों को उसकी व्यवस्था करनी चाहिए थी।
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एसडीएम मीरगंज राजेश चंद्र का भी कहना था कि प्रवासी मजदूरों के बारे में शासन से स्पष्ट निर्देश हैं कि दूसरे जिलों में न भेजा जाए। मिलक प्रशासन को इन्हें अपने ही यहां रोकना चाहिए था। एसडीएम मिलक ज्योति गौतम ने कहा कि इन सभी को अपने यहां शेल्टर होम में रखेंगी। वरिष्ठ अधिकारियों से बात करके इन्हें घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इससे पहले जंगल में शरण लिए मजदूरों कोराधा स्वामी सत्संग भवन समिति ने भोजन आदि उपलब्ध कराया था।

प्रवासी मजदूरों की संख्या ज्यादा होने की वजह से समस्या आ रही है। बरेली से बसों का इंतजाम करके जंक्शन से मजदूर भिजवाए गए हैं। मिलक के मजदूरों की स्थिति की जानकारी कर उन्हें भी भिजवाएंगे। - अविनाश चंद्र, एडीजी जोन

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