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आठ मंजिला इमारत के लिए एयरफोर्स की एनओसी जरूरी
Updated Tue, 12 Dec 2017 12:02 AM IST
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NOC of Air Force required for eight-storey building
- फोटो : NOC of Air Force required for eight-storey building
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त्रिशूल एयरबेस एरिया के अंदर और बाहर भवन निर्माण पर रक्षा मंत्रालय से सहमति बनने के बाद शासन ने नक्शा मंजूरी के नए नियम जारी कर दिए है। अब त्रिशूल एयरबेस के चारों ओर कवर्ड एरिया 4.2 किलोमीटर तक किसी भी तरह के आवासीय भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए एयरफोर्स से मंजूरी लेनी होगी। बस, इसमें भवन निर्माणकर्ता को राहत यह है कि उसे एनओसी के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के देहरादून दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
नए नियमों के अनुसार किसी भी भवन निर्माणकर्ता को एयरबेस एरिया के अंदर 4.2 किलोमीटर सीमा तक एक मंजिल से लेकर किसी भी मंजिल तक आवासीय या कॉमर्शियल भवन का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए एयरफोर्स की एनओसी हरहाल में लेनी होगी। बिना एयरफोर्स की अनुमति के निर्धारित एरिया में भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत नहीं हो सकेगा। एयरफोर्स एरिया (4.2 किलोमीटर से 9.2 किलोमीटर तक) भवन निर्माणकर्ता 15 मीटर की ऊंचाई तक बिना एयरफोर्स की एनओसी लिए बीडीए से नक्शा स्वीकृत करा सकेंगे। इससे ऊपर की ऊंचाई में भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए एयरफोर्स की अनुमति जरूरी होगी।
एयरबेस सीमा से 9.2 किलोमीटर बाहर 21 मीटर ऊंचाई (सात मंजिल) तक किसी भी तरह का निर्माण कराने का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए किसी भी तरह की एनओसी की जरूरत नहीं होगी लेेकिन शहर के किसी भी हिस्से में सात मंजिल से ऊपर आवासीय या कॉमर्शियल निर्माण कराने के लिए एयरफोर्स की एनओसी हरहाल में लेनी होगी। सर्वे ऑफ इंडिया की एनओसी के बदले में भवन निर्माणकर्ता को स्थानीय स्तर पर नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, फायर स्टेशन, जल निगम, सिंचाई समेत अन्य जरूरी विभागों की एनओसी का विकल्प दिया गया है। इन विभागों की एनओसी लेने के बाद सर्वे ऑफ इंडिया के देहरादून दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि प्राइवेट कॉलोनियों का ले आऊट पास कराने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया की एनओसी लेने के लिए देहरादून जाना जरूरी होगा।
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त्रिशूल एयरबेस की सीमा (4.2 किलोमीटर) के अंदर नक्शा स्वीकृत करने के मामले पर स्थिति काफी हद तक साफ हो चुकी है। इससे बाहर एयरफोर्स की अनुमति बिना लिए आवासीय या कामर्शियल निर्माण केवल सात मंजिल तक ही हो पाएगा। इससे अधिक ऊंचाई पर किसी भी तरह का निर्माण कराने के लिए एयरफोर्स की एनओसी लेना जरूरी होगा। आशीष शिवपुरी, चीफ टाउन प्लानर बीडीए
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नए नियमों के अनुसार किसी भी भवन निर्माणकर्ता को एयरबेस एरिया के अंदर 4.2 किलोमीटर सीमा तक एक मंजिल से लेकर किसी भी मंजिल तक आवासीय या कॉमर्शियल भवन का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए एयरफोर्स की एनओसी हरहाल में लेनी होगी। बिना एयरफोर्स की अनुमति के निर्धारित एरिया में भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत नहीं हो सकेगा। एयरफोर्स एरिया (4.2 किलोमीटर से 9.2 किलोमीटर तक) भवन निर्माणकर्ता 15 मीटर की ऊंचाई तक बिना एयरफोर्स की एनओसी लिए बीडीए से नक्शा स्वीकृत करा सकेंगे। इससे ऊपर की ऊंचाई में भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए एयरफोर्स की अनुमति जरूरी होगी।
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एयरबेस सीमा से 9.2 किलोमीटर बाहर 21 मीटर ऊंचाई (सात मंजिल) तक किसी भी तरह का निर्माण कराने का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए किसी भी तरह की एनओसी की जरूरत नहीं होगी लेेकिन शहर के किसी भी हिस्से में सात मंजिल से ऊपर आवासीय या कॉमर्शियल निर्माण कराने के लिए एयरफोर्स की एनओसी हरहाल में लेनी होगी। सर्वे ऑफ इंडिया की एनओसी के बदले में भवन निर्माणकर्ता को स्थानीय स्तर पर नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, फायर स्टेशन, जल निगम, सिंचाई समेत अन्य जरूरी विभागों की एनओसी का विकल्प दिया गया है। इन विभागों की एनओसी लेने के बाद सर्वे ऑफ इंडिया के देहरादून दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि प्राइवेट कॉलोनियों का ले आऊट पास कराने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया की एनओसी लेने के लिए देहरादून जाना जरूरी होगा।
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त्रिशूल एयरबेस की सीमा (4.2 किलोमीटर) के अंदर नक्शा स्वीकृत करने के मामले पर स्थिति काफी हद तक साफ हो चुकी है। इससे बाहर एयरफोर्स की अनुमति बिना लिए आवासीय या कामर्शियल निर्माण केवल सात मंजिल तक ही हो पाएगा। इससे अधिक ऊंचाई पर किसी भी तरह का निर्माण कराने के लिए एयरफोर्स की एनओसी लेना जरूरी होगा। आशीष शिवपुरी, चीफ टाउन प्लानर बीडीए