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यूपी: सवर्ण आरक्षण से प्रभावित होंगे पुराने एडमिशन, बदले जाएंगे कॉलेज
Sat, 20 Jul 2019 06:24 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: Abhishek Singh
Updated Sat, 20 Jul 2019 06:24 AM IST
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दाखिला की तारीख पक्की नहीं
- फोटो : Social Media (File Photo)
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बीएड में गरीब सवर्णों (ईडब्ल्यूएस) का आरक्षण लागू कर एडमिशन के लिए शासन ने अब तक कोई तारीख पक्की नहीं की है। इस वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता भी बढ़ रही है क्योंकि ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने के बाद पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया का प्रभावित होना तय है। कुछ छात्र-छात्राओं की फीस वापस होगी तो कुछ के कॉलेज भी बदले जाएंगे।
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इस बार पूरे प्रदेश में बीएड की प्रवेश परीक्षा और एडमिशन की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई है। तीन चरण की काउंसलिंग के बाद खाली सीटों पर निजी कॉलेज सीधे एडमिशन लेने की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। इसके तहत करीब 2.13 लाख सीटें भरी जा चुकी हैं, करीब तीन हजार सीटें अभी खाली हैं। वहीं, 14 जुलाई को एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन) बीएड में ईडब्ल्यूएस कोटा लागू करने के आदेश दे चुकी है।
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15 जुलाई प्रवेश प्रक्रिया का अंतिम दिन होने के चलते सिर्फ एक दिन में ईडब्ल्यूएस कोटा के एडमिशन संभव नहीं थे। इसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने शासन को पत्र लिखकर ईडब्ल्यूएस कोटा के एडमिशन के लिए तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है। मगर अब तक इसकी अनुमति नहीं मिली है, जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता बढ़ी हुई है।
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ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने के बाद एडमिशन के लिए फिर एक लंबी कवायद करनी होगी। इसका प्रभाव पूर्व में हो चुके एडमिशन पर भी पड़ेगा। ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने के बाद निजी कॉलेजों में एडमिशन ले चुके कुछ छात्र-छात्राओं को सरकारी कॉलेज में सीट मिल जाएगी।
ऐसे में उनके कॉलेज बदले जाएंगे। साथ ही, कॉलेज बदलने के बाद उनकी फीस में भी अंतर आएगा। हालांकि फीस वापसी में दिक्कत नहीं होगी क्योंकि एडमिशन के दौरान जमा फीस अभी विश्वविद्यालय के पास ही है। ऐसे में इसे आसानी से वापस किया जा सकेगा।